नौतपा की भीषण गर्मी में किन चीजों से करें परहेज? जानिए कौन से खाद्य पदार्थ बढ़ा सकते हैं डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा
नौतपा के दौरान उत्तर भारत सहित देश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ जाता है। इस अवधि में तेज धूप, गर्म हवाएं (लू) और अत्यधिक गर्म वातावरण का असर सीधे शरीर पर पड़ता है। ऐसे मौसम में केवल बाहर निकलते समय सावधानी बरतना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि खानपान में भी विशेष सतर्कता आवश्यक मानी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में कुछ खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ शरीर के तापमान को बढ़ा सकते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन, हीट एक्सॉशन, हीट स्ट्रोक और पाचन संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
गर्मी के दिनों में शरीर लगातार पसीने के माध्यम से तापमान नियंत्रित करने का प्रयास करता है। इस प्रक्रिया में शरीर से पानी और आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स भी बाहर निकलते रहते हैं। यदि खानपान संतुलित न हो या पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ न लिए जाएं, तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है। यही कारण है कि चिकित्सक नौतपा के दौरान हल्का, ताजा और आसानी से पचने वाला भोजन करने की सलाह देते हैं।
यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि हर व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। इसलिए यदि किसी को पहले से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी संबंधी बीमारी या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो उसे अपने डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार भोजन का चयन करना चाहिए।
गर्मी में खानपान का सही चुनाव क्यों है जरूरी?
भीषण गर्मी के दौरान शरीर का मुख्य उद्देश्य तापमान को सामान्य बनाए रखना होता है। यदि ऐसे समय में अत्यधिक तला-भुना, भारी या मसालेदार भोजन किया जाए, तो उसे पचाने के लिए शरीर को अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। इससे शरीर के भीतर अतिरिक्त गर्मी उत्पन्न हो सकती है और व्यक्ति को थकान, बेचैनी या अधिक गर्मी महसूस हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में भोजन ऐसा होना चाहिए जो शरीर को ऊर्जा भी दे और उसे हाइड्रेट रखने में भी मदद करे। ताजे फल, मौसमी सब्जियां, दही, छाछ और पर्याप्त पानी इस मौसम में संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा माने जाते हैं।
तला-भुना और फास्ट फूड सीमित मात्रा में खाएं
बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, समोसा, कचौरी, चिप्स और अन्य तले हुए खाद्य पदार्थों में सामान्यतः अधिक मात्रा में तेल और वसा होती है। ऐसे भोजन को पचाने में शरीर को अधिक समय और ऊर्जा लग सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में अत्यधिक तला-भुना भोजन करने से कुछ लोगों को भारीपन, गैस, अपच और सुस्ती जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। इसलिए नौतपा के दौरान ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है।
अधिक मसालेदार भोजन भी बढ़ा सकता है असहजता
बहुत अधिक तीखा और मसालेदार भोजन कुछ लोगों में शरीर में गर्मी, एसिडिटी, सीने में जलन और पाचन संबंधी असुविधा बढ़ा सकता है। हालांकि इसका प्रभाव व्यक्ति की पाचन क्षमता और खानपान की आदतों पर भी निर्भर करता है।
गर्मी के मौसम में हल्के मसालों से तैयार ताजा भोजन अपेक्षाकृत अधिक आरामदायक माना जाता है। इससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव कम पड़ता है और शरीर को आवश्यक पोषण भी मिलता रहता है।
रेड मीट का सेवन क्यों सीमित रखने की सलाह दी जाती है?
कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि रेड मीट को पचाने में शरीर को अपेक्षाकृत अधिक समय और ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसी कारण गर्म मौसम में इसका अत्यधिक सेवन कुछ लोगों को अधिक थकान या भारीपन महसूस करा सकता है।
हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि रेड मीट पूरी तरह नुकसानदायक है। यदि इसका सेवन करना हो तो संतुलित मात्रा में, अच्छी तरह पका हुआ और पर्याप्त पानी के साथ लेना बेहतर माना जाता है।
ज्यादा नमक वाले पैकेज्ड स्नैक्स से भी रखें दूरी
पैकेज्ड चिप्स, नमकीन, प्रोसेस्ड स्नैक्स और इंस्टेंट फूड में अक्सर अधिक मात्रा में नमक और प्रिजर्वेटिव्स पाए जाते हैं। अधिक नमक का सेवन शरीर के फ्लूइड बैलेंस को प्रभावित कर सकता है और कुछ लोगों में प्यास अधिक लगने या पानी की कमी का जोखिम बढ़ सकता है।
गर्मी के मौसम में ताजे और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।
मीठे सॉफ्ट ड्रिंक और सोडा का अधिक सेवन क्यों नहीं करना चाहिए?
