प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के नवीनतम संस्करण में देशवासियों को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख किया। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने इस दुखद घटना से करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि पूरा देश इस हमले से आहत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्दोष लोगों पर किया गया यह हमला केवल कुछ परिवारों पर नहीं बल्कि पूरे देश की भावनाओं पर प्रहार है।
उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और हर भारतीय आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता से काम कर रही है और दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
पहलगाम आतंकी हमले से पूरे देश में आक्रोश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहलगाम में हुआ आतंकी हमला अत्यंत दुखद और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल है। देशभर के नागरिकों ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज और राष्ट्र दोनों के लिए गंभीर चुनौती होती हैं, लेकिन भारत ने हमेशा दृढ़ता के साथ आतंकवाद का सामना किया है और आगे भी करता रहेगा।
पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने का भरोसा
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमले में प्रभावित प्रत्येक परिवार को न्याय दिलाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही हैं और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अपराधियों तक पहुंचना ही नहीं बल्कि ऐसे किसी भी नेटवर्क को समाप्त करना है जो आतंकवाद को बढ़ावा देता है।
आतंकवाद को बताया कायरता का प्रतीक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमला करना आतंकवादियों की कायरता और हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई भी स्वरूप मानवता के खिलाफ है और इसका किसी भी परिस्थिति में समर्थन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध अपनी नीति पर दृढ़ है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
कश्मीर में हो रहे विकास का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में सामान्य स्थिति लौटने, विकास कार्यों की गति बढ़ने और पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय लोगों को नए अवसर मिले हैं।
पर्यटन और रोजगार में वृद्धि पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि विकास और शांति का यह वातावरण कुछ आतंकवादी तत्वों को स्वीकार नहीं है और इसी कारण वे अशांति फैलाने का प्रयास करते हैं।
युवाओं के लिए नए अवसरों का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर के युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि विकास की यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की हिंसा इसे रोक नहीं पाएगी।
राष्ट्रीय एकता, आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष और वैश्विक समर्थन पर प्रधानमंत्री का संदेश
देश की एकता को बताया सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की सबसे बड़ी शक्ति देश की एकता है। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश एक साथ खड़ा होता है तो आतंकवाद जैसी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से बचें।
आतंकवाद के खिलाफ मजबूत संकल्प की जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पूरे देश को आतंकवाद के खिलाफ अपना संकल्प और मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं, वहीं नागरिकों की जिम्मेदारी भी है कि वे सतर्क रहें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी भी है।
विश्व समुदाय के समर्थन का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों ने इस हमले की निंदा की है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग बढ़ाना समय की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जांच एजेंसियां कर रही हैं लगातार कार्रवाई
प्रधानमंत्री ने बताया कि संबंधित जांच एजेंसियां और सुरक्षा बल हमले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना के प्रत्येक पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है ताकि साजिश में शामिल सभी लोगों तक पहुंचा जा सके।
सरकार ने संबंधित एजेंसियों को आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराने की भी बात कही है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा एजेंसियां लगातार सतर्क हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक उपायों पर कार्य कर रही है।
शांति और विकास की प्रक्रिया जारी रखने का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आतंकवाद का उद्देश्य विकास और शांति की प्रक्रिया को बाधित करना होता है, लेकिन भारत इस दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सहित पूरे देश में विकास योजनाओं को गति देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, पर्यटन, रोजगार, आधारभूत संरचना और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा ताकि नागरिकों को विकास का लाभ मिलता रहे।
देशवासियों से एकजुट रहने की अपील
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे देशहित को सर्वोपरि रखते हुए एकजुट रहें। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों की नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र की साझा लड़ाई है।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने देशवासियों से शांति, संयम और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने का आग्रह किया।



