जींद में 17 जुलाई को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारी तेज, रेलवे परियोजनाओं के लोकार्पण को लेकर प्रशासन अलर्ट

जींद में 17 जुलाई को प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारी तेज, रेलवे परियोजनाओं के लोकार्पण को लेकर प्रशासन अलर्ट

जींद: हरियाणा के जींद जिले में 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री देश की महत्वाकांक्षी हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के साथ जींद और नरवाना रेलवे जंक्शन से जुड़ी महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शुभारंभ कर सकते हैं। हालांकि अंतिम कार्यक्रम और आयोजन स्थल की आधिकारिक घोषणा अभी शेष है, लेकिन तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन, रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां लगातार समन्वय बनाकर तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं। पिछले कई दिनों से वरिष्ठ अधिकारी जींद का दौरा कर विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। सुरक्षा, यातायात, मंच व्यवस्था, रेलवे परियोजनाओं और जनसभा की संभावित तैयारियों को लेकर विभागों के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं।

मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष करेंगे तैयारियों की समीक्षा

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता जींद पहुंचेंगे। दोनों नेता संभावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने के साथ जिला प्रशासन और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

इस दौरान मुख्यमंत्री संबंधित अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी लेंगे और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे। इसके अलावा भाजपा संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ भी बैठक प्रस्तावित है, जिसमें कार्यक्रम के दौरान संगठन की भूमिका और जिम्मेदारियों पर चर्चा की जाएगी।

आयोजन स्थल पर अंतिम फैसला अभी बाकी

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए दो स्थानों पर विचार किया जा रहा है। इनमें एकलव्य स्टेडियम और चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) का मैदान प्रमुख विकल्प हैं। दोनों स्थानों की क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निर्णय सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। कार्यक्रम स्थल तय होने के बाद वहां आवश्यक निर्माण कार्य, बैरिकेडिंग, पार्किंग, मंच और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

रेलवे परियोजनाओं पर रहेगा विशेष फोकस

प्रस्तावित कार्यक्रम में हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना सबसे प्रमुख आकर्षण मानी जा रही है। इसके अलावा जींद और नरवाना रेलवे जंक्शन से जुड़ी विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण प्रस्तावित है।

रेलवे विभाग इन परियोजनाओं को आधुनिक रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ रेलवे संचालन में भी सुधार होगा।

लगातार हो रहे हैं उच्च अधिकारियों के दौरे

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए रेलवे और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार जींद पहुंच रहे हैं। हाल के दिनों में रेलवे के विभिन्न उच्च अधिकारियों ने परियोजनाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया है।

सबसे पहले रेलवे मंडल प्रबंधक (डीआरएम) पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने जींद पहुंचकर रेलवे से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया। इसके बाद हिसार रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कुलदीप सिंह यादव ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। रविवार को रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने भी अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजनाओं और कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली।

लगातार हो रहे इन दौरों से स्पष्ट है कि रेलवे और प्रशासन कार्यक्रम को लेकर किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते।

सुरक्षा व्यवस्था रहेगी प्राथमिकता

प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सक्रिय हो गई हैं। कार्यक्रम स्थल, रेलवे परिसरों और संभावित रूट का सुरक्षा के दृष्टिकोण से आकलन किया जा रहा है।

जिला पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल, विशेष सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहे। अधिकारियों द्वारा यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्गों सहित सभी पहलुओं की विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।

जिला प्रशासन ने शुरू की समन्वय बैठकें

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठकों का सिलसिला भी शुरू कर दिया है। बिजली, स्वास्थ्य, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, नगर परिषद, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों को अपनी-अपनी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान पेयजल, चिकित्सा सहायता, साफ-सफाई, आपातकालीन सेवाओं और यातायात नियंत्रण जैसी व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

संगठन स्तर पर भी बढ़ी सक्रियता

भाजपा संगठन भी संभावित कार्यक्रम को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संपर्क किया जा रहा है। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की प्रस्तावित बैठक में संगठनात्मक तैयारियों की समीक्षा के साथ कार्यकर्ताओं को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

पार्टी का प्रयास रहेगा कि कार्यक्रम के दौरान संगठन और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बना रहे और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हों।

आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार

हालांकि तैयारियां तेजी से चल रही हैं, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से विस्तृत आधिकारिक कार्यक्रम और अंतिम समय-सारिणी का इंतजार किया जा रहा है। इसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रधानमंत्री रेलवे परियोजनाओं के उद्घाटन के साथ जींद में सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे या नहीं।

अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही अंतिम कार्यक्रम प्राप्त होगा, उसी के अनुसार सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा।

तैयारियों पर टिकीं सबकी निगाहें

17 जुलाई के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जींद में प्रशासनिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। रेलवे, जिला प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियां और भाजपा संगठन अपने-अपने स्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे के बाद कार्यक्रम स्थल और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है। फिलहाल जिले में सभी विभाग संभावित प्रधानमंत्री दौरे को सफल बनाने के लिए समन्वित रूप से काम कर रहे हैं।