हिमाचल प्रदेश में भाजपा संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से नई रणनीति पर काम शुरू हो गया है। मंडी में आयोजित प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी ने उन नेताओं की वापसी पर विचार करने का संकेत दिया, जो पिछले चुनावों के दौरान बगावत कर पार्टी से अलग हो गए थे।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि संगठन के भीतर चल रहे असंतोष को खत्म करना प्राथमिकता होगी। इसी दिशा में एक अनुशासन समिति गठित करने का फैसला लिया गया है, जो भविष्य में पार्टी के अंदर अनुशासन बनाए रखने और विवादों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सूत्रों के अनुसार, यह समिति उन मामलों की भी समीक्षा करेगी, जिनमें पार्टी के भीतर रहते हुए कुछ नेताओं पर विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। समिति की सिफारिश के आधार पर ऐसे नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि आगामी चुनावों से पहले संगठन को एकजुट करना बेहद जरूरी है। इसी वजह से जहां एक ओर पुराने नेताओं की घर वापसी का रास्ता खोला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अनुशासन को सख्ती से लागू करने की तैयारी भी की जा रही है।

