गुरु रविदास जयंती के 650वें वर्ष पर भाजपा का राष्ट्रव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’, गुरु रविदास के संदेश को घर-घर पहुंचाने की तैयारी

गुरु रविदास जयंती के 650वें वर्ष पर भाजपा का राष्ट्रव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’, गुरु रविदास के संदेश को घर-घर पहुंचाने की तैयारी

भारतीय जनता पार्टी ने संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष को सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ मनाने का निर्णय लेते हुए देशव्यापी “समरसता संकल्प अभियान” शुरू करने की घोषणा की है। नई दिल्ली स्थित भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेतृत्व ने बताया कि यह अभियान 29 जुलाई 2026 (आषाढ़ पूर्णिमा) से शुरू होकर 20 फरवरी 2027 (माघ पूर्णिमा) तक पूरे देश में विभिन्न चरणों में संचालित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से संत गुरु रविदास महाराज के समानता, सामाजिक न्याय, मानवता, सेवा, सद्भाव और समरसता के विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रेस वार्ता में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ, राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अभियान की रूपरेखा साझा की। पार्टी ने इसे केवल धार्मिक आयोजन न बताते हुए सामाजिक जागरूकता, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने वाला व्यापक जनअभियान बताया।

भाजपा नेतृत्व ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज भारतीय संत परंपरा के ऐसे महान संत थे, जिन्होंने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच और सामाजिक असमानता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने अपने विचारों और भक्ति के माध्यम से समाज के वंचित, उपेक्षित और कमजोर वर्गों में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की भावना जगाई। उनके संदेश किसी एक समाज या वर्ग तक सीमित नहीं रहे, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा बने।

राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने कहा कि गुरु रविदास महाराज ने ऐसे समय में समानता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया, जब समाज अनेक प्रकार की सामाजिक विषमताओं और भेदभाव से जूझ रहा था। उन्होंने लोगों को कर्म, मानवता और आत्मसम्मान का मार्ग दिखाया तथा समाज को मेल-मिलाप और भाईचारे की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। यही कारण है कि आज देशभर में विभिन्न समुदायों के लोग उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण करते हैं।

उन्होंने कहा कि गुरु रविदास महाराज द्वारा प्रतिपादित “बेगमपुरा” की अवधारणा आज भी एक ऐसे समाज की कल्पना प्रस्तुत करती है, जहां किसी प्रकार का अन्याय, शोषण, भेदभाव या भय न हो और प्रत्येक व्यक्ति सम्मान के साथ जीवन जी सके। उनके विचार समय से कहीं आगे थे और आज भी सामाजिक समानता तथा समावेशी विकास की दिशा में प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।

भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वक्तव्य का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि गुरु रविदास महाराज ने अपना संपूर्ण जीवन जातिवाद और छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए समर्पित किया। उनके अनुसार किसी भी व्यक्ति की पहचान जन्म से नहीं बल्कि उसके कर्म, सेवा और मानवता के प्रति समर्पण से होती है। पार्टी नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने गुरु रविदास महाराज को सामाजिक समानता और आत्मसम्मान का महान संदेशवाहक बताया था।

राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसकी शुरुआत 29 जुलाई 2026 को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता दीप महोत्सव” से होगी। इस अवसर पर देशभर में 51 हजार स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन होगा। विशेष रूप से वाराणसी स्थित श्री गुरु रविदास घाट पर 11 हजार दीप जलाकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा। दीपोत्सव से पहले भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और धार्मिक प्रवचन होंगे, जबकि कार्यक्रम के बाद प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। पार्टी ने इन आयोजनों में समाज के सभी वर्गों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही है।

इसके बाद 29 जुलाई से 10 सितंबर 2026 तक “श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन अभियान” संचालित किया जाएगा। इस अभियान के तहत वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली से पवित्र मिट्टी देशभर के राज्यों तक पहुंचाई जाएगी। जन्मस्थली पर आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधिमंडलों को पवित्र मिट्टी से भरे 131 कलश सौंपे जाएंगे। इसके बाद यह पवित्र मिट्टी लगभग 21 हजार कलशों में स्थापित कर राज्यों, जिलों और स्थानीय मंदिरों तक पहुंचाई जाएगी।

