₹9.25 लाख करोड़ की कमाई! ट्रंप के संकेत से शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी ने भरी उड़ान

₹9.25 लाख करोड़ की कमाई! ट्रंप के संकेत से शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी ने भरी उड़ान

भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स 1300 अंक चढ़ा और निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार में आज शानदार तेजी देखने को मिली। कारोबारी सत्र की शुरुआत होते ही घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल बन गया और प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ खुले। बीएसई सेंसेक्स में करीब 1300 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी लगभग 400 अंकों की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया।

सुबह के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 78,166 के स्तर के आसपास पहुंच गया, वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स 24,224 के पार कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में आई इस तेजी का असर लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों और बड़ी कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला। निवेशकों ने बैंकिंग, आईटी, सीमेंट और अन्य प्रमुख क्षेत्रों के शेयरों में जमकर खरीदारी की।

शेयर बाजार में आई तेजी का सीधा असर कंपनियों के कुल बाजार मूल्यांकन पर भी पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप लगभग 9.25 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया और यह करीब 457.73 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सकारात्मक वैश्विक संकेतों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे ने इस तेजी को मजबूती दी।

खास बात यह रही कि सेंसेक्स में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयर शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ खुले। इससे बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी का संकेत मिला और निवेशकों का रुझान जोखिम वाली संपत्तियों की ओर बढ़ता दिखाई दिया।

वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीद से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

भारतीय शेयर बाजार में तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर बने सकारात्मक माहौल को माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की संभावनाओं ने निवेशकों की चिंता को कम किया है। हालिया बयानों में दोनों देशों के बीच बातचीत और संभावित समझौते के संकेत मिलने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सकारात्मक भावना बनी।

भू-राजनीतिक तनाव का असर अक्सर शेयर बाजारों पर देखने को मिलता है। जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता कम होती है, तो निवेशक बाजार में अधिक भरोसे के साथ निवेश करते हैं। यही वजह रही कि भारतीय बाजार में भी शुरुआती कारोबार से ही मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

इसके अलावा विदेशी बाजारों से मिले अच्छे संकेतों ने भी घरेलू निवेशकों के उत्साह को बढ़ाया। अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मजबूती के चलते भारतीय बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिला।

इंडिगो सहित कई बड़े शेयरों में रही तेजी

आज के कारोबार में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। एविएशन सेक्टर की प्रमुख कंपनी इंडिगो के शेयरों में लगभग 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व जैसे शेयर भी मजबूत प्रदर्शन करते नजर आए।

आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनियों में इन्फोसिस के शेयरों में तेजी रही, जबकि बैंकिंग क्षेत्र में कोटक महिंद्रा बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) जैसे बड़े शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी दिखाई दी।

बड़ी कंपनियों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का माहौल रहा। दोनों इंडेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार में व्यापक मजबूती का संकेत मिला।

रुपये में भी आई मजबूती

शेयर बाजार की तेजी के साथ भारतीय मुद्रा में भी सुधार देखने को मिला। डॉलर के मुकाबले रुपया लगभग 0.2 प्रतिशत मजबूत होकर 93.17 के स्तर पर खुला। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में रुपया करीब 93.37 के स्तर पर बंद हुआ था।

रुपये की मजबूती को विदेशी निवेशकों के भरोसे और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, मुद्रा बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों का प्रभाव भी बना रहता है।

पीएसयू बैंक और आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा खरीदारी

सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो आज पीएसयू बैंक और आईटी सेक्टर सबसे मजबूत नजर आए। सरकारी बैंकों के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे पूरे बैंकिंग इंडेक्स को मजबूती मिली।

आईटी कंपनियों को भी वैश्विक बाजारों में सुधार और तकनीकी शेयरों में बढ़ती मांग का फायदा मिला। दूसरी ओर, फार्मा सेक्टर में अपेक्षाकृत हल्का दबाव देखने को मिला और इस क्षेत्र के कुछ शेयर सीमित दायरे में कारोबार करते नजर आए।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अलग-अलग सेक्टरों में संतुलित खरीदारी बाजार की मजबूती को दर्शाती है और यह संकेत देती है कि निवेशकों का भरोसा धीरे-धीरे वापस लौट रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों पर भी बाजार की नजर

कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों ने भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। हालांकि, शुरुआती कारोबार में इसमें हल्की गिरावट भी दर्ज की गई।

भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतें काफी महत्वपूर्ण होती हैं। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है, इसलिए निवेशक इस पर लगातार नजर बनाए रखते हैं।

एशियाई बाजारों से मिला भारतीय बाजार को समर्थन

भारतीय बाजार को केवल घरेलू कारणों से ही नहीं बल्कि एशियाई बाजारों की मजबूती से भी समर्थन मिला। जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बाजार हरे निशान में खुले। इसके चलते एमएससीआई एशिया पैसिफिक इंडेक्स में भी लगभग 0.9 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।

एशियाई बाजारों में सकारात्मक रुख का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा और भारतीय बाजार में भी खरीदारी बढ़ी। वैश्विक स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में सुधार की उम्मीद ने बाजारों को मजबूती देने का काम किया।

अमेरिकी बाजारों की मजबूती का भी मिला फायदा

अमेरिकी बाजारों में भी हाल के सत्रों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। एसएंडपी 500 इंडेक्स मजबूत प्रदर्शन करते हुए अपने हालिया उच्च स्तर के करीब पहुंच गया। इससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा और अन्य बाजारों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा।

टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में तेजी के कारण नैसडैक 100 इंडेक्स में लगातार 10वें कारोबारी दिन बढ़त दर्ज की गई। यह तेजी वर्ष 2021 के बाद सबसे लंबे सकारात्मक दौर में से एक मानी जा रही है।

निवेशकों के लिए बाजार में बढ़ी उम्मीदें

शेयर बाजार की इस तेजी ने निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में बड़ा इजाफा किया है। वैश्विक संकेतों में सुधार, कूटनीतिक स्तर पर सकारात्मक उम्मीदें और घरेलू कंपनियों में खरीदारी ने बाजार के माहौल को मजबूत बनाया है।

हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव हमेशा बना रहता है और निवेशकों के लिए कंपनियों के प्रदर्शन, आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होता है। मजबूत शुरुआत के बावजूद बाजार की दिशा आने वाले कारोबारी सत्रों में कई आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर निर्भर करेगी।