हरियाणा में पुलिस भर्ती का सिलसिला होगा तेज, 2030 तक खाली पद भरने की तैयारी

हरियाणा में पुलिस भर्ती का सिलसिला होगा तेज, 2030 तक खाली पद भरने की तैयारी

अगले दो साल में करीब 15 हजार नए पुलिसकर्मी भर्ती करने की योजना, नवंबर 2026 में 4 हजार और मार्च 2027 में 5500 पदों पर भर्ती की तैयारी

हरियाणा पुलिस में लंबे समय से बनी हुई मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार और पुलिस विभाग ने अब चरणबद्ध भर्ती की व्यापक योजना तैयार की है। विभाग का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में लगातार भर्ती प्रक्रिया चलाकर स्वीकृत पदों के मुकाबले मौजूद रिक्तियों को कम करना और वर्ष 2030 तक पुलिस बल में खाली पड़े सभी पदों को भरना है। इसके तहत आने वाले समय में एक के बाद एक बड़ी भर्तियां आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।

वर्तमान में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के माध्यम से करीब छह हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इनमें पुलिस विभाग के करीब 5600 कांस्टेबल और वन विभाग के लगभग 500 वन गार्ड के पद शामिल हैं। कांस्टेबल भर्ती के लिए शारीरिक माप परीक्षण यानी पीएमटी और शारीरिक दक्षता परीक्षण यानी पीएसटी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि वन गार्ड के पदों के लिए शारीरिक परीक्षण की प्रक्रिया अभी जारी है।

पुलिस विभाग में स्वीकृत पदों की संख्या और मौजूदा तैनाती के बीच बड़ा अंतर होने के कारण सरकार अब इसे एक साथ भरने के बजाय चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की रणनीति पर काम कर रही है। इससे भर्ती प्रक्रिया को लगातार जारी रखने के साथ-साथ प्रशिक्षण और नियुक्ति की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

78 हजार स्वीकृत पद, करीब 25 हजार रिक्त

हरियाणा पुलिस विभाग में कुल 78 हजार स्वीकृत पद हैं। इनमें से करीब 25 से 30 प्रतिशत पद फिलहाल खाली बताए जा रहे हैं। यानी विभाग में लगभग 25 हजार पदों पर कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस बल में मैनपावर की स्थिति से जुड़े आंकड़े साझा किए हैं।

पुलिस बल में इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां होने का असर कानून-व्यवस्था से लेकर पुलिस कर्मचारियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त कार्यभार तक पर पड़ता है। प्रदेश में आबादी और पुलिस से जुड़ी जिम्मेदारियों के लगातार बढ़ने के साथ पर्याप्त संख्या में जवानों की उपलब्धता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसी जरूरत को देखते हुए पुलिस महानिदेशक की ओर से लगातार भर्ती कराने का रोडमैप तैयार किया गया है। इस योजना के तहत केवल एक भर्ती पूरी होने का इंतजार करने के बजाय अगले चरण की भर्ती प्रक्रिया पहले से शुरू करने की रणनीति अपनाई जा रही है।

नवंबर 2026 में करीब चार हजार पदों पर भर्ती की तैयारी

भर्ती रोडमैप के तहत अगले छह महीनों में पुलिस विभाग में दो बड़ी कांस्टेबल भर्तियां शुरू कराने की योजना है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार नवंबर 2026 में करीब चार हजार पुलिस जवानों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।

इसके बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए मार्च 2027 में करीब 5500 पुलिसकर्मियों के पदों पर एक और भर्ती निकालने की तैयारी है। हालांकि इन भर्तियों की औपचारिक शुरुआत हरियाणा सरकार की ओर से प्रस्ताव हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग तक पहुंचाए जाने के बाद ही होगी।

इस तरह अगले कुछ महीनों में ही पुलिस विभाग में हजारों नए जवानों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। लगातार भर्ती होने से एक ओर रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर पुलिस बल में नए कर्मचारियों की उपलब्धता बढ़ेगी।

मौजूदा भर्ती प्रक्रिया भी जारी

पुलिस विभाग में नई भर्तियों की तैयारी के साथ वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। करीब 5600 कांस्टेबलों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन इसी वर्ष जनवरी में जारी किया गया था। इस भर्ती के तहत पीएमटी और पीएसटी की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।

इसके साथ ही वन विभाग में लगभग 500 वन गार्ड के पदों पर भी भर्ती प्रक्रिया चल रही है। वन गार्डों के लिए शारीरिक माप और दक्षता से जुड़ी प्रक्रिया अभी जारी है।

इस मौजूदा भर्ती के पूरा होने के बाद चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति और प्रशिक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसके समानांतर प्रस्तावित नई भर्तियों को शुरू करने की योजना है, ताकि पुलिस विभाग में रिक्तियों को भरने का सिलसिला लगातार चलता रहे।

2028 से 2030 के बीच भी जारी रहेगी भर्ती

सरकार और पुलिस विभाग की योजना केवल 2026 और 2027 की भर्तियों तक सीमित नहीं है। प्रस्तावित रोडमैप के मुताबिक वर्ष 2028 के बाद भी अलग-अलग चरणों में भर्ती जारी रखने की योजना है।

