चंडीगढ़। हरियाणा सरकार राज्य के नवचयनित ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए पहली बार बड़े स्तर पर एक विशेष परिचय एवं अभिमुखीकरण (इंडक्शन) कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। 29 जुलाई को पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवी लाल स्टेडियम में होने वाला यह राज्य स्तरीय आयोजन केवल नियुक्त कर्मचारियों के स्वागत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों, प्रशासनिक मूल्यों और जनसेवा की कार्य संस्कृति से परिचित कराने का माध्यम भी बनेगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं नए कर्मचारियों से संवाद करेंगे और उन्हें राज्य सरकार की कार्यप्रणाली, सुशासन की अवधारणा तथा प्रशासनिक अपेक्षाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
सरकार का मानना है कि किसी भी कर्मचारी के सरकारी सेवा में प्रवेश का शुरुआती दौर उसके पूरे करियर की कार्यशैली तय करता है। ऐसे में यदि नियुक्ति के साथ ही कर्मचारियों को सेवा भावना, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया जाए तो भविष्य में प्रशासन और अधिक प्रभावी एवं जनकेंद्रित बन सकता है। इसी सोच के तहत इस कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10 बजे से शुरू होगा, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों और विभागों में हाल ही में नियुक्त हुए ग्रुप-डी कर्मचारी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपने संबोधन में राज्य सरकार की विकास नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों और कर्मचारियों की भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। साथ ही नए कर्मचारियों को यह भी बताया जाएगा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और प्रदेश की सेवा का अवसर भी है।
मानव संसाधन विभाग की ओर से सभी विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों और उपायुक्तों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार 16 अक्टूबर 2025 या उसके बाद नियुक्त हुए सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों की कार्यक्रम में उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। संबंधित विभागों को कर्मचारियों की सूची तैयार करने, उनकी उपस्थिति दर्ज कराने और कार्यक्रम में व्यवस्थित भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा गया है।
इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि सरकार ने केवल कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि उनके माता-पिता अथवा जीवनसाथी को भी कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया है। आमतौर पर सरकारी नियुक्ति से जुड़े कार्यक्रमों में केवल कर्मचारी ही शामिल होते हैं, लेकिन इस बार परिवार के सदस्यों को आमंत्रित कर सरकार यह संदेश देना चाहती है कि सरकारी नौकरी केवल व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे परिवार के संघर्ष, विश्वास और सम्मान का परिणाम होती है।
सरकार का मानना है कि जब परिवार के सदस्य भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे तो कर्मचारियों में अपने दायित्वों के प्रति और अधिक गंभीरता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। इससे सरकारी सेवा को सामाजिक सम्मान और नैतिक उत्तरदायित्व के साथ जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।
परिचय एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को प्रशासनिक व्यवस्था, सेवा नियमों, कार्यालयीन कार्य प्रणाली, अनुशासन, आचरण संहिता, समयबद्ध कार्य निष्पादन, पारदर्शिता, ई-गवर्नेंस और जनसेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों द्वारा यह भी बताया जाएगा कि सरकारी कर्मचारी के रूप में उनकी भूमिका केवल कार्यालय तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे सरकार और आम नागरिकों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं।
सरकार का मानना है कि यदि कर्मचारी सेवा के शुरुआती दौर में ही प्रशासनिक मूल्यों को समझेंगे तो भविष्य में उनकी कार्यशैली अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और नागरिक हितों के अनुरूप होगी। यही कारण है कि इस कार्यक्रम को केवल औपचारिकता न मानकर प्रशासनिक क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नए कर्मचारियों से सीधा संवाद भी करेंगे। इस दौरान वे सरकारी सेवा से जुड़ी अपेक्षाओं, कार्य संस्कृति और सुशासन के मॉडल पर अपने विचार साझा करेंगे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कर्मचारियों को भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करेंगे।
हरियाणा सरकार लगातार दावा करती रही है कि राज्य में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। सरकार के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में योग्यता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए तकनीकी एवं प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं। इसी नीति को सरकार ‘बिना पर्ची, बिना खर्ची’ भर्ती व्यवस्था के रूप में प्रचारित करती रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 60 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पदभार संभालने के तुरंत बाद भी लगभग 25 हजार चयनित अभ्यर्थियों के परिणाम घोषित किए थे, जिसे सरकार अपनी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल करती है। सरकार का कहना है कि योग्यता आधारित भर्ती प्रणाली से युवाओं का सरकारी तंत्र पर विश्वास मजबूत हुआ है और पारदर्शिता को बढ़ावा मिला है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल प्रशासनिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। सरकार एक ओर अपनी भर्ती नीति और सुशासन मॉडल को मजबूत संदेश देना चाहती है, वहीं दूसरी ओर नए कर्मचारियों को सरकार की विकास सोच और प्रशासनिक प्राथमिकताओं से सीधे जोड़ने का प्रयास भी कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी सेवा में नियुक्ति के बाद यदि कर्मचारियों को शुरुआती स्तर पर स्पष्ट दिशा-निर्देश, प्रशासनिक प्रशिक्षण और नैतिक मूल्यों की जानकारी दी जाए तो इससे सरकारी कार्य प्रणाली की गुणवत्ता में सुधार आता है। इससे कर्मचारियों में अनुशासन, समयबद्धता और जवाबदेही की भावना भी विकसित होती है।
राज्य सरकार की योजना है कि आने वाले समय में भी विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए इस प्रकार के अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि सरकारी मशीनरी को अधिक आधुनिक, कुशल और जनोन्मुख बनाया जा सके। डिजिटल प्रशासन, पारदर्शी कार्य प्रणाली और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।
पंचकूला में आयोजित होने वाला यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम हजारों नवचयनित कर्मचारियों के लिए सरकारी सेवा की औपचारिक शुरुआत का अवसर होगा। इस दौरान उन्हें केवल नियुक्ति पत्र मिलने की खुशी ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों, नैतिक मूल्यों और जनसेवा के प्रति अपने कर्तव्यों का भी बोध कराया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल भविष्य में एक ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करने में सहायक होगी, जिसमें पारदर्शिता, ईमानदारी, संवेदनशीलता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले तथा सरकारी सेवाओं का लाभ आम नागरिकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।




