ई-कॉमर्स के जरिए बदलेगी हरियाणा की अर्थव्यवस्था, किसानों और MSME को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी

ई-कॉमर्स के जरिए बदलेगी हरियाणा की अर्थव्यवस्था, किसानों और MSME को वैश्विक बाजार से जोड़ने की तैयारी

हरियाणा सरकार राज्य की कृषि और औद्योगिक अर्थव्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर नई संभावनाएं पैदा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को नई दिल्ली में फ्लिपकार्ट ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कल्याण कृष्णमूर्ति और चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर रजनीश कुमार के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), कौशल विकास, रोजगार सृजन और तकनीक आधारित आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि हरियाणा के किसानों और छोटे उद्योगों को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़े बाजारों तक पहुंच दिलाई जाए। सरकार का मानना है कि यदि किसानों और स्थानीय उद्यमियों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए तो उनकी आय बढ़ने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा कृषि उत्पादन और औद्योगिक विकास दोनों क्षेत्रों में अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऐसे में आधुनिक तकनीक और डिजिटल मार्केटिंग के जरिए किसानों तथा स्थानीय उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने फ्लिपकार्ट से राज्य के साथ दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत बनाने का आग्रह किया ताकि कृषि क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सके।

बैठक में विशेष रूप से बागवानी (हॉर्टिकल्चर) और ताजी कृषि उपज (फ्रेश प्रोड्यूस) की खरीद एवं आपूर्ति प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि हरियाणा के अधिक से अधिक किसान उत्पादक संगठन (FPO) और किसान समूहों को तकनीक आधारित सप्लाई चेन से जोड़ा जाए, जिससे उनकी उपज सीधे बड़े उपभोक्ता बाजारों तक पहुंच सके। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।

सरकार का मानना है कि डिजिटल सप्लाई चेन केवल बाजार तक पहुंच बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता, समय पर डिलीवरी और पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जा सकती है। इससे किसानों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी और वे बदलते बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन करने के लिए भी प्रोत्साहित होंगे।

बैठक में हरियाणा के MSME सेक्टर को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। राज्य के हजारों छोटे और मध्यम उद्योग घरेलू बाजार तक सीमित हैं। यदि उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का लाभ मिले तो उनके उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों तक भी पहुंच सकते हैं। इससे उत्पादन बढ़ेगा, कारोबार का विस्तार होगा और नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

कौशल विकास को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ते दायरे को देखते हुए युवाओं को नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना आवश्यक है। इस दिशा में सरकार और फ्लिपकार्ट मिलकर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित कर सकते हैं, जिनसे युवाओं को ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल ऑपरेशन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और अन्य आधुनिक क्षेत्रों में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

फ्लिपकार्ट के CEO कल्याण कृष्णमूर्ति ने भी हरियाणा सरकार के साथ अपने सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि कंपनी राज्य के किसानों, स्थानीय उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को डिजिटल बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी। उनका कहना था कि तकनीक के माध्यम से ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था के बीच की दूरी को कम किया जा सकता है तथा छोटे उत्पादकों को भी बड़े बाजारों का लाभ दिलाया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि फ्लिपकार्ट की कोशिश रहेगी कि हरियाणा के कृषि उत्पादों, बागवानी उत्पादों और स्थानीय उद्योगों के सामान को व्यापक उपभोक्ता आधार तक पहुंचाने के लिए आवश्यक तकनीकी और व्यावसायिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। इससे राज्य में उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

बैठक में समावेशी आर्थिक विकास को गति देने के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर भी विचार किया गया। सरकार का उद्देश्य है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल बड़े उद्योगों तक सीमित न रहें, बल्कि छोटे किसान, महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण क्षेत्रों के व्यवसायी भी इनका लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेश, नवाचार और तकनीकी साझेदारी को प्रोत्साहित करने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य के युवाओं को बेहतर रोजगार, किसानों को अधिक आय और उद्योगों को नए बाजार उपलब्ध कराए जाएं। इसके लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के चीफ कोऑर्डिनेटर सुनील शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने राज्य में उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए चल रही विभिन्न पहलों की जानकारी साझा की और भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी चर्चा की।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की साझेदारी प्रभावी ढंग से लागू होती है तो हरियाणा के किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, MSME इकाइयों और स्टार्टअप्स को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ने का बड़ा अवसर मिलेगा। इससे राज्य की कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी, उत्पादों की बाजार तक पहुंच आसान बनेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

हरियाणा सरकार की यह पहल राज्य को तकनीक आधारित कृषि और डिजिटल व्यापार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से किसानों, छोटे उद्योगों और युवाओं को आधुनिक आर्थिक व्यवस्था का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।