हरियाणा सरकार ने प्रदेश के नगर निकायों में लंबे समय से पालिका रोल पर सेवाएं दे रहे सफाई कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन कर्मचारियों की मांगों पर सहमति जताते हुए उनकी मासिक देय राशि बढ़ाकर 25,560 रुपये करने की घोषणा की है। सरकार के इस निर्णय से नगर निकायों में कार्यरत हजारों सफाई कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ उनके भविष्य की सुरक्षा भी मजबूत होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश को साफ-सुथरा रखने में सफाई कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ये कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में भी दिन-रात अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और शहरों तथा कस्बों की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व है कि उन्हें केवल काम के स्तर पर ही नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा के स्तर पर भी उचित संरक्षण मिले।
सरकार के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों में 13,093 पालिका रोल के सफाई कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों को अभी तक 20,590 रुपये प्रतिमाह की राशि दी जा रही है। अब सरकार उन्हें हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी अधिनियम-2024 के दायरे में लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस प्रावधान के लागू होने से इन कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के लगभग समान कई सुविधाओं और लाभों का रास्ता साफ होगा।
25,560 रुपये होगी मासिक देय राशि
मुख्यमंत्री की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों के लिए मासिक देय राशि अब 25,560 रुपये निर्धारित की जाएगी। मौजूदा 20,590 रुपये की राशि की तुलना में यह कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि सफाई कर्मचारियों को संविदात्मक कर्मचारी अधिनियम के दायरे में लाने का उद्देश्य उन्हें लंबे समय तक सेवा करने की स्थिति में अधिक स्थिरता और सुरक्षा उपलब्ध कराना है। खास तौर पर वे कर्मचारी जो एक दशक से अधिक समय से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उनके लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सफाई व्यवस्था में योगदान देने वाले कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे कर्मचारियों को बेहतर सेवा शर्तें उपलब्ध कराने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
60 वर्ष की आयु तक सेवा की सुरक्षा
सरकार के प्रस्तावित फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा से जुड़ा है। संविदात्मक कर्मचारी अधिनियम-2024 के तहत आने के बाद पात्र सफाई कर्मचारियों की 60 वर्ष की आयु तक सेवा सुनिश्चित किए जाने का प्रावधान होगा।
लंबे समय से पालिका रोल पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था इसलिए अहम है क्योंकि इससे उन्हें भविष्य को लेकर बनी रहने वाली अनिश्चितता से राहत मिल सकती है। सेवा की निश्चित अवधि और संबंधित लाभ मिलने से कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिलने की संभावना है।
2,000 रुपये का जोखिम भत्ता भी मिलेगा
सफाई कर्मचारियों का काम स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से जोखिमपूर्ण माना जाता है। नगर निकायों में सफाई व्यवस्था के दौरान उन्हें कई तरह की कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। सरकार ने इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को 2,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देने पर भी सहमति जताई है।
इस अतिरिक्त भत्ते से कर्मचारियों की मासिक आय में और इजाफा होगा। सरकार की ओर से इसे सफाई कर्मियों के काम की प्रकृति और उनके योगदान को मान्यता देने की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है।
अधिनियम के लाभ के अलावा 15 प्रतिशत अतिरिक्त राशि
हरियाणा सरकार ने सफाई कर्मचारियों के लिए केवल अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभों तक ही व्यवस्था सीमित नहीं रखी है। मुख्यमंत्री के अनुसार सरकार अधिनियम की पात्रता के अतिरिक्त 15 प्रतिशत अधिक राशि देने पर भी सहमत है।
इससे कर्मचारियों को मिलने वाली कुल आर्थिक सहायता में वृद्धि होगी। सरकार का यह कदम लंबे समय से पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से देखा जा रहा है।
महंगाई भत्ता समेत कई सुविधाओं का लाभ
हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी अधिनियम-2024 के दायरे में आने वाले पात्र कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इनमें वार्षिक महंगाई भत्ता शामिल है। महंगाई बढ़ने के साथ कर्मचारियों के वेतन और वास्तविक आय पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए यह सुविधा उनके लिए महत्वपूर्ण होगी।
इसके अलावा पात्र कर्मचारियों को डेथ कम ग्रेच्युटी का लाभ भी मिलेगा। इससे कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिलेगी।
सरकार की ओर से मातृत्व अवकाश जैसी सुविधा का भी उल्लेख किया गया है। इससे पात्र महिला कर्मचारियों को सेवा के दौरान जरूरी सामाजिक सुरक्षा और अवकाश संबंधी अधिकार हासिल होंगे।
परिवारों को भी मिलेगी आर्थिक सुरक्षा
सरकार के इस फैसले का असर केवल सफाई कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके परिवारों पर भी पड़ने की संभावना है। लंबे समय तक सेवा करने के बावजूद यदि कर्मचारियों को स्थायी प्रकृति की सेवा सुरक्षा और सामाजिक लाभ उपलब्ध न हों तो उनके परिवारों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।
60 वर्ष तक सेवा की सुरक्षा, जोखिम भत्ता, महंगाई भत्ता और डेथ कम ग्रेच्युटी जैसे प्रावधानों से कर्मचारियों के परिवारों को भी अपेक्षाकृत बेहतर आर्थिक संरक्षण मिल सकता है। यही कारण है कि सरकार के इस निर्णय को सफाई कर्मियों के कल्याण से जुड़े व्यापक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
HKRNL से जुड़ी सुविधाओं का भी प्रावधान
सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि अधिनियम के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को HKRNL के तहत मिलने वाली एक्स ग्रेसिया वित्तीय सहायता राशि और नियुक्ति जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे कर्मचारियों को अलग-अलग परिस्थितियों में वित्तीय मदद और सेवा से जुड़े अवसरों का लाभ मिल सकेगा।
सरकार का प्रयास है कि लंबे समय से सेवा दे रहे पालिका रोल के कर्मचारियों को एक ऐसी व्यवस्था के तहत लाया जाए, जिसमें उन्हें उनकी सेवा अवधि और कार्य की प्रकृति के अनुरूप अधिक सुरक्षा और सुविधाएं हासिल हों।
सफाई कर्मचारियों के योगदान को मान्यता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सफाई कर्मचारियों के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रदेश की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में इन कर्मचारियों की भूमिका बेहद अहम है। शहरों में कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और रोजमर्रा की स्वच्छता व्यवस्था को सुचारु रखने में सफाई कर्मचारी लगातार अपनी सेवाएं देते हैं।
सरकार का कहना है कि जो कर्मचारी प्रदेश को स्वच्छ रखने के लिए लगातार मेहनत करते हैं, उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। इसी सोच के तहत पालिका रोल के कर्मचारियों को संविदात्मक कर्मचारी अधिनियम के दायरे में लाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उन कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद है जो नगर निकायों में वर्षों से पालिका रोल पर सेवाएं दे रहे हैं। 10 साल से अधिक समय से कार्यरत कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और बेहतर आर्थिक लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार का यह कदम उनके लिए बड़ी राहत बन सकता है।
सरकार की योजना के तहत कर्मचारियों को मौजूदा भुगतान व्यवस्था की तुलना में बेहतर मासिक राशि के साथ-साथ जोखिम भत्ता और अन्य निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे उनके रोजगार की स्थिरता बढ़ेगी और सेवा के दौरान सामाजिक सुरक्षा का दायरा भी मजबूत होगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार का यह प्रस्ताव नगर निकायों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों के लिए आर्थिक और सेवा सुरक्षा दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 13,093 पालिका रोल कर्मचारियों को संविदात्मक कर्मचारी अधिनियम-2024 के दायरे में लाने, 25,560 रुपये मासिक देय राशि निर्धारित करने, 2,000 रुपये जोखिम भत्ता देने और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था से लंबे समय से सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ किया है कि प्रदेश को स्वच्छ रखने वालों के सम्मान, अधिकार और सुरक्षित भविष्य को लेकर सरकार गंभीर है।



