PPP सत्यापन के बीच हरियाणा सरकार की बड़ी राहत, दस्तावेज नहीं होने पर भी नहीं रुकेगी बुजुर्गों की पेंशन

PPP सत्यापन के बीच हरियाणा सरकार की बड़ी राहत, दस्तावेज नहीं होने पर भी नहीं रुकेगी बुजुर्गों की पेंशन

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र (PPP) में जन्मतिथि सत्यापन को लेकर बुजुर्गों के बीच पैदा हुई चिंताओं को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध न होने की वजह से किसी भी पात्र वरिष्ठ नागरिक की वृद्धावस्था सम्मान भत्ता पेंशन बंद नहीं की जाएगी। इसके लिए सरकार एक वैकल्पिक सत्यापन व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है, जिससे वर्षों पुराने रिकॉर्ड न होने के बावजूद पात्र बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद संबंधित विभागों ने ऐसी व्यवस्था तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे जन्म प्रमाण पत्र या अन्य आधिकारिक दस्तावेज न रखने वाले वरिष्ठ नागरिकों की आयु का सत्यापन दूसरे विश्वसनीय आधारों पर किया जा सके। सरकार का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया का उद्देश्य रिकॉर्ड को अधिक प्रमाणिक बनाना है, न कि लाभार्थियों की पेंशन रोकना।

सत्यापन प्रक्रिया शुरू होते ही बढ़ी थी बुजुर्गों की चिंता

हाल ही में परिवार पहचान पत्र में दर्ज जन्मतिथि और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद राज्य के हजारों बुजुर्गों में यह आशंका पैदा हो गई थी कि यदि उनके पास जन्मतिथि प्रमाणित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं होंगे तो उनकी पेंशन प्रभावित हो सकती है।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जिनका जन्म कई दशक पहले हुआ था, उनके पास जन्म प्रमाण पत्र या शैक्षणिक प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हैं। उस समय अधिकांश जन्मों का सरकारी पंजीकरण नहीं होता था, जिसके कारण आज बड़ी संख्या में बुजुर्गों के पास अपनी आयु साबित करने के लिए सीमित दस्तावेज ही मौजूद हैं।

इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नियमों में लचीलापन लाने का निर्णय लिया है ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को केवल तकनीकी कारणों से सरकारी सहायता से वंचित न होना पड़े।

बड़ी संतान के रिकॉर्ड से होगा आयु का सत्यापन

नई प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार यदि किसी वरिष्ठ नागरिक के पास जन्मतिथि प्रमाणित करने वाला कोई मान्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो उसकी आयु का सत्यापन परिवार पहचान पत्र में दर्ज उसकी सबसे बड़ी संतान के रिकॉर्ड के आधार पर किया जा सकेगा।

यदि परिवार के सबसे बड़े बेटे या बेटी की जन्मतिथि पहले से प्रमाणित है और उसका विवरण परिवार पहचान पत्र में दर्ज है, तो उसी रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित बुजुर्ग की अनुमानित आयु का सत्यापन किया जाएगा। इससे उन हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है जो वर्षों से सरकारी योजनाओं का लाभ तो ले रहे हैं, लेकिन उनके पास जन्म से संबंधित औपचारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।

पात्र लाभार्थियों की पेंशन नहीं होगी प्रभावित

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में चल रही जन्मतिथि सत्यापन प्रक्रिया का सीधा संबंध पेंशन वितरण से नहीं है। जिन लाभार्थियों की जानकारी अभी सत्यापित नहीं हुई है, उन्हें पहले की तरह नियमित रूप से वृद्धावस्था सम्मान भत्ता मिलता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र नागरिक केवल इसलिए सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए क्योंकि उसकी सत्यापन प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ लगातार पहुंचाना है।

रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की कवायद

परिवार पहचान पत्र हरियाणा सरकार की प्रमुख डिजिटल व्यवस्था है, जिसके माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचाया जाता है। समय के साथ इसमें दर्ज जानकारी को अद्यतन और प्रमाणिक बनाए रखने की आवश्यकता महसूस की गई, जिसके चलते जन्मतिथि सहित कई विवरणों का सत्यापन अभियान शुरू किया गया।

सरकार का कहना है कि रिकॉर्ड सही होने से भविष्य में सरकारी योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी, पात्रता निर्धारण आसान होगा और किसी प्रकार के विवाद की संभावना भी कम होगी।

फिलहाल पांच दस्तावेजों से किया जा रहा है सत्यापन

वर्तमान नियमों के अनुसार जन्मतिथि सत्यापित करने के लिए सरकार ने पांच प्रमुख दस्तावेजों को मान्यता दी है। इनमें—

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • दसवीं कक्षा की अंकतालिका
  • वर्ष 2019 तक जारी मतदाता पहचान पत्र
  • पासपोर्ट
  • पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO)

शामिल हैं।

जिन लाभार्थियों के पास इनमें से कोई भी दस्तावेज उपलब्ध है, उन्हें सरकार की ओर से भेजे गए संदेश के अनुसार निर्धारित समय सीमा के भीतर परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ

सरकार का मानना है कि नई वैकल्पिक व्यवस्था का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण इलाकों के वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा। गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनका जन्म स्वतंत्रता के बाद के शुरुआती वर्षों या उससे पहले हुआ था और उस समय जन्म पंजीकरण की व्यवस्था व्यापक नहीं थी।

ऐसे मामलों में यदि दस्तावेजों की अनिवार्यता रखी जाती, तो हजारों पात्र बुजुर्गों के सामने अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती थी। इसी वजह से सरकार ने परिवार आधारित सत्यापन प्रणाली विकसित करने का निर्णय लिया है।

दिसंबर तक पूरा होगा डेटा अपडेट अभियान

परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार ने इस वर्ष दिसंबर तक परिवार पहचान पत्र में दर्ज सभी महत्वपूर्ण जानकारियों का सत्यापन और अद्यतन करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस अभियान के तहत जन्मतिथि के अलावा अन्य व्यक्तिगत और पारिवारिक विवरणों को भी अपडेट किया जाएगा, ताकि भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्तियों तक बिना किसी प्रशासनिक बाधा के पहुंच सके।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत बनाने की पहल

हरियाणा सरकार का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। सरकार का उद्देश्य किसी भी लाभार्थी की पेंशन रोकना नहीं, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड को अधिक विश्वसनीय बनाना है ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे और पात्र नागरिकों को बिना किसी रुकावट के लाभ मिलता रहे।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे हजारों वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो केवल दस्तावेजों की कमी के कारण भविष्य को लेकर चिंतित थे। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि पात्रता होने पर किसी भी बुजुर्ग की सामाजिक सुरक्षा पेंशन केवल कागजी दस्तावेजों के अभाव में बंद नहीं होगी।