हॉकी प्रो लीग में भारत की शानदार जीत: पाकिस्तान को 4-3 से हराया, 10 साल से नहीं हारा मुकाबला

हॉकी प्रो लीग में भारत की शानदार जीत: पाकिस्तान को 4-3 से हराया, 10 साल से नहीं हारा मुकाबला

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने FIH प्रो लीग में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए रोमांचक मुकाबले में 4-3 से जीत दर्ज की। लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस सेंटर में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने शुरुआती झटके के बाद जबरदस्त वापसी की और लगातार दबाव बनाकर मैच अपने नाम किया। भारत की ओर से अभिषेक, नीलकांत शर्मा, सुखजीत सिंह और राजिंदर सिंह ने गोल किए, जबकि पाकिस्तान के लिए अहमद नदीम, अबू महमूद और शकील मोईन ने स्कोर किया।

इस जीत के साथ भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा बरकरार रखा है। भारतीय टीम पिछले करीब 10 साल से पाकिस्तान के खिलाफ कोई मुकाबला नहीं हारी है। दोनों टीमों के बीच खेले गए पिछले 18 मैचों में भारत ने 16 बार जीत हासिल की है, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। पाकिस्तान ने आखिरी बार दिसंबर 2016 में भारत को हराया था, जब एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में उसने भारतीय टीम को मात दी थी।

शुरुआती बढ़त के बावजूद पाकिस्तान पर भारी पड़ा भारत

मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों के आक्रामक खेल के साथ हुई। भारत ने पहले मिनट से ही पाकिस्तान के डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था, लेकिन शुरुआती प्रयासों को गोल में बदलने में टीम सफल नहीं हो सकी। भारत के हमलों के बीच पाकिस्तान ने मौके का फायदा उठाया और मैच में पहली बढ़त हासिल कर ली।

पाकिस्तान को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला और अहमद नदीम ने इसे गोल में बदलकर अपनी टीम को 10वें मिनट में 1-0 से आगे कर दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने इस गोल पर आपत्ति जताई और फाउल की अपील की, लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद अंपायर ने पाकिस्तान के पक्ष में फैसला बरकरार रखा। पहले क्वार्टर के अंत तक पाकिस्तान बढ़त बनाए रहा, लेकिन भारत ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए दूसरे क्वार्टर में आक्रमण तेज कर दिया।

अभिषेक और नीलकांत ने बदला मैच का रुख

दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम पूरी तरह लय में नजर आई। खिलाड़ियों ने लगातार पाकिस्तान के सर्किल में प्रवेश किया और गोल के मौके बनाए। आखिरकार दिलप्रीत सिंह के बेहतरीन पास पर अभिषेक ने शानदार फिनिश करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।

बराबरी के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ गया। कुछ ही समय बाद भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने ड्रैग फ्लिक लगाई, जिसे पाकिस्तान के डिफेंडरों ने रोक लिया। हालांकि रिबाउंड पर मौजूद नीलकांत शर्मा ने तेजी दिखाते हुए गेंद को गोल में डाल दिया और भारत को पहली बार मुकाबले में बढ़त दिला दी।

पहले हाफ तक भारत का दबदबा साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय टीम ने पाकिस्तान के सर्किल में 19 बार एंट्री की, जबकि पाकिस्तान सिर्फ 2 बार ही भारतीय गोल क्षेत्र के करीब पहुंच पाया। भारत को पहले हाफ में 9 पेनल्टी कॉर्नर मिले, हालांकि इनमें से केवल एक को ही गोल में बदला जा सका।

सुखजीत के गोल से मजबूत हुई भारत की स्थिति

तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश की और शुरुआत में आक्रामक खेल दिखाया। टीम ने कई बार भारतीय डिफेंस को चुनौती दी, लेकिन भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने शानदार बचाव करते हुए पाकिस्तान के प्रयासों को नाकाम कर दिया।

इसके बाद भारत ने फिर से मैच पर नियंत्रण हासिल किया। तीसरे क्वार्टर में सुखजीत सिंह ने शानदार व्यक्तिगत प्रयास करते हुए पाकिस्तान की रक्षापंक्ति को चकमा दिया। उन्होंने सर्किल के अंदर बेहतरीन टर्न लिया और जोरदार शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत की बढ़त 3-1 हो गई।

