पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार ने राज्य में अपने चार साल के कार्यकाल को लेकर उपलब्धियों का ब्यौरा साझा करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ कार्यक्रम के तहत अलग-अलग विभागों के कामों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा।
मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने राज्य की पंचायत व्यवस्था, गांवों में बढ़ती सामुदायिक एकता और सरकार की नई योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर सरकार की ओर से कई योजनाओं और पहलों का जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों की मजबूती और स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशासन के लिए पंचायतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से सरकार ने निर्विरोध चुनी गई पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष विकास अनुदान योजना शुरू करने की घोषणा की है।
पंजाब में 13,236 पंचायतें, निर्विरोध चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि पंजाब में कुल 13,236 ग्राम पंचायतें हैं। राज्य में पंचायत चुनाव स्थानीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनके माध्यम से गांवों के विकास और प्रशासन से जुड़े फैसले लिए जाते हैं।
उन्होंने 2024 में हुए पंचायत चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस बार बड़ी संख्या में पंचायतों का गठन सर्वसम्मति से हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह गांवों में आपसी सहमति, भाईचारे और सामुदायिक सहयोग को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि जब गांव के लोग आपसी सहमति से पंचायत का चुनाव करते हैं तो इससे चुनावी विवाद कम होते हैं और विकास कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
2024 में बढ़ी निर्विरोध चुनी गई पंचायतों की संख्या
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंचायत चुनावों के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि साल 2018 में हुए पंचायत चुनावों के दौरान राज्य में 1,870 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई थीं।
वहीं, 2024 में यह संख्या बढ़कर 2,970 तक पहुंच गई। यानी पिछले चुनावों की तुलना में 1,100 से अधिक पंचायतें ऐसी रहीं जहां ग्रामीणों ने चुनावी प्रतिस्पर्धा के बजाय सर्वसम्मति से पंचायत चुनने का फैसला किया।
सरकार का कहना है कि यह बदलाव गांवों में बढ़ती एकजुटता और आपसी समझ का संकेत है। निर्विरोध पंचायतों के गठन से चुनावी प्रक्रिया में होने वाले खर्च और समय दोनों की बचत होती है।
निर्विरोध पंचायतों को मिलेगा 5 लाख रुपये का विशेष अनुदान
मुख्यमंत्री ने पंचायतों को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि जो पंचायतें निर्विरोध चुनी गई हैं, उन्हें सरकार की ओर से 5 लाख रुपये का विशेष विकास अनुदान दिया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य गांवों में आपसी सहयोग और सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि जब ग्रामीण मिलकर पंचायत का चुनाव करते हैं तो गांव के विकास कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।
यह विशेष अनुदान राशि गांवों में आवश्यक विकास कार्यों, स्थानीय सुविधाओं और सामुदायिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोग की जा सकेगी।
सरकार का उद्देश्य गांवों में एकता और विकास को बढ़ावा देना
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंचायतें गांवों के विकास की सबसे महत्वपूर्ण इकाई होती हैं। मजबूत पंचायत व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है।
निर्विरोध पंचायत चुनाव कराने से गांवों में आपसी विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा चुनाव प्रक्रिया में खर्च होने वाले संसाधनों की बचत भी होती है।
सरकार का उद्देश्य है कि पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाई न रहें, बल्कि गांवों के विकास और सामाजिक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभाएं।
ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों का पेश किया गया रिपोर्ट कार्ड
चार साल पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री मान ने ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग के कामों का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। पंचायतों को मजबूत बनाने, स्थानीय स्तर पर सुविधाएं बढ़ाने और गांवों के विकास को गति देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी राज्य के लोगों तक पहुंचाने के लिए यह कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों का भी किया गया जिक्र
इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए गए कार्यों का भी चार साल का रिपोर्ट कार्ड साझा किया था।
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों में किए गए सुधारों और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया था। उन्होंने सरकारी स्कूलों के परिणामों और सुविधाओं में हुए सुधार को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल बताया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार ने आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी।
आम आदमी पार्टी सरकार ने 2022 में संभाली थी सत्ता
पंजाब में आम आदमी पार्टी वर्ष 2022 में सत्ता में आई थी। विधानसभा चुनाव में जीत के बाद भगवंत सिंह मान ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली।
सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ अभियान शुरू किया है। इसके माध्यम से अलग-अलग विभागों के कामों और योजनाओं की जानकारी साझा की जा रही है।
सरकार का उद्देश्य है कि उसकी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी राज्य के हर गांव, गली और घर तक पहुंचे।
पंचायतों की भूमिका को बताया गया महत्वपूर्ण
पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में पंचायतों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। गांवों में सड़क, पानी, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य स्थानीय सुविधाओं से जुड़े कई फैसले पंचायतों के माध्यम से लिए जाते हैं।
यदि पंचायतें मजबूत होती हैं तो विकास योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में आसानी होती है। इसी वजह से सरकार की ओर से निर्विरोध पंचायतों को प्रोत्साहित करने की पहल को ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक कदम बताया जा रहा है।
विशेष अनुदान योजना से गांवों में विकास कार्यों को मिलेगी गति
5 लाख रुपये के विशेष विकास अनुदान से निर्विरोध चुनी गई पंचायतों को स्थानीय स्तर पर जरूरी कामों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
गांव अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार इस राशि का उपयोग विकास कार्यों में कर सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित यह योजना पंचायत चुनावों में सहमति और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।


