हिमाचल हाईकोर्ट का आदेश: पूर्व विधायकों को पेंशन व एरियर देने होंगे, सुक्खू सरकार को झटका

हिमाचल हाईकोर्ट का आदेश: पूर्व विधायकों को पेंशन व एरियर देने होंगे, सुक्खू सरकार को झटका

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूर्व विधायकों की पेंशन को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि दो पूर्व विधायकों को उनकी बकाया पेंशन और एरियर का भुगतान किया जाए। इस फैसले से याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्होंने अपने रिटायरमेंट लाभ रोके जाने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने राजेंद्र राणा और रवि ठाकुर की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने राज्य में विधायकों की पेंशन से जुड़े कानूनों में हाल ही में हुए बदलावों को ध्यान में रखते हुए अपना निर्णय दिया।

सुनवाई के दौरान राज्य विधानसभा की ओर से प्रस्तुत जानकारी में बताया गया कि 2024 में लाया गया संशोधन विधेयक, जिसमें अयोग्य घोषित विधायकों को पेंशन से वंचित करने का प्रावधान था, उसे वापस ले लिया गया है। इसके बाद 2026 में एक नया संशोधन विधेयक लाया गया, जिसमें दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराए गए विधायकों को पेंशन न देने का प्रावधान किया गया है।

हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह नया नियम केवल भविष्य में लागू होगा और 14वीं विधानसभा या उसके बाद चुने गए विधायकों पर ही प्रभावी रहेगा। चूंकि याचिकाकर्ता 12वीं और 13वीं विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं, इसलिए वे इस नए प्रावधान के दायरे में नहीं आते और उनकी पेंशन का अधिकार सुरक्षित रहेगा।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि विधानसभा सचिव एक महीने के भीतर दोनों याचिकाकर्ताओं को उनकी देय पेंशन और बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करें। साथ ही, यदि भुगतान में देरी होती है तो संबंधित अधिकारियों को बकाया राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने भविष्य में पेंशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया और इसी के साथ सभी लंबित याचिकाओं का निपटारा कर दिया।