पंजाब में मिडल स्कूलों से शिक्षकों को डैपुटेशन पर भेजने के फैसले को लेकर विरोध तेज हो गया है। Democratic Teachers Front (डीटीएफ) ने इस नीति को शिक्षा व्यवस्था के लिए नुकसानदायक बताते हुए सरकार की आलोचना की है।
संगठन के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत कम छात्र संख्या वाले स्कूलों से शिक्षकों को हटाकर अन्य स्कूलों में भेजा जाएगा। तय मानकों के मुताबिक, 30 तक विद्यार्थियों वाले स्कूलों में केवल दो, 60 तक तीन और 90 तक चार शिक्षक ही रहेंगे, जबकि बाकी शिक्षकों को अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जाएगा।
डीटीएफ नेताओं Vikramdev Singh, Mahinder Kaudiyanwali और Ashwani Awasthi ने आरोप लगाया कि यह कदम ग्रामीण स्कूलों को कमजोर करने की दिशा में उठाया गया है। उनका कहना है कि इससे छात्रों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ेगा।
संगठन ने यह भी कहा कि यह नीति Right to Education Act 2009 के प्रावधानों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार पर नई भर्तियां न करने और शहरी स्कूलों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए इस फैसले को वापस लेने की मांग की है।




