सिर्फ पेट भर रही भारतीय डाइट! रिसर्च में खुली प्रोटीन की भारी कमी की पोल

सिर्फ पेट भर रही भारतीय डाइट! रिसर्च में खुली प्रोटीन की भारी कमी की पोल

भारतीय खाना दुनियाभर में अपने मसालों और स्वाद के लिए मशहूर है, लेकिन अब एक नई रिसर्च ने हमारी रोजमर्रा की डाइट को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अध्ययन में खुलासा हुआ है कि भारतीय लोग जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खा रहे हैं, जबकि शरीर के लिए बेहद जरूरी प्रोटीन की मात्रा काफी कम है। यही असंतुलन आगे चलकर मोटापा, डायबिटीज और प्रीडायबिटीज जैसी बीमारियों की वजह बन सकता है।

हाल ही में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन में देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लाखों लोगों के खानपान और स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीयों की कुल दैनिक कैलोरी का बड़ा हिस्सा चावल, गेहूं और दूसरे कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थों से आता है। इसके मुकाबले प्रोटीन और हेल्दी फैट का सेवन बेहद सीमित पाया गया।

रिसर्च में यह भी सामने आया कि दक्षिण और पूर्वी भारत में सफेद चावल सबसे ज्यादा खाया जाता है, जबकि उत्तर भारत में गेहूं आधारित भोजन लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। वहीं मोटे अनाज यानी मिलेट्स का सेवन अभी भी देश के कुछ चुनिंदा राज्यों तक ही सीमित है।

सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि भारतीयों की डाइट में प्रोटीन की मात्रा तय जरूरत से काफी कम है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी है, लेकिन अधिकतर लोगों की थाली में इसकी कमी साफ दिखाई दे रही है। डेयरी और नॉनवेज स्रोतों से मिलने वाला प्रोटीन भी बेहद कम दर्ज किया गया।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट लेने से शरीर में फैट जमा होने लगता है, खासकर पेट के आसपास। इससे टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे का खतरा तेजी से बढ़ता है। इसके अलावा कई राज्यों में चीनी का जरूरत से ज्यादा सेवन भी पाया गया, जो सेहत के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है।

डॉक्टर्स और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि भारतीयों को अपनी डाइट में दाल, पनीर, अंडे, दही, सोया, बीन्स और ड्राई फ्रूट्स जैसी प्रोटीन से भरपूर चीजों को शामिल करना चाहिए। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत रखने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी मदद करता है।

(Photo : AI Generated)