हिसार। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में उच्च शिक्षा को गांवों और छोटे कस्बों तक पहुंचाने तथा विशेष रूप से छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने के लिए नई पहल का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में अब इस दिशा में प्रयास किए जाएंगे कि स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉलेज दूर होने के कारण किसी बेटी को अपनी शिक्षा बीच में न छोड़नी पड़े। सरकार की योजना के तहत हर 20 किलोमीटर के दायरे में एक राजकीय कॉलेज स्थापित करने पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल संस्कृति महाविद्यालय विकसित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को स्कूल तक शिक्षा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा तक पहुंचने के समान अवसर देना है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं के लिए कॉलेज की दूरी कई बार उच्च शिक्षा जारी रखने में बड़ी बाधा बन जाती है। सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों की पहुंच बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार चाहती है कि बेटियां स्कूल से निकलने के बाद अपनी पढ़ाई को बीच में रोकने के बजाय कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर तक शिक्षा हासिल करें। इसके लिए ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। हर 20 किलोमीटर के दायरे में राजकीय कॉलेज खोलने की योजना से इन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रत्येक जिले में मॉडल संस्कृति महाविद्यालय तैयार किए जाएंगे। इन संस्थानों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के साथ बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। सरकार का लक्ष्य ऐसे महाविद्यालय विकसित करना है जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक और बदलते समय के अनुरूप कौशल हासिल करने के अवसर मिलें।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में सुपर-100 कार्यक्रम का विस्तार भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रदेश स्तर पर Super-100 योजना के तहत 500 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। अभी तक इस योजना में 400 विद्यार्थियों को अवसर दिया जाता था। चयनित विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।
सरकार का मानना है कि ग्रामीण और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों को यदि बेहतर मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे राष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। Super-100 योजना के विस्तार से अब 100 और विद्यार्थियों को इस विशेष कार्यक्रम का लाभ मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप पंचकूला और गुरुग्राम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की तकनीक, उसके उपयोग और भविष्य में इससे जुड़ी संभावनाओं से परिचित कराने की कोशिश की जाएगी।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। इसलिए जरूरी है कि हरियाणा के बच्चे इस तकनीक को केवल उपभोक्ता के रूप में न देखें, बल्कि इसके बारे में सीखें और इसका इस्तेमाल नए विचारों तथा नवाचार के लिए करें। AI हब की स्थापना इसी दिशा में एक कदम होगी।
सरकार प्रदेश के स्कूलों में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करने पर भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 55 हजार स्कूलों को वाई-फाई सुविधा से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री, डिजिटल संसाधनों और नई तकनीक का लाभ मिल सकेगा।
इसके अलावा सरकार की योजना के तहत हर 10 किलोमीटर पर मॉडल संस्कृति स्कूल स्थापित करने और लगभग हर पांच किलोमीटर के अंतराल पर