हरियाणा कांग्रेस ने आगामी संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ और जमीनी स्तर तक मजबूत करने की दिशा में अभियान तेज कर दिया है। इसी सिलसिले में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर प्रदेश में चल रही संगठनात्मक गतिविधियों की प्रगति और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक में जिला स्तर से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संपर्क बढ़ाने और पार्टी की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
संजय दत्त ने प्रदेश में अब तक किए गए जिला दौरों, विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित संवाद बैठकों, ब्लॉक कांग्रेस सम्मेलनों और मंडल मैपिंग की स्थिति के बारे में वेणुगोपाल को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संगठन को केवल कागजी स्तर पर सक्रिय करने के बजाय प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारियां तय कर कार्यकर्ताओं को पार्टी की गतिविधियों से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। बैठक में आने वाले महीनों के कार्यक्रमों और संगठन निर्माण के अगले चरण को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से जिला इकाइयों के कामकाज की समीक्षा का सिलसिला भी जारी है। पार्टी का फोकस यह पता लगाने पर है कि जिला, ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर पर संगठनात्मक ढांचा किस स्थिति में है और उसे सक्रिय करने के लिए किन क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रयास की जरूरत है। इसी क्रम में 21 सितंबर तक प्रदेश के आठ ब्लॉकों में सम्मेलन आयोजित किए जाने हैं।
इन सम्मेलनों को संगठन के निचले स्तर तक पहुंच बढ़ाने की कवायद का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। इनमें स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ संवाद, बूथ स्तर की स्थिति की समीक्षा और क्षेत्रवार संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर चर्चा होगी। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर लोगों से जुड़े मुद्दों को पार्टी के कार्यक्रमों से जोड़ने की रणनीति पर भी विचार किया जाएगा।
अक्टूबर में जिला सम्मेलन, नवंबर से प्रशिक्षण शिविर
संजय दत्त ने केसी वेणुगोपाल को आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर में जिला कांग्रेस सम्मेलनों का आयोजन प्रस्तावित है। इसके बाद नवंबर से प्रदेश के प्रत्येक जिले में प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की योजना है। इन शिविरों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियान के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रशिक्षण शिविरों में कार्यकर्ताओं को बूथ और मंडल स्तर पर संगठन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने, स्थानीय लोगों की समस्याओं को समझने और पार्टी के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी के लिए तैयार करने की योजना है। पार्टी की कोशिश है कि संगठन में शामिल कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों और भूमिका के बारे में स्पष्ट जानकारी हो तथा जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी नियमित रूप से बूथ स्तर की गतिविधियों की निगरानी कर सकें।
कांग्रेस संगठन के लिए यह अभियान केवल सम्मेलनों और बैठकों तक सीमित रखने के बजाय इसे नियमित गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी में है। पार्टी का घोषित उद्देश्य जिला, ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर पर सक्रिय, अनुशासित और प्रशिक्षित संगठनात्मक ढांचा तैयार करना है, ताकि कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
जिलाध्यक्षों के लिए तय होंगे मापनीय लक्ष्य
गुरुग्राम में जिला कांग्रेस कमेटियों की समीक्षा बैठक के दौरान संजय दत्त ने जिलाध्यक्षों को अगले तीन महीनों के लिए स्पष्ट और मापनीय लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों की प्रगति को केवल बैठकों की संख्या या रिपोर्ट तैयार करने से नहीं जोड़ने, बल्कि उसके जमीनी प्रभाव को भी महत्व देने पर जोर दिया।
जिला अध्यक्षों से मंडल मैपिंग की स्थिति, ब्लॉक सम्मेलनों की प्रगति, एसआईआर से संबंधित कार्य, बूथ मतदाता सहायता केंद्रों और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़े कार्यों की विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इन बिंदुओं के आधार पर जिला स्तर पर संगठन की सक्रियता का आकलन किए जाने की तैयारी है।
पार्टी स्तर पर यह भी स्पष्ट किया गया है कि संगठनात्मक गतिविधियों में केवल औपचारिकता पूरी करना पर्याप्त नहीं होगा। जिला इकाइयों को यह दिखाना होगा कि उनके स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ कितना संपर्क हुआ, कितने मंडलों और बूथों को सक्रिय किया गया तथा स्थानीय मुद्दों को लेकर संगठन ने किस तरह की गतिविधियां संचालित कीं।