तरुण चुघ ने बताया कि जहां-जहां यह पवित्र कलश पहुंचेंगे, वहां धार्मिक कार्यक्रम, भजन, प्रवचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सामाजिक समरसता विषयक सभाएं आयोजित की जाएंगी। निर्माणाधीन मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों में इस पवित्र मिट्टी का उपयोग भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे अभियान के दौरान पवित्र कलश और मिट्टी की गरिमा बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

अभियान के अगले चरण के रूप में 29 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक “संत संपर्क अभियान” चलाया जाएगा। इस दौरान भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता देशभर में गुरु रविदास परंपरा से जुड़े संतों, महंतों और विभिन्न धार्मिक परंपराओं के पूज्य संतों से भेंट करेंगे। पार्टी का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य विभिन्न धार्मिक और सामाजिक परंपराओं के बीच संवाद को मजबूत करना तथा सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देना है।

भाजपा ने अभियान के सबसे प्रमुख आयोजनों में से एक “श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा” की भी घोषणा की है। यह यात्रा 5 अक्टूबर से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित होगी। यात्रा पंजाब के जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां से प्रारंभ होकर उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सीर गोवर्धनपुर तक पहुंचेगी। यात्रा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी। जहां-जहां यह यात्रा पहुंचेगी, वहां संत सम्मेलन, समरसता गोष्ठियां, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। इसके माध्यम से लाखों लोगों को सामाजिक सद्भाव और समानता के संदेश से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

भाजपा ने युवाओं को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक “श्री गुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान” चलाया जाएगा। इस दौरान देशभर के छात्रावासों, छात्र संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों में संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों में गुरु रविदास महाराज के जीवन, उनके सामाजिक संदेश, समानता, सामाजिक न्याय और विकसित भारत के संकल्प पर चर्चा की जाएगी। पार्टी का मानना है कि नई पीढ़ी को संत रविदास के विचारों से जोड़कर सामाजिक समरसता की भावना को और मजबूत किया जा सकता है।

तरुण चुघ ने बताया कि अभियान के अंतर्गत गुजरात के जूनागढ़, मध्य प्रदेश के सागर, राजस्थान के चित्तौड़गढ़, पंजाब के श्री खुरालगढ़ साहिब और दिल्ली सहित गुरु रविदास महाराज से जुड़े कई प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। इन स्थानों को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

अभियान के सफल संचालन के लिए भाजपा ने राष्ट्रीय से लेकर ग्राम स्तर तक संगठनात्मक ढांचा तैयार किया है। प्रदेश, जिला, मंडल और स्थानीय स्तर पर अलग-अलग टोलियों का गठन किया जाएगा। मीडिया, सोशल मीडिया और जनसंपर्क के लिए भी विशेष टीमें बनाई जाएंगी, जो अभियान की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगी। प्रदेश स्तर की कार्यशालाएं और जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे ताकि अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को विस्तृत जानकारी मिल सके।

पार्टी नेताओं ने बताया कि अभियान के दौरान समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ब्लॉग और पॉडकास्ट के माध्यम से भी गुरु रविदास महाराज के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। अभियान के केंद्रीय समन्वय की जिम्मेदारी भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य को सौंपी गई है। उनके साथ राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ, दुष्यंत कुमार गौतम, राज्यसभा सांसद शिवेश राम, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, दिल्ली के विधायक गजेंद्र यादव और पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेश बग्गा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी समन्वय समिति में शामिल रहेंगे।

भाजपा ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का एक व्यापक प्रयास है। पार्टी ने संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, मंदिर समितियों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

तरुण चुघ ने विश्वास व्यक्त किया कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष पर आयोजित यह राष्ट्रव्यापी अभियान उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में भाईचारे, समानता, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सामाजिक समरसता सबसे महत्वपूर्ण आधार है और गुरु रविदास महाराज का जीवन-दर्शन आज भी उसी दिशा में समाज का मार्गदर्शन करता है।