भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में ही घरेलू बाजार पर बिकवाली का दबाव दिखाई दिया और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में पहुंच गए। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भारी गिरावट के कारण बाजार की धारणा कमजोर रही।
सोमवार को कारोबार शुरू होते ही बीएसई का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स करीब 600 अंक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 150 अंकों से ज्यादा नीचे आ गया। सुबह करीब 9:35 बजे सेंसेक्स 605.05 अंक यानी 0.77 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,546.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 149.70 अंक यानी 0.62 प्रतिशत फिसलकर 24,184.60 अंक पर आ गया।
इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में बाजार ने शानदार वापसी की थी। शुक्रवार को सेंसेक्स 964.58 अंकों की जोरदार बढ़त के साथ 78,151.45 अंक पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 261.55 अंकों की तेजी दर्ज की गई थी और यह 24,334.30 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि नए कारोबारी सत्र में वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार की तेजी पर ब्रेक लगा दिया।
डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर
शेयर बाजार में गिरावट के साथ ही भारतीय मुद्रा पर भी दबाव देखने को मिला। सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर खुला। शुरुआती कारोबार में रुपया 0.1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 96.40 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी दिन रुपया 96.28 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से करीब आधे शेयरों में गिरावट देखने को मिली। खासतौर पर निजी बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली रही, जिसने बाजार की गिरावट को और बढ़ाया।
बैंकिंग शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
बाजार में सबसे ज्यादा कमजोरी बैंकिंग सेक्टर में नजर आई। एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे बड़े बैंकिंग शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों ने इन शेयरों में मुनाफावसूली की, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव बढ़ गया।
सुबह के कारोबार में एक्सिस बैंक का शेयर करीब 5 प्रतिशत तक गिर गया। वहीं एचडीएफसी बैंक के शेयर में लगभग 4.97 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। कोटक महिंद्रा बैंक भी करीब 3 प्रतिशत नीचे कारोबार करता नजर आया।
इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी और इंडिगो जैसे शेयरों में भी कमजोरी रही। इंडिगो का शेयर करीब 1.63 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि बजाज फाइनेंस में 0.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
रिलायंस के शेयरों में मजबूती
जहां एक ओर बाजार के कई बड़े शेयर दबाव में रहे, वहीं कुछ कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को राहत दी। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी देखने को मिली। कंपनी ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद अपनी पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए थे, जिसके बाद सोमवार को इसके शेयरों में खरीदारी देखी गई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 1.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,341.10 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी और सन फार्मा के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली।
भारती एयरटेल का शेयर करीब 1.33 प्रतिशत चढ़ा, जबकि टेक महिंद्रा में 1.15 प्रतिशत की मजबूती रही। एसबीआई के शेयर में भी 1.14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेंसेक्स के टॉप गेनर और लूजर
सुबह 9:30 बजे के आसपास सेंसेक्स के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। भारती एयरटेल, टेक महिंद्रा, एसबीआई और रिलायंस इंडस्ट्रीज बाजार के प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे। वहीं दूसरी तरफ एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे।
तेजी वाले प्रमुख शेयरों में भारती एयरटेल 1.33 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.15 प्रतिशत, एसबीआई 1.14 प्रतिशत, रिलायंस इंडस्ट्रीज 1.10 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक 0.88 प्रतिशत ऊपर रहे।
इसके अलावा एनटीपीसी में 0.48 प्रतिशत, टाटा स्टील में 0.46 प्रतिशत, पावर ग्रिड में 0.44 प्रतिशत और ट्रेंट में 0.36 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
वहीं गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक सबसे आगे रहा, जिसमें करीब 5.02 प्रतिशत की गिरावट आई। एचडीएफसी बैंक 4.97 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक 2.99 प्रतिशत नीचे रहे। इंडिगो में 1.63 प्रतिशत, इटरनल में 0.84 प्रतिशत और मारुति सुजुकी में 0.79 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में से एक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल रही। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने के कारण कच्चा तेल 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है।
अमेरिका की ओर से ईरानी ठिकानों पर लगातार हमलों की खबरों के बाद तेल बाजार में तेजी आई। जुलाई वायदा अनुबंध में करीब 2.45 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 90.26 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए चिंता का कारण बनती है। इससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत पर दबाव आने की आशंका रहती है। यही वजह है कि तेल कीमतों में तेजी का असर शेयर बाजार की धारणा पर भी दिखाई दिया।
छोटे और मझोले शेयरों में भी कमजोरी
बाजार के व्यापक हिस्से यानी ब्रॉडर मार्केट में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में करीब 0.02 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.09 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था।
सेक्टर के लिहाज से देखें तो निजी बैंकिंग इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स पर बिकवाली का दबाव रहा। इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी बैंक इंडेक्स भी कमजोर नजर आए।
हालांकि इस गिरावट के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों यानी पीएसयू बैंक शेयरों में मजबूती देखने को मिली। निवेशकों ने सरकारी बैंकों के शेयरों में खरीदारी दिखाई, जिससे यह सेक्टर बाजार में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा।
निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों पर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करेंगी। अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव कम होता है और तेल की कीमतों में नरमी आती है तो बाजार में दोबारा तेजी लौट सकती है।
फिलहाल निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक बाजारों के रुख और आर्थिक संकेतकों पर नजर बनाए हुए हैं। रिलायंस जैसे बड़े शेयरों में मजबूती ने बाजार को कुछ सहारा जरूर दिया है, लेकिन बैंकिंग शेयरों में भारी गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बनाए रखा है।
कुल मिलाकर सोमवार का शुरुआती कारोबार उतार-चढ़ाव भरा रहा, जहां एक तरफ कच्चे तेल और वैश्विक तनाव ने बाजार को कमजोर किया, वहीं कुछ दिग्गज कंपनियों के अच्छे प्रदर्शन ने गिरावट को सीमित करने की कोशिश की।