तीसरे गोल के बाद भारतीय टीम ज्यादा आत्मविश्वास के साथ खेलती नजर आई। पाकिस्तान लगातार दबाव बनाने की कोशिश करता रहा, लेकिन भारत का डिफेंस मजबूती से खड़ा रहा।

राजिंदर सिंह ने दागा चौथा गोल, फिर भी रोमांचक हुआ मुकाबला

मैच के आखिरी क्वार्टर में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार राजिंदर सिंह ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार ड्रैग फ्लिक के जरिए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ भारत ने स्कोर 4-1 कर लिया और मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। हालांकि पाकिस्तान ने हार नहीं मानी। उसने आखिरी मिनटों में जबरदस्त वापसी की कोशिश की। पाकिस्तान के कप्तान अबू महमूद ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 4-2 किया। इसके बाद शकील मोईन ने एक और गोल दागकर मुकाबले को 4-3 तक पहुंचा दिया।

आखिरी समय में पाकिस्तान ने बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा और मैच खत्म होने तक अपनी बढ़त कायम रखी। आखिरकार भारत ने 4-3 से जीत हासिल कर ली।

पाकिस्तान की टीम में कई बदलाव

इस मुकाबले में पाकिस्तान की टीम कुछ मुश्किलों के साथ मैदान पर उतरी थी। टीम के नियमित कप्तान अम्माद शकील बट वीजा संबंधी समस्या के कारण लंदन नहीं पहुंच सके। उनकी गैरमौजूदगी में अबू महमूद ने टीम की कप्तानी संभाली।

इसके अलावा पाकिस्तान के मुख्य कोच भी टीम के साथ मौजूद नहीं थे। ऐसे में टीम मैनेजर ने खिलाड़ियों की जिम्मेदारी संभाली। इसके बावजूद पाकिस्तान ने मुकाबले में अच्छी चुनौती पेश की और आखिरी समय तक भारत को दबाव में रखा।

FIH प्रो लीग क्या है?

FIH प्रो लीग अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा आयोजित दुनिया की प्रमुख हॉकी प्रतियोगिताओं में से एक है। इसकी शुरुआत साल 2019 में हुई थी। इसमें दुनिया की शीर्ष पुरुष और महिला हॉकी टीमें हिस्सा लेती हैं।

यह टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला जाता है, जिसमें सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबले खेलती हैं। पूरे सीजन के दौरान सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाली टीम को चैंपियन घोषित किया जाता है।

FIH प्रो लीग की सबसे खास बात इसका होम और अवे फॉर्मेट है। इसमें टीमें अपने देश के साथ-साथ विदेशी मैदानों पर भी मुकाबले खेलती हैं। उदाहरण के तौर पर भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबला होने पर एक मैच भारत में और दूसरा इंग्लैंड में आयोजित किया जाता है।

2025-26 सीजन के मुकाबले भारत के राउरकेला, इंग्लैंड के लंदन, बेल्जियम के एंटवर्प, नीदरलैंड्स के एम्सटर्डम, स्पेन के वैलेंसिया और ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट जैसे शहरों में खेले जा रहे हैं।

पॉइंट्स टेबल में भारत की स्थिति

मौजूदा FIH प्रो लीग सीजन की अंक तालिका में बेल्जियम सबसे ऊपर है। बेल्जियम ने 12 मुकाबलों में 34 अंक हासिल किए हैं। इंग्लैंड 26 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि ऑस्ट्रेलिया 24 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर मौजूद है।

भारत ने 12 मैचों में 10 अंक हासिल किए हैं और टीम फिलहाल आठवें स्थान पर है। वहीं पाकिस्तान का प्रदर्शन इस सीजन में कमजोर रहा है। पाकिस्तान अब तक एक भी अंक हासिल नहीं कर पाया है और अंक तालिका में नौवें स्थान पर है।

भारत की यह जीत सिर्फ तीन अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे टीम का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। पाकिस्तान के खिलाफ लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को भारतीय टीम ने एक बार फिर साबित किया और आने वाले मुकाबलों के लिए मजबूत संकेत दिए हैं।