आज के समय में खानपान को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदल रही है। पहले जहां ज्यादातर लोग पारंपरिक डाइट को ही अपनाते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग अपनी सेहत, पर्यावरण और पशु कल्याण को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग तरह की डाइट फॉलो कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है वीगन डाइट, जो पिछले कुछ सालों में काफी लोकप्रिय हुई है।
वीगन डाइट को लेकर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि जब इसमें दूध, दही, पनीर, घी, अंडे और मांस जैसी चीजों को शामिल नहीं किया जाता, तो फिर शरीर को जरूरी पोषण कैसे मिलता है? आखिर वीगन लोग खाते क्या हैं और उनकी रोज की थाली कैसी होती है? आइए जानते हैं।
पौधों पर आधारित होती है पूरी डाइट
वीगन डाइट पूरी तरह से पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों पर आधारित होती है। इसमें किसी भी तरह के पशु उत्पाद को शामिल नहीं किया जाता। इसका मतलब है कि वीगन लोग दूध और उससे बनी चीजें, अंडे, मांस, मछली और अन्य पशु आधारित खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर रखते हैं। इस तरह की डाइट में फल, हरी सब्जियां, अनाज, दालें, बीन्स, मेवे, बीज और सोयाबीन से बने उत्पाद प्रमुख रूप से खाए जाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर वीगन डाइट को सही तरीके से प्लान किया जाए तो यह शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व दे सकती है।
रोज की वीगन थाली में क्या-क्या होता है?
वीगन लोगों की प्लेट देखने में काफी अलग हो सकती है, लेकिन इसमें पोषण का संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जाती है। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक कई तरह के विकल्प मौजूद होते हैं। नाश्ते में लोग ओट्स, फल, नट्स, बीज, पोहा, उपमा या पौधों से बने दूध के साथ सीरियल ले सकते हैं। दोपहर और रात के भोजन में रोटी, चावल, दाल, सब्जी, सलाद और दालों से बनी चीजें शामिल की जाती हैं।
प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए राजमा, छोले, मसूर की दाल, मूंग दाल, सोयाबीन, टोफू और अन्य दालों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं ऊर्जा के लिए आलू, शकरकंद, साबुत अनाज और ब्राउन राइस जैसे विकल्प चुने जाते हैं।
दूध की जगह लेते हैं ये विकल्प
वीगन डाइट में सबसे ज्यादा बदलाव दूध और डेयरी उत्पादों को लेकर होता है। क्योंकि इसमें गाय या भैंस के दूध का सेवन नहीं किया जाता, इसलिए लोग इसकी जगह प्लांट बेस्ड विकल्पों का इस्तेमाल करते हैं। सोया मिल्क, ओट मिल्क, बादाम मिल्क और मटर से बने ड्रिंक्स आजकल काफी लोकप्रिय हैं। इसी तरह डेयरी योगर्ट की जगह सोया या अन्य पौधों से बने योगर्ट का इस्तेमाल किया जाता है। कई प्लांट बेस्ड मिल्क में कैल्शियम और विटामिन जैसे पोषक तत्व अतिरिक्त रूप से मिलाए जाते हैं ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिल सके।
कैल्शियम के लिए क्या खाते हैं वीगन लोग?
दूध को कैल्शियम का मुख्य स्रोत माना जाता है, इसलिए वीगन लोगों को अपनी डाइट में कैल्शियम वाले दूसरे खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी होता है। इसके लिए तिल, टोफू, हरी पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, पत्तागोभी, भिंडी और सूखे मेवों का सेवन किया जाता है। कुछ लोग कैल्शियम से भरपूर फोर्टिफाइड फूड्स भी लेते हैं।
हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए केवल कैल्शियम ही नहीं बल्कि विटामिन डी भी जरूरी होता है। इसके लिए धूप को प्राकृतिक स्रोत माना जाता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं।
प्रोटीन की कमी कैसे पूरी करते हैं?
अक्सर लोगों को लगता है कि बिना मांस और डेयरी के पर्याप्त प्रोटीन मिलना मुश्किल है, लेकिन वीगन डाइट में इसके कई विकल्प मौजूद होते हैं। दालें, चने, राजमा, सोयाबीन, टोफू, मूंगफली और अलग-अलग तरह के बीज प्रोटीन के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। जो लोग नियमित व्यायाम करते हैं, वे अपनी जरूरत के हिसाब से प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए इन चीजों को डाइट में शामिल करते हैं।
आयरन के लिए खाते हैं ये चीजें
शरीर में आयरन की कमी से बचने के लिए वीगन लोग हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, बीन्स, सूखे मेवे और साबुत अनाज खाते हैं।
पौधों से मिलने वाले आयरन को शरीर बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सके, इसके लिए विटामिन सी वाली चीजों को भी साथ लेना फायदेमंद माना जाता है। जैसे नींबू, संतरा, आंवला और अन्य खट्टे फल आयरन के अवशोषण में मदद कर सकते हैं।
विटामिन बी12 के लिए रहना पड़ता है सतर्क
वीगन डाइट में विटामिन बी12 एक ऐसा पोषक तत्व है जिस पर विशेष ध्यान देना पड़ता है। यह विटामिन मुख्य रूप से पशु उत्पादों में पाया जाता है, इसलिए वीगन लोगों में इसकी कमी का खतरा हो सकता है। इस कमी को पूरा करने के लिए कई लोग फोर्टिफाइड फूड्स या डॉक्टर की सलाह से बी12 सप्लीमेंट्स लेते हैं। शरीर में बी12 की कमी होने पर थकान, कमजोरी और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
ओमेगा-3 के लिए ये हैं विकल्प
मछली को ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत माना जाता है, लेकिन वीगन लोग मछली नहीं खाते। ऐसे में वे अखरोट, अलसी के बीज, चिया सीड्स और भांग के बीज जैसे विकल्पों का इस्तेमाल करते हैं।
ये चीजें शरीर को जरूरी फैटी एसिड उपलब्ध कराने में मदद कर सकती हैं।
क्या वीगन डाइट हर किसी के लिए सही है?
विशेषज्ञों का कहना है कि वीगन डाइट अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन इसे संतुलित तरीके से अपनाना जरूरी है। केवल फल और सलाद खाने से शरीर की सभी जरूरतें पूरी नहीं होतीं। अगर डाइट सही तरीके से प्लान नहीं की गई तो कैल्शियम, आयरन, विटामिन बी12, आयोडीन और सेलेनियम जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। इसलिए वीगन बनने से पहले यह समझना जरूरी है कि शरीर को किन पोषक तत्वों की जरूरत है और उन्हें पौधों से मिलने वाले किन स्रोतों से पूरा किया जा सकता है।
कुल मिलाकर वीगन डाइट सिर्फ मांस या दूध छोड़ने का नाम नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा खानपान तरीका है जिसमें संतुलन, सही जानकारी और पोषण का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है।
(Disclaimer: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। किसी भी नई डाइट को अपनाने से पहले अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।)
(Photo : AI Generated)