नवंबर 2026 और मार्च 2027 की प्रस्तावित भर्तियों के बाद विभाग में जितने पद खाली रह जाएंगे, उन्हें 2028 से 2030 के बीच चरणबद्ध तरीके से भरने का लक्ष्य रखा गया है। यानी पुलिस विभाग में मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए आने वाले चार वर्षों तक भर्ती प्रक्रिया लगातार चल सकती है।

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार सभी चरणों की भर्ती को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे पुलिस विभाग में स्वीकृत पदों के मुकाबले वर्तमान में बनी हुई बड़ी रिक्ति को काफी हद तक समाप्त किया जा सकेगा।

दो साल में 15 हजार नए पुलिसकर्मी आने की उम्मीद

राज्य सरकार की योजना अगले दो वर्षों में करीब 15 हजार नए पुलिस जवानों की भर्ती करने की है। नवंबर 2026 में प्रस्तावित करीब चार हजार पदों और मार्च 2027 में प्रस्तावित 5500 पदों के अलावा आगे भी आवश्यकता के अनुसार भर्ती प्रक्रिया जारी रखी जाएगी।

सरकार का मानना है कि पुलिस बल में नए कर्मचारियों की संख्या बढ़ने से विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों में कर्मचारियों की कमी को कम किया जा सकेगा। इससे मौजूदा पुलिसकर्मियों पर काम का दबाव भी घट सकता है।

लगातार भर्ती का एक फायदा यह भी होगा कि विभाग में कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति या अन्य कारणों से होने वाली रिक्तियों को भविष्य में एक साथ बड़ी संख्या में भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नियमित भर्ती के जरिए पुलिस बल की संख्या को अधिक संतुलित बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

कानून-व्यवस्था के लिए बढ़ेगी पुलिस बल की क्षमता

हरियाणा में पुलिस के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, वीआईपी सुरक्षा, साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा और अन्य जिम्मेदारियां भी हैं। ऐसे में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की उपलब्धता को विभाग की कार्यक्षमता के लिए जरूरी माना जाता है।

मैनपावर की कमी के कारण कई बार उपलब्ध पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती हैं। लगातार भर्ती होने से अलग-अलग स्तरों पर जवानों की संख्या बढ़ेगी और पुलिस विभाग अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से बंटवारा कर सकेगा।

नई भर्ती से थानों, चौकियों और अन्य पुलिस इकाइयों में मानव संसाधन मजबूत होने की उम्मीद है। इससे पुलिस की फील्ड में मौजूदगी बढ़ाने और कानून-व्यवस्था से संबंधित कार्यों को तेजी से निपटाने में भी मदद मिल सकती है।

भर्ती प्रक्रिया को लगातार बनाए रखने पर जोर

पुलिस विभाग की नई रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भर्ती प्रक्रिया में निरंतरता बनाए रखना है। आम तौर पर एक भर्ती पूरी होने के बाद अगली भर्ती शुरू होने में लंबा अंतर आ जाता है। इससे विभाग में रिक्तियों की संख्या दोबारा बढ़ जाती है।

अब तैयार किए गए रोडमैप में अलग-अलग वर्षों में भर्ती की योजना पहले से तैयार करने पर जोर है। इससे सरकार और कर्मचारी चयन आयोग के स्तर पर भर्ती प्रस्ताव समय पर भेजे जा सकेंगे और चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

हालांकि प्रस्तावित भर्तियों के लिए अंतिम प्रक्रिया सरकार की मंजूरी और एचएसएससी को भेजे जाने वाले भर्ती प्रस्तावों पर निर्भर करेगी। इसके बावजूद विभाग ने 2030 तक रिक्तियों को खत्म करने के लक्ष्य के साथ एक लंबी अवधि की योजना तैयार कर ली है।

2030 तक बदलेगी पुलिस बल की तस्वीर

यदि प्रस्तावित भर्ती कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ता है तो अगले चार वर्षों में हरियाणा पुलिस की मैनपावर स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वर्तमान में करीब 25 हजार रिक्त पदों की चुनौती के बीच लगातार भर्ती होने से पुलिस बल की संख्या धीरे-धीरे स्वीकृत क्षमता के करीब पहुंचाई जा सकेगी।

नवंबर 2026 और मार्च 2027 की प्रस्तावित भर्तियां इस रोडमैप के शुरुआती बड़े चरण होंगे। इसके बाद 2028, 2029 और 2030 में बची हुई रिक्तियों को भरने की योजना है।

पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की योजना के अनुसार वर्ष 2030 तक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग में मैनपावर की मौजूदा कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी। इससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ेगी और विभाग को अपनी जिम्मेदारियां अधिक प्रभावी ढंग से निभाने में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर हरियाणा सरकार ने पुलिस विभाग में खाली पदों को एक साथ भरने के बजाय लगातार और चरणबद्ध भर्ती का रास्ता चुना है। करीब 5600 कांस्टेबलों की मौजूदा भर्ती के बाद अगले छह महीनों में नई भर्तियों की तैयारी और फिर 2028 से 2030 तक रिक्त पदों को भरने की योजना से संकेत है कि सरकार पुलिस बल को मजबूत करने के लिए लंबी अवधि की रणनीति पर काम कर रही है। अगर यह रोडमैप तय समय के अनुसार लागू होता है तो 2030 तक हरियाणा पुलिस में मैनपावर की कमी को बड़ी हद तक दूर किया जा सकेगा।