44 साल बाद जालंधर बनेगा राष्ट्रीय बैडमिंटन का केंद्र, चैंपियनशिप से पहले सीएम मान का बड़ा ऐलान; स्टेडियम के लिए 2.14 करोड़ की सौगात

44 साल बाद जालंधर बनेगा राष्ट्रीय बैडमिंटन का केंद्र, चैंपियनशिप से पहले सीएम मान का बड़ा ऐलान; स्टेडियम के लिए 2.14 करोड़ की सौगात

जालंधर। पंजाब में खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। लगभग चार दशक बाद जालंधर का ऐतिहासिक रायज़ादा हंसराज स्टेडियम फिर से राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी करने जा रहा है। दिसंबर में यहां आयोजित होने वाली सब-जूनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्टेडियम का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित करने की दिशा में कई अहम घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्टेडियम में अत्याधुनिक इनडोर बैडमिंटन हॉल के निर्माण के लिए 2.14 करोड़ रुपये की विशेष अनुदान राशि देने की घोषणा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश देते हुए कहा कि पंजाब सरकार खेलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार निवेश किया जाएगा।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन रायज़ादा हंसराज स्टेडियम में होना पंजाब के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अंडर-13 वर्ग की यह प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह राज्य में बैडमिंटन संस्कृति को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को आगे लाने का महत्वपूर्ण अवसर भी बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें सही मंच और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की है। राज्य सरकार इसी उद्देश्य के साथ खेल बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दे रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जालंधर के डिप्टी कमिश्नर वरजीत सिंह वालिया तथा पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव रितिन खन्ना को 2.14 करोड़ रुपये की अनुदान राशि का चेक भी सौंपा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद रायज़ादा हंसराज स्टेडियम देश के प्रमुख बैडमिंटन केंद्रों में शामिल होगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले लगभग छह दशकों में पहली बार किसी मौजूदा मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक स्टेडियम का दौरा किया है। उन्होंने कहा कि यह मैदान पंजाब को अनेक प्रतिभाशाली बैडमिंटन खिलाड़ी दे चुका है और अब इसे फिर से राष्ट्रीय स्तर के खेल केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

सरकार की योजना के अनुसार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) इस परियोजना को क्रियान्वित करेगा। टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी और अगस्त महीने से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। मौजूदा चार आउटडोर मल्टीपर्पज कोर्टों को आधुनिक सुविधाओं से लैस इनडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स में बदला जाएगा, जहां खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अभ्यास और प्रतियोगिताओं की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद रायज़ादा हंसराज स्टेडियम में कुल 10 इनडोर बैडमिंटन कोर्ट उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही यह पंजाब का पहला ऐसा खेल परिसर बन जाएगा, जहां इतनी बड़ी इनडोर बैडमिंटन सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि यह केवल राज्य ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत के प्रमुख बैडमिंटन प्रशिक्षण और प्रतियोगिता केंद्रों में शामिल होगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि नई सुविधाओं के विकसित होने के बाद पंजाब भविष्य में राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में भी सक्षम होगा। इससे राज्य के खिलाड़ियों को अपने ही प्रदेश में उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलने और अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर में आयोजित होने वाली सब-जूनियर राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। लगभग चार दशक बाद राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने से पंजाब की खेल पहचान और मजबूत होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन की सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं ताकि देशभर से आने वाले खिलाड़ियों और अधिकारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रशिक्षण, सुविधाओं और प्रतियोगिताओं से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली तथा उनकी आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी और खेल सुविधाओं के विकास में निवेश लगातार जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब का खेलों से संबंध केवल आधुनिक दौर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें राज्य के गौरवशाली इतिहास और परंपराओं में भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने आध्यात्मिक शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस और खेल संस्कृति को भी विशेष महत्व दिया।

उन्होंने कहा कि श्री गुरु अंगद देव जी ने खडूर साहिब में मल्ल अखाड़ा स्थापित कर युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण और कुश्ती के लिए प्रेरित किया। वहीं श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने युवाओं को घुड़सवारी, तीरंदाजी और युद्ध कौशल का प्रशिक्षण देकर उन्हें शारीरिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य किया। इसके अलावा दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी स्वयं विभिन्न खेलों और युद्ध कलाओं में दक्ष थे तथा उन्होंने युवाओं में साहस, अनुशासन और शारीरिक क्षमता विकसित करने पर विशेष बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी पंजाब अपनी समृद्ध खेल परंपराओं को जीवित रखे हुए है। श्री आनंदपुर साहिब में होला मोहल्ला के दौरान आयोजित होने वाले पारंपरिक खेल और मार्शल आर्ट प्रदर्शन इस विरासत का जीवंत उदाहरण हैं। उनका कहना था कि राज्य सरकार आधुनिक खेलों के साथ-साथ पारंपरिक खेलों को भी प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर सहयोग उपलब्ध कराने के कारण पंजाब के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर जिले में खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, आधुनिक स्टेडियम और खेल उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करते हैं। इसलिए राज्य सरकार खेलों को सामाजिक और शैक्षणिक विकास का भी महत्वपूर्ण हिस्सा मानती है। उनका कहना था कि यदि युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित किया जाए तो वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से भी दूर रहेंगे और अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगा सकेंगे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जालंधर में बनने वाले नए इनडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि दिसंबर में होने वाली राष्ट्रीय चैंपियनशिप से पहले सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि खिलाड़ियों के अभ्यास, आवास और प्रतियोगिता संचालन की सभी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों।

कुल मिलाकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का यह दौरा केवल आगामी राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की तैयारियों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पंजाब में खेल संस्कृति को नई पहचान देने की सरकार की दीर्घकालिक योजना का भी संकेत माना जा रहा है। 2.14 करोड़ रुपये की अनुदान राशि, विश्वस्तरीय इनडोर बैडमिंटन सुविधा के निर्माण और 44 वर्षों बाद राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी जैसे कदम यह दर्शाते हैं कि राज्य सरकार खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत कर पंजाब को देश के अग्रणी खेल राज्यों में बनाए रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। आने वाले वर्षों में इन पहलों का लाभ प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों को मिलने की उम्मीद है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन करने का सपना देखते हैं।