CM भगवंत सिंह मान द्वारा ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा; कहा—यह चरण नशों के खतरे की जड़ पर बड़ा प्रहार करेगा

CM भगवंत सिंह मान द्वारा ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ के दूसरे चरण की प्रगति की समीक्षा; कहा—यह चरण नशों के खतरे की जड़ पर बड़ा प्रहार करेगा

पंजाब में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान का दूसरा चरण शुरू, गांव स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने की तैयारी

पंजाब सरकार ने राज्य में नशे की समस्या के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि अभियान का दूसरा चरण नशे की समस्या की जड़ तक पहुंचने और इसे खत्म करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा। सरकार अब गांव स्तर पर लोगों को जोड़कर इस मुहिम को बड़े जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल कानून व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह समाज से जुड़ी एक गंभीर चुनौती है। इसलिए इसके खिलाफ लड़ाई में आम लोगों की भागीदारी सबसे जरूरी है। सरकार का लक्ष्य है कि पंचायत स्तर से लेकर गांवों तक लोगों को जागरूक किया जाए और नशे के खिलाफ एक मजबूत सामाजिक नेटवर्क तैयार किया जाए।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण में ग्राम रक्षा समितियों (VDC) की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इन समितियों के माध्यम से गांवों में लोगों को संगठित किया जाएगा ताकि नशे की रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा विरोधी गतिविधियों को तेज किया जाए और जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

ग्राम रक्षा समितियों की बड़ी बैठक, 1.50 लाख सदस्यों की टीम करेगी काम

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि आने वाले महीने में ग्राम रक्षा समितियों (VDC) की एक बड़ी राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य अभियान के दूसरे चरण को नई दिशा देना और गांव स्तर पर चल रही गतिविधियों की समीक्षा करना होगा।

सरकार के अनुसार, ग्राम रक्षा समितियां नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने, युवाओं को सही दिशा देने और स्थानीय स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन समितियों में बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं और करीब 1.50 लाख सदस्यों की मजबूत टीम तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के लोग अपने क्षेत्र की समस्याओं को सबसे बेहतर तरीके से समझते हैं। इसलिए नशे जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार और जनता मिलकर ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान निकाल सकते हैं।

नशा मुक्त गांव बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही सरकार

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पंजाब के गांवों को नशा मुक्त बनाना है। इसके लिए केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में जागरूकता पैदा करना और युवाओं को सकारात्मक दिशा देना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नशे के कारण कई परिवार प्रभावित होते हैं और युवाओं का भविष्य खराब होता है। इसलिए सरकार शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक भागीदारी के माध्यम से इस समस्या का समाधान करने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री ने ग्राम रक्षा समितियों से जुड़े सदस्यों से अपील की कि वे अपने गांवों में लोगों को नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करें और युवाओं को खेल, शिक्षा तथा रोजगार से जुड़ी गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।

VDC सदस्यों को जारी होंगे पहचान पत्र, बढ़ेगी जिम्मेदारी और सम्मान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम रक्षा समितियों के सदस्यों को जल्द से जल्द पहचान पत्र जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में योगदान देने वाले लोगों की भूमिका को मान्यता देना जरूरी है।

पहचान पत्र मिलने से VDC सदस्यों को अपने कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, इससे प्रशासन और समितियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग समाज की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें सरकार का पूरा समर्थन दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समितियों को आवश्यक संसाधन और सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

नशे के खिलाफ जनभागीदारी को बनाया जा रहा अभियान का आधार

भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान अब केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों की भागीदारी से एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि जब समाज का हर वर्ग इस लड़ाई में शामिल होगा, तभी नशे जैसी समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दे रही है। नशे की आपूर्ति रोकने के साथ-साथ युवाओं को इससे दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि पंजाब के हर गांव तक इसका प्रभाव पहुंचे। इसके लिए प्रशासन, पंचायतों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा रहा है।

पहले चरण के बाद अब दूसरे चरण में नई रणनीति के साथ आगे बढ़ेगा अभियान

‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के पहले चरण में सरकार ने नशे के खिलाफ कार्रवाई, जागरूकता कार्यक्रम और प्रशासनिक स्तर पर कई कदम उठाए थे। अब दूसरे चरण में सरकार का फोकस समाज की भागीदारी बढ़ाने और गांवों को इस अभियान का केंद्र बनाने पर है।

दूसरे चरण में ग्राम रक्षा समितियों को सक्रिय भूमिका देने के साथ-साथ लोगों को नशे के खिलाफ संगठित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर मजबूत निगरानी व्यवस्था तैयार होने से नशे के खिलाफ लड़ाई को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता पर जोर

पंजाब सरकार का कहना है कि नशे की समस्या से निपटने के लिए युवाओं को जागरूक करना सबसे जरूरी कदमों में से एक है। इसके लिए स्कूलों, गांवों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

सरकार का प्रयास है कि युवाओं को खेल, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाए, ताकि वे नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रह सकें।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग और ग्राम स्तर पर सक्रिय भागीदारी से ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान को और मजबूती मिलेगी।

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