देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को देखते हुए Reserve Bank of India (RBI) एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। प्रस्ताव के मुताबिक, ₹10,000 से अधिक के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत पूरे नहीं होंगे, बल्कि उनमें करीब 1 घंटे की देरी रखी जा सकती है। इस दौरान यूजर के पास गलत ट्रांजैक्शन को रोकने या कैंसिल करने का मौका रहेगा।
क्यों जरूरी है यह कदम?
RBI का कहना है कि साइबर ठग अक्सर लोगों पर मानसिक दबाव डालकर तुरंत पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। ऐसे में थोड़ी देरी यूजर को सोचने और फैसला बदलने का समय दे सकती है। आंकड़ों के अनुसार, बड़े ट्रांजैक्शन भले ही कम संख्या में हों, लेकिन कुल फ्रॉड रकम का बड़ा हिस्सा इन्हीं से जुड़ा होता है।
क्या-क्या नए बदलाव हो सकते हैं?
1. बड़े ट्रांजैक्शन पर ‘कूलिंग टाइम’
₹10,000 से ज्यादा के पेमेंट में 1 घंटे का होल्ड लगाया जा सकता है, जिससे गलती सुधारने का विकल्प मिलेगा।
2. बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा
70 साल से ऊपर के सीनियर सिटीजंस और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए ₹50,000 से अधिक ट्रांजैक्शन पर एक “ट्रस्टेड पर्सन” की मंजूरी जरूरी हो सकती है।
3. व्हाइटलिस्ट की सुविधा
यूजर अपने भरोसेमंद लोगों या मर्चेंट्स को व्हाइटलिस्ट में जोड़ सकेंगे। ऐसे मामलों में ट्रांजैक्शन बिना देरी के पूरा होगा।
4. ‘किल स्विच’ का विकल्प
अगर किसी को अकाउंट हैक होने का शक हो, तो वह तुरंत एक क्लिक में अपनी डिजिटल पेमेंट सेवाएं बंद कर सकेगा—कस्टमर केयर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
अभी क्या स्थिति है और क्या बदलेगा?
- अभी: ज्यादातर डिजिटल पेमेंट तुरंत पूरे हो जाते हैं
- प्रस्ताव के बाद: ₹10,000+ ट्रांजैक्शन में देरी और कैंसिल ऑप्शन
- अभी: बुजुर्गों के लिए अलग सुरक्षा व्यवस्था नहीं
- बाद में: बड़े ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त मंजूरी
- अभी: फ्रॉड होने पर बैंक से संपर्क जरूरी
- बाद में: खुद से तुरंत सेवाएं बंद करने की सुविधा
कब लागू होंगे नए नियम?
RBI फिलहाल बैंकों और National Payments Corporation of India (NPCI) के साथ इस प्रस्ताव पर काम कर रहा है। तकनीकी चुनौतियों और यूजर अनुभव को ध्यान में रखते हुए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है। जल्द ही विस्तृत गाइडलाइंस आने की उम्मीद है।
एक्सपर्ट की राय
RBI का मानना है कि डिजिटल पेमेंट की सबसे बड़ी ताकत उसकी स्पीड है, लेकिन सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए ‘फास्ट’ और ‘सेफ’ के बीच संतुलन बनाना इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य है।




