लुधियाना केस में कोर्ट सख्त, रवनीत बिट्टू समेत अन्य आरोपियों को पेश होने का आदेश

लुधियाना केस में कोर्ट सख्त, रवनीत बिट्टू समेत अन्य आरोपियों को पेश होने का आदेश

लुधियाना में दर्ज एक आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को नोटिस जारी करते हुए व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) पवलीन सिंह की अदालत ने यह कदम उस समय उठाया जब सुनवाई के दौरान बिट्टू अदालत में उपस्थित नहीं हुए और उनकी ओर से कोई पूर्व अनुमति भी नहीं ली गई थी।

अदालत ने मामले में सह-आरोपी और पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा की गैरहाजिरी को भी गंभीरता से लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। दोनों नेताओं को आगामी 8 जून 2026 को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के आदेश दिए गए हैं।

यह मामला नगर निगम के एक कार्यालय में कथित रूप से सरकारी कार्य में बाधा डालने से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान निगम कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया गया था, जिससे कर्मचारियों, अधिकारियों और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस का कहना है कि इस घटना के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ और लोक सेवकों को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा पहुंची।

मामले में रवनीत सिंह बिट्टू के अलावा पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, कांग्रेस नेता संजय तलवाड़, शाम सुंदर मल्होत्रा और कई अन्य व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में लगभग 60 से अधिक लोगों के नाम शामिल किए गए थे।

एफआईआर मार्च 2024 में थाना डिवीजन नंबर-1 में दर्ज की गई थी। शिकायत नगर निगम जोन-ए कार्यालय में तैनात गेटमैन अमित कुमार द्वारा दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि प्रदर्शन कर रहे कुछ लोग जबरन परिसर में दाखिल हुए, कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की और बाद में मुख्य गेट को बंद कर दिया। इससे कार्यालय की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं और आम जनता को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मामले की सुनवाई अब 8 जून को होगी। अदालत की ओर से जारी नोटिस के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अगली सुनवाई में आरोपियों की मौजूदगी और मामले की प्रगति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।