भीषण गर्मी में कई लोग प्यास बुझाने के लिए कोल्ड ड्रिंक, सोडा या अधिक चीनी वाले पेय पदार्थों का सेवन करते हैं। हालांकि इनमें मौजूद अतिरिक्त शुगर नियमित और अधिक मात्रा में लेने पर स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक मीठे पेय पदार्थ शरीर को पर्याप्त हाइड्रेशन देने के बजाय अतिरिक्त कैलोरी और शुगर प्रदान करते हैं। इसलिए प्यास बुझाने के लिए सादा पानी, नारियल पानी या अन्य प्राकृतिक पेय बेहतर विकल्प माने जाते हैं।
कैफीन वाले पेय पदार्थों का सेवन संतुलित रखें
चाय, कॉफी और कुछ एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन पाया जाता है। सामान्य मात्रा में इनका सेवन अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में कैफीन लेने से कुछ लोगों में शरीर से तरल पदार्थ की कमी, बेचैनी या नींद संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
यदि मौसम अत्यधिक गर्म हो और व्यक्ति पहले से डिहाइड्रेशन की स्थिति में हो, तो पर्याप्त पानी पीना और कैफीनयुक्त पेय का संतुलित सेवन करना अधिक उचित माना जाता है।
शराब का सेवन गर्मी में क्यों बढ़ा सकता है जोखिम?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शराब का सेवन शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकता है। गर्म मौसम में पहले से अधिक पसीना निकलने के कारण शरीर में तरल पदार्थ कम हो रहे होते हैं। ऐसे में शराब का सेवन कुछ लोगों में डिहाइड्रेशन की स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
यदि कोई व्यक्ति धूप में अधिक समय बिताता है या अत्यधिक गर्म वातावरण में काम करता है, तो इस मौसम में शराब से परहेज करना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
बासी और खुले में रखा भोजन क्यों नहीं खाना चाहिए?
गर्म मौसम में भोजन अपेक्षाकृत जल्दी खराब हो सकता है। यदि भोजन लंबे समय तक खुले में रखा रहे या उचित तापमान पर संग्रहित न किया जाए, तो उसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं।
ऐसा भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त, पेट दर्द और अन्य संक्रमणों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए नौतपा के दौरान हमेशा ताजा भोजन करने और बचे हुए खाने को सुरक्षित तरीके से फ्रिज में रखने की सलाह दी जाती है।
बहुत ज्यादा ठंडी चीजों का सेवन भी सोच-समझकर करें
भीषण गर्मी में कई लोग बर्फ वाला पानी या अत्यधिक ठंडे पेय तुरंत राहत पाने के लिए पीते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत अधिक ठंडी चीजों का अचानक सेवन कुछ लोगों में गले की परेशानी या अस्थायी असुविधा पैदा कर सकता है।
सामान्य या हल्के ठंडे तापमान वाले पेय पदार्थों का सेवन अधिक आरामदायक माना जाता है।
गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखने वाले प्राकृतिक पेय
नौतपा के दौरान शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में सादा पानी पीना आवश्यक है। इसके अलावा नारियल पानी, छाछ, लस्सी, सत्तू का शरबत और बेल का शरबत जैसे पारंपरिक पेय पदार्थ भी शरीर को तरल पदार्थ और कुछ आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं।
इन पेय पदार्थों का सेवन गर्मी के मौसम में लंबे समय से किया जाता रहा है और इन्हें शरीर को तरोताजा रखने वाले विकल्पों में शामिल माना जाता है।
मौसमी फल और हल्का भोजन हो सकता है बेहतर विकल्प
तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, संतरा, मौसमी और अन्य पानी से भरपूर फल गर्मियों के मौसम में लोकप्रिय विकल्प माने जाते हैं। इनमें प्राकृतिक रूप से पानी की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर के हाइड्रेशन में योगदान दे सकती है।
इसके साथ ही हरी सब्जियां, दाल, दही, सलाद और हल्का घर का बना भोजन पाचन तंत्र पर कम दबाव डालता है और शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करता है।
लू से बचाव के लिए खानपान के साथ अन्य सावधानियां भी जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि नौतपा के दौरान दोपहर की तेज धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, सिर को ढकें और नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। लंबे समय तक धूप में रहने के बाद यदि चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, तेज बुखार, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे हीट स्ट्रोक का संकेत माना जा सकता है और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी चिकित्सकीय समस्या, विशेष आहार या बीमारी की स्थिति में योग्य डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।