संजय दत्त ने संकेत दिया है कि निर्धारित संगठनात्मक मानकों के अनुरूप अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करने वाले जिलों और ब्लॉकों की समीक्षा की जा सकती है। संगठन सृजन अभियान के दूसरे चरण में ऐसे क्षेत्रों के कामकाज को दोबारा परखा जा सकता है। इसमें संबंधित संगठनात्मक नेतृत्व के प्रदर्शन की समीक्षा भी शामिल हो सकती है।
केवल बैठकों और रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा अभियान
प्रदेश कांग्रेस संगठन के इस अभियान में अब रिपोर्ट तैयार करने के बजाय परिणाम पर अधिक जोर देने की रणनीति अपनाई जा रही है। संजय दत्त ने जिला अध्यक्षों से कहा है कि संगठन की गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि बैठकों के बाद कार्यकर्ताओं की सक्रियता में भी वृद्धि दिखाई दे।
जिला स्तर पर स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उन्हें पार्टी के मंच पर उठाने और उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया है। इसके लिए जिलाध्यक्षों और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित संवाद बनाए रखने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
कांग्रेस की योजना है कि स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले मुद्दों को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं को क्षेत्र की समस्याओं के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा और जिला इकाइयों को भी अपने काम का ठोस एजेंडा तय करने में मदद मिलेगी।
ब्लॉक सम्मेलनों में स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा
21 सितंबर तक प्रस्तावित आठ ब्लॉक कांग्रेस सम्मेलनों में संगठन विस्तार के अलावा स्थानीय जनसमस्याओं पर भी चर्चा किए जाने की योजना है। इनमें बेरोजगारी, महंगाई, कृषि और एसआईआर जैसे मुद्दों को शामिल किया जाएगा। पार्टी की कोशिश है कि ब्लॉक स्तर के सम्मेलन केवल संगठनात्मक बैठक बनकर न रह जाएं, बल्कि स्थानीय कार्यकर्ताओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को समझने का मंच भी बनें।
सम्मेलनों के दौरान बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की उपलब्धता, मंडल स्तर की गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों की पहुंच की समीक्षा किए जाने की संभावना है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संगठन की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों को कार्यकर्ताओं तक किस तरह पहुंचाया जा रहा है।
पार्टी की रणनीति के तहत बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर तालमेल को अभियान की सफलता के लिए अहम माना जा रहा है।
प्रशिक्षण के जरिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने की तैयारी
नवंबर से प्रस्तावित प्रशिक्षण शिविर संगठनात्मक अभियान का अगला महत्वपूर्ण चरण होगा। पार्टी के अनुसार, प्रशिक्षण के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यप्रणाली, पार्टी के कार्यक्रमों और जमीनी स्तर पर जनसंवाद की प्रक्रिया से परिचित कराया जाएगा।
प्रशिक्षण का एक उद्देश्य यह भी रहेगा कि कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में लोगों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और स्थानीय समस्याओं को संगठन के संबंधित स्तर तक पहुंचा सकें। इसके साथ ही पार्टी की गतिविधियों को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां समझाई जाएंगी।
जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के लिए भी इन शिविरों के माध्यम से संगठनात्मक समन्वय को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा। पार्टी चाहती है कि जिला स्तर पर तय किए गए कार्यक्रमों का प्रभाव ब्लॉक, मंडल और बूथ तक दिखाई दे।
संगठन की समीक्षा अब नियमित प्रक्रिया का हिस्सा
प्रदेश कांग्रेस में चल रही समीक्षा प्रक्रिया को संगठन निर्माण अभियान के अगले चरण की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। जिला इकाइयों के प्रदर्शन की समीक्षा, मंडल मैपिंग, ब्लॉक सम्मेलन और प्रशिक्षण शिविरों के जरिए पार्टी संगठनात्मक ढांचे को चरणबद्ध तरीके से मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
अगले तीन महीने इस अभियान के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि जिला अध्यक्षों को इसी अवधि में निर्धारित लक्ष्यों पर काम करने और उसकी प्रगति दिखाने को कहा गया है। संगठनात्मक गतिविधियों की निगरानी के आधार पर कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त प्रयास किए जाने की योजना है।
इस पूरी कवायद का मुख्य जोर संगठन को नीचे तक सक्रिय करने पर है। पार्टी स्तर पर यह संदेश दिया जा रहा है कि जिला और ब्लॉक इकाइयों का मूल्यांकन केवल बैठकों और रिपोर्टों के आधार पर नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर सक्रियता, कार्यकर्ताओं से संपर्क और स्थानीय मुद्दों पर किए गए काम के आधार पर किया जाएगा।
हरियाणा कांग्रेस की आगामी संगठनात्मक रणनीति में अब जिला सम्मेलन, ब्लॉक सम्मेलन, मंडल मैपिंग और प्रशिक्षण शिविर एक-दूसरे से जुड़े चरणों के रूप में आगे बढ़ाए जाने की तैयारी है। इसके जरिए पार्टी जिला नेतृत्व से लेकर बूथ कार्यकर्ताओं तक जिम्मेदारी और जवाबदेही का ढांचा मजबूत करने पर जोर दे रही है।




