2027 में सस्ता हो सकता है कच्चा तेल, ग्लोबल मार्केट में बढ़ेगी सप्लाई; भारत के आयात खर्च पर पड़ेगा असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को लेकर आने वाले समय में राहत की उम्मीद जताई जा रही है। वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति में सुधार और खपत की रफ्तार कमजोर पड़ने से 2027 में क्रूड के दाम घटकर औसतन 80 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकते हैं। अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इसके साथ ही दूसरे क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ने से बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। इन परिस्थितियों…

कच्चे तेल की तेजी और बैंकिंग शेयरों की कमजोरी से बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स 600 अंक लुढ़का

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में ही घरेलू बाजार पर बिकवाली का दबाव दिखाई दिया और प्रमुख सूचकांक लाल निशान में पहुंच गए। बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भारी गिरावट के कारण बाजार की धारणा कमजोर रही। सोमवार को कारोबार शुरू होते ही बीएसई का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स करीब 600 अंक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 150 अंकों से ज्यादा नीचे आ…

कच्चा तेल फिर 72 डॉलर पर लौटा: एक्सपर्ट बोले- पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी के लिए करना होगा इंतजार

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के संकेतों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत अब करीब 72 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि यह वही स्तर है, जहां कीमतें ईरान युद्ध शुरू होने से ठीक पहले थीं। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। इससे पहले 27 फरवरी को, यानी ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव से एक दिन पहले, कच्चे तेल की कीमत 72.29 डॉलर प्रति…

दिल्ली पहुंचे ईरानी तेल मंत्री का बड़ा बयान: भारत के साथ नए आर्थिक रिश्तों की तैयारी, ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

ईरान और भारत के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक बार फिर गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरान के पेट्रोलियम मंत्री मोहसिन पाकनेजाद भारत दौरे पर पहुंचे हैं और उनके शुरुआती बयानों से संकेत मिले हैं कि दोनों देश आर्थिक और ऊर्जा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। नई दिल्ली पहुंचने के बाद ईरानी मंत्री ने भारत के साथ व्यापारिक और ऊर्जा साझेदारी को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया और कहा कि उनका देश भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। मोहसिन पाकनेजाद भारत में ब्रिक्स देशों के ऊर्जा मंत्रियों की…

US-ईरान समझौते की उम्मीद से बाजारों में उत्साह, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट और शेयरों में जोरदार उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा संभावित शांति समझौते की दिशा में हुई प्रगति का असर दुनिया भर के वित्तीय बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। निवेशकों ने इस घटनाक्रम का सकारात्मक स्वागत किया, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजारों में खरीदारी बढ़ी और कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता अंतिम रूप ले लेता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडरा रहा एक बड़ा जोखिम कम हो सकता है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत लगभग 4.8% टूटकर…

भारत की अर्थव्यवस्था में दम बरकरार, 8% से अधिक विकास दर की संभावना: नीलकंठ मिश्रा

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी तनाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आ रहे हैं। विश्व बैंक में भारत के नए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और जाने-माने अर्थशास्त्री नीलकंठ मिश्रा ने विश्वास जताया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत आधार पर खड़ी है और आने वाले वर्षों में 8 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक विकास दर हासिल करने की क्षमता रखती है। हाल के महीनों में दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं धीमी वृद्धि, महंगाई और ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। ऐसे माहौल में भारत को…

रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, डॉलर के मुकाबले एशिया की सबसे कमजोर करेंसी बना

भारतीय मुद्रा पर एक बार फिर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर 95.86 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार में कारोबार शुरू होते ही भारतीय मुद्रा में करीब 20 पैसे की गिरावट दर्ज की गई। रुपये की लगातार कमजोरी ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी पूंजी के प्रवाह को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, कारोबार की शुरुआत में रुपया 95.74 के स्तर…