हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो को मिला नया नेतृत्व, मोहन लाल बड़ौली ने संभाली कमान; पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का किया वादा

हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो को मिला नया नेतृत्व, मोहन लाल बड़ौली ने संभाली कमान; पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने का किया वादा

हरियाणा सरकार ने राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी तथा परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता मोहन लाल बड़ौली को हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो (हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज) का चेयरमैन नियुक्त किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कराया। इस नियुक्ति को सरकार की प्रशासनिक और संगठनात्मक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि राज्य के सभी बोर्ड और निगम इसी ब्यूरो के दायरे में कार्य करते हैं।

कार्यभार ग्रहण समारोह में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, डॉ. अरविंद कुमार शर्मा और श्याम सिंह राणा सहित राई से विधायक कृष्णा गहलावत ने कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली और मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ौली को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत होगी।

मोहन लाल बड़ौली इससे पहले हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। हाल ही में पार्टी संगठन में हुए बदलाव के तहत प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व डॉ. अर्चना गुप्ता को सौंपा गया, जिसके बाद बड़ौली को सरकार ने सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो की अहम जिम्मेदारी दी है। राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव रखने वाले बड़ौली की नियुक्ति को सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो राज्य के विभिन्न बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यप्रणाली की समीक्षा, प्रदर्शन मूल्यांकन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़ा प्रमुख संस्थान है। राज्य सरकार की अनेक विकास योजनाओं का क्रियान्वयन इन्हीं संस्थाओं के माध्यम से होता है। ऐसे में ब्यूरो के चेयरमैन की भूमिका केवल औपचारिक नहीं, बल्कि नीति निर्धारण, निगरानी और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण होती है। इससे पहले राज्यसभा सांसद सुभाष बराला भी इस पद की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से बातचीत में मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और परिणाम आधारित बनाना होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सरकारी संस्था का उद्देश्य जनता को बेहतर सेवाएं देना होना चाहिए और इसी सोच के साथ वे अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे। उनका कहना था कि जिन संस्थानों की कार्यप्रणाली बेहतर होगी, वहां विकास योजनाओं का लाभ भी तेजी से आम लोगों तक पहुंचेगा।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए समय-समय पर उनकी समीक्षा की जाएगी और जहां सुधार की आवश्यकता होगी, वहां आवश्यक सुझाव और कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार की मंशा के अनुरूप पारदर्शी प्रशासन और सुशासन को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। बड़ौली ने कहा कि सरकारी संस्थाओं में जवाबदेही बढ़ाना समय की आवश्यकता है और इसी दिशा में ठोस पहल की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ समय पर जनता तक पहुंचे। यदि सार्वजनिक उपक्रम प्रभावी ढंग से कार्य करेंगे तो राज्य की विकास योजनाओं का क्रियान्वयन भी अधिक तेज और बेहतर तरीके से होगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक संस्था को जनहित सर्वोपरि रखते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

मीडिया से बातचीत के दौरान मोहन लाल बड़ौली ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है। उनके अनुसार बच्चों के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कानूनों को लगातार मजबूत किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बड़ौली ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ऐसा वातावरण तैयार किया जाए जिसमें बच्चे सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त कर सकें और उनका भविष्य सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस विषय पर लगातार काम कर रही है और कठोर कानूनी प्रावधानों के माध्यम से बच्चों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

इस दौरान उन्होंने पंजाब में सामने आई पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए वहां की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। यदि भर्ती या परीक्षा प्रणाली में अनियमितताएं सामने आती हैं तो इससे युवाओं का विश्वास प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में जवाबदेही तय करना और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है।

बड़ौली ने कहा कि युवाओं की मेहनत और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

नई जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हरियाणा विकास, सुशासन और पारदर्शी प्रशासन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करता रहेगा। उनका कहना था कि राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों, डिजिटल पारदर्शिता और जनहित आधारित नीतियों पर लगातार काम कर रही है, जिसका लाभ आम नागरिकों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों की कार्यप्रणाली को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई कार्यसंस्कृति विकसित की जाएगी। इसके तहत समयबद्ध निर्णय, बेहतर निगरानी व्यवस्था, संसाधनों का प्रभावी उपयोग और जवाबदेही बढ़ाने जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी बोर्डों और निगमों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मोहन लाल बड़ौली का संगठनात्मक अनुभव और प्रशासनिक जिम्मेदारी का यह नया दायित्व राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। सार्वजनिक उपक्रमों के माध्यम से राज्य की अनेक कल्याणकारी और विकास परियोजनाएं संचालित होती हैं, इसलिए इन संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सरकार की अपेक्षा है कि नए नेतृत्व के तहत हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो राज्य के बोर्डों और निगमों में बेहतर समन्वय स्थापित करेगा, कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाएगा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे सरकारी संस्थानों की जवाबदेही बढ़े और विकास योजनाओं का लाभ अधिक तेजी से प्रदेशवासियों तक पहुंचे।