पाकिस्तानी नागरिकों के भारत छोड़ने की समय सीमा आज समाप्त, सरकार के अगले फैसले पर सभी की नजर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए थे। इन्हीं निर्णयों के तहत विभिन्न श्रेणी के पाकिस्तानी वीजा रद्द किए गए और अधिकांश पाकिस्तानी नागरिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया। सरकार पहले ही इस समय सीमा को दो बार बढ़ा चुकी है। अब अंतिम निर्धारित तिथि पूरी होने के साथ यह स्पष्ट होगा कि सरकार समय सीमा को आगे बढ़ाती है या पूर्व में जारी आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई करती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 24 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान लौट चुके हैं। इस दौरान राजनयिकों सहित कई श्रेणी के नागरिकों ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी करते हुए भारत से प्रस्थान किया। वहीं कुछ श्रेणी के वीजा धारकों को सरकार द्वारा विशेष छूट भी प्रदान की गई है।
पहलगाम हमले के बाद लिया गया था बड़ा निर्णय
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के उपरांत पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा संबंधी नियमों में बदलाव की घोषणा की थी। इसके तहत अधिकांश पाकिस्तानी नागरिकों को सीमित अवधि के भीतर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था।
सरकार का कहना था कि यह निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इसके बाद गृह मंत्रालय तथा संबंधित एजेंसियों ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
दो बार बढ़ाई गई वापसी की समय सीमा
प्रारंभिक आदेश के अनुसार संबंधित पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने को कहा गया था। हालांकि विभिन्न राज्यों में रह रहे लोगों की यात्रा संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयों को देखते हुए सरकार ने पहली बार समय सीमा बढ़ाई।
इसके बाद दूसरी बार भी अतिरिक्त समय दिया गया ताकि जिन लोगों की वापसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी, वे निर्धारित मार्गों से सुरक्षित रूप से पाकिस्तान लौट सकें। अब दूसरी बार बढ़ाई गई समय सीमा भी समाप्त हो रही है।
अब तक कितने पाकिस्तानी नागरिक लौट चुके हैं?
सरकारी जानकारी के अनुसार 24 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच कुल 537 पाकिस्तानी नागरिक भारत से पाकिस्तान लौट चुके हैं। इनमें नौ राजनयिक और अधिकारी भी शामिल बताए गए हैं।
दिनवार उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 24 अप्रैल को 28 नागरिक, 25 अप्रैल को 191 नागरिक, 26 अप्रैल को 81 नागरिक और 27 अप्रैल को 237 नागरिक अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान लौटे।
अटारी-वाघा सीमा पर जारी रही दस्तावेजी प्रक्रिया
भारत छोड़ने वाले सभी नागरिकों की सीमा पर दस्तावेजों की जांच की गई। संबंधित एजेंसियों ने पासपोर्ट, वीजा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद ही सीमा पार करने की अनुमति प्रदान की।
सीमा पर आव्रजन अधिकारियों, सीमा सुरक्षा बल तथा अन्य एजेंसियों की ओर से समन्वित व्यवस्था की गई ताकि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके।
पंजाब में भी कई पाकिस्तानी नागरिक रह रहे थे
पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पहले दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में वैध वीजा पर रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या 235 बताई गई थी। प्रशासन ने ऐसे सभी लोगों के दस्तावेजों की समीक्षा की और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
राज्य स्तर पर पुलिस और जिला प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि सभी प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुरूप पूरी की जा सकें।
वीजा नियम, कानूनी प्रावधान और लांग टर्म वीजा धारकों को मिली राहत
समय सीमा समाप्त होने के बाद क्या हो सकती है कार्रवाई?
केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार यदि कोई ऐसा पाकिस्तानी नागरिक, जिस पर यह आदेश लागू होता है, निर्धारित समय सीमा के बाद भी भारत में रहता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि आगे की कार्रवाई सरकार द्वारा जारी अंतिम आदेश और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही की जाएगी। यदि समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाता है, तो संबंधित एजेंसियां नियमों के अनुसार आवश्यक कदम उठा सकती हैं।
इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 का प्रावधान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 4 अप्रैल 2025 से लागू इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत वीजा की शर्तों का उल्लंघन या निर्धारित अवधि से अधिक समय तक भारत में रहने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस कानून का उद्देश्य विदेशी नागरिकों के प्रवेश, प्रवास और निकास से संबंधित प्रक्रियाओं को स्पष्ट और व्यवस्थित बनाना है। संबंधित मामलों में कार्रवाई प्रत्येक व्यक्ति की वीजा श्रेणी और कानूनी स्थिति के आधार पर की जाती है।
लांग टर्म वीजा धारकों को मिली विशेष छूट
केंद्र सरकार ने कुछ श्रेणियों के पाकिस्तानी नागरिकों को राहत भी प्रदान की है। सरकार ने पहले लांग टर्म वीजा (LTV) पर रह रहे कुछ लोगों को छूट दी थी। बाद में इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए अन्य पात्र लांग टर्म वीजा धारकों को भी इसका लाभ दिया गया।
इस निर्णय का उद्देश्य उन लोगों को राहत देना था जिनका भारत में दीर्घकालिक निवास कानूनी रूप से स्वीकृत है और जिनकी स्थिति सामान्य अल्पकालिक वीजा धारकों से अलग है।
No Obligation to Return to India (NORI) प्रमाणपत्र धारकों के लिए भी राहत
सरकार ने हाल ही में यह भी स्पष्ट किया कि No Obligation to Return to India (NORI) प्रमाणपत्र और पात्र लांग टर्म वीजा रखने वाले लोगों को निर्धारित शर्तों के तहत भारत में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
इस फैसले के बाद कई ऐसे लोग, जो आवश्यक दस्तावेजों के साथ भारत लौट रहे थे, उन्हें सीमा पर दस्तावेजी सत्यापन के बाद प्रवेश की अनुमति प्रदान की गई।
70 नागरिकों ने वाघा सीमा से किया भारत में प्रवेश
सरकारी जानकारी के अनुसार हाल ही में लगभग 70 पाकिस्तानी नागरिक वाघा सीमा के रास्ते भारत पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि इन सभी के पास या तो वैध लांग टर्म वीजा था अथवा NORI प्रमाणपत्र उपलब्ध था।
सीमा पर सभी यात्रियों के दस्तावेजों की विस्तृत जांच की गई। निर्धारित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति दी गई।
सीमा पर जारी है कड़ी निगरानी
अटारी-वाघा सीमा पर आव्रजन अधिकारियों, सीमा सुरक्षा बल और अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। आने-जाने वाले प्रत्येक यात्री के दस्तावेजों का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जा रहा है।
सरकारी एजेंसियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि सभी निर्णय केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और लागू कानूनों के अनुरूप ही लागू किए जाएं।
अगले सरकारी निर्णय पर रहेगी नजर
निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के साथ अब सभी की नजर केंद्र सरकार के अगले आधिकारिक निर्णय पर है। यदि समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाता है, तो संबंधित श्रेणी के नागरिकों के मामलों में लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
वहीं जिन लोगों को लांग टर्म वीजा या NORI प्रमाणपत्र जैसी विशेष श्रेणियों के तहत छूट प्राप्त है, उनके लिए सरकार द्वारा जारी अलग दिशा-निर्देश लागू रहेंगे। आने वाले समय में गृह मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के आधार पर आगे की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।



