टॉप कंपनियों पर दबाव: 7 दिग्गजों की मार्केट वैल्यू में ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट

टॉप कंपनियों पर दबाव: 7 दिग्गजों की मार्केट वैल्यू में ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा की गिरावट

शेयर बाजार में बीते हफ्ते कमजोरी का असर देश की सबसे बड़ी कंपनियों पर भी साफ दिखा। मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर टॉप-10 कंपनियों में से 7 कंपनियों की कुल वैल्यू करीब ₹2.05 लाख करोड़ घट गई। इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान Tata Consultancy Services (TCS) को हुआ, जिसकी वैल्यू ₹66,699 करोड़ कम होकर लगभग ₹8.67 लाख करोड़ रह गई।

इसी तरह Reliance Industries को भी बड़ा झटका लगा। कंपनी का मार्केट कैप ₹50,670 करोड़ घटकर ₹17.96 लाख करोड़ पर आ गया। इसके अलावा Bharti Airtel, ICICI Bank, Life Insurance Corporation of India (LIC) और Larsen & Toubro की वैल्यू में भी गिरावट दर्ज की गई।

दूसरी तरफ कुछ कंपनियों ने इस गिरावट भरे माहौल में भी मजबूती दिखाई। HDFC Bank का मार्केट कैप ₹23,090 करोड़ बढ़कर ₹12.08 लाख करोड़ पहुंच गया। वहीं Hindustan Unilever, State Bank of India और Bajaj Finance की वैल्यू में भी इजाफा हुआ।


बाजार में बड़ी गिरावट, निवेशकों पर असर

पूरे हफ्ते बाजार में बिकवाली का माहौल रहा। BSE Sensex 1,830 अंक (2.33%) लुढ़क गया, जबकि Nifty 50 में 455 अंकों (1.87%) की गिरावट आई। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 1000 अंक गिरकर 76,664 पर बंद हुआ और निफ्टी 275 अंक टूटकर 23,898 के स्तर पर आ गया।


मार्केट कैप क्या दर्शाता है?

किसी भी कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन उसके कुल जारी शेयरों की संख्या और प्रति शेयर कीमत के गुणनफल से निकलता है। यानी कंपनी के शेयर बाजार में मौजूद सभी शेयरों की कुल वैल्यू ही उसका मार्केट कैप कहलाती है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कंपनी के 1 करोड़ शेयर बाजार में मौजूद हैं और एक शेयर की कीमत ₹20 है, तो उसका मार्केट कैप ₹20 करोड़ होगा।


कंपनियों और निवेशकों के लिए इसका मतलब

मार्केट कैप में बढ़ोतरी कंपनी की ताकत को दर्शाती है। इससे कंपनियों को निवेश जुटाने, लोन लेने या अधिग्रहण (acquisition) करने में आसानी होती है। वहीं, गिरावट से उनकी वित्तीय क्षमता पर असर पड़ सकता है। निवेशकों के नजरिए से देखें तो मार्केट कैप बढ़ने पर उनके निवेश की वैल्यू बढ़ती है। लेकिन गिरावट आने पर उनकी संपत्ति घट सकती है, जिससे वे शेयर बेचने का निर्णय भी ले सकते हैं।


समग्र तस्वीर

कुल मिलाकर, बीते हफ्ते बाजार में आई गिरावट का असर बड़ी कंपनियों पर स्पष्ट रूप से दिखा। हालांकि कुछ कंपनियों ने मजबूती दिखाई, लेकिन व्यापक रूप से बाजार में दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों की संपत्ति पर असर पड़ा।