देश में महंगाई से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। बुधवार को कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें लागू होने के बाद अब होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसाय और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के लिए गैस का खर्च पहले की तुलना में बढ़ जाएगा।
तेल कंपनियों के अनुसार, यह बढ़ोतरी वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और ऊर्जा बाजार में आई तेजी के कारण की गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और उससे जुड़ी आपूर्ति संबंधी चिंताओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसका असर ईंधन और गैस की कीमतों पर भी पड़ रहा है।
नई कीमतों के बाद दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2,078.50 रुपये हो गई है। इससे पहले 1 मार्च को भी कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 114.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार दो बार हुई बढ़ोतरी के कारण व्यवसायों के संचालन खर्च में वृद्धि होने की संभावना है।
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों, कैंटीन, मिठाई की दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। इसकी कीमतों में बदलाव का सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार से होता है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। कई देशों में तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, संघर्ष की स्थिति के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक की वृद्धि देखने को मिली है। इसी वजह से घरेलू बाजार में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों को भी संशोधित किया गया है।
दिल्ली में 19 किलो LPG सिलेंडर की नई कीमत
कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर का दाम अब 2,078.50 रुपये हो गया है।
इससे पहले 1 मार्च को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 114.50 रुपये की वृद्धि की गई थी। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण छोटे और बड़े कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
व्यावसायिक गैस का इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों और संस्थानों को अब हर सिलेंडर खरीदने पर पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना होगा।
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में नहीं हुआ बदलाव
कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा होने के बावजूद घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर रखे गए हैं।
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बदलाव 7 मार्च को किया गया था। उस समय 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई थी। वर्तमान में घरेलू उपभोक्ताओं को इसी कीमत के आधार पर गैस सिलेंडर मिल रहा है।
आम लोगों पर कैसे पड़ेगा असर
हालांकि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा होने का अप्रत्यक्ष असर आम लोगों पर पड़ सकता है।
होटल, रेस्टोरेंट और खाने-पीने के व्यवसाय में LPG एक महत्वपूर्ण खर्च होता है। गैस की कीमत बढ़ने से इन संस्थानों की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई दे सकता है।
रेस्टोरेंट संचालक बढ़े हुए खर्च को संतुलित करने के लिए मेन्यू की कीमतों में बदलाव कर सकते हैं। ऐसे में बाहर खाना खाने वाले ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।
होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ेगा दबाव
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा प्रभाव खाद्य व्यवसाय से जुड़े लोगों पर पड़ेगा।
छोटे ढाबे, चाय की दुकानें, मिठाई की दुकानें और छोटे रेस्टोरेंट सीमित बजट में काम करते हैं। गैस की कीमत बढ़ने से उनके लिए दैनिक संचालन खर्च बढ़ सकता है।
बड़े होटल और रेस्टोरेंट भी बढ़ती ऊर्जा लागत के कारण अपने खर्चों की समीक्षा कर सकते हैं। इससे खाद्य उद्योग में कीमतों पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
तेल कंपनियां हर महीने करती हैं कीमतों की समीक्षा
देश में LPG और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बदलाव सरकारी तेल कंपनियों द्वारा किया जाता है। प्रमुख तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों और मुद्रा विनिमय दर के आधार पर कीमतों की समीक्षा करती हैं।
आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में संशोधन किया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर-रुपये की विनिमय दर का घरेलू ईंधन कीमतों पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
पश्चिम एशिया तनाव का ऊर्जा बाजार पर असर
पश्चिम एशिया दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। यहां किसी भी तरह की राजनीतिक अस्थिरता या संघर्ष का असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर दिखाई देता है।
युद्ध या तनाव की स्थिति में तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ जाती है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर क्षेत्रीय तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो ईंधन और गैस की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल बदलाव नहीं
LPG कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है।
पिछले साल मार्च में पेट्रोल की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। इसके बाद से देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं।
दिल्ली में वर्तमान में पेट्रोल की कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 87.62 रुपये प्रति लीटर है।
आगे कीमतों पर नजर बनाए रखना जरूरी
ऊर्जा बाजार में लगातार बदलाव हो रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ सकता है। आने वाले समय में यदि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में और तेजी आती है तो पेट्रोलियम उत्पादों और गैस कीमतों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
वहीं, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में राहत मिलती है और ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होती है तो कीमतों में स्थिरता या कमी की संभावना भी बन सकती है। फिलहाल कमर्शियल LPG सिलेंडर की बढ़ी हुई कीमतों का असर व्यवसायों और उपभोक्ताओं दोनों पर देखने को मिलेगा।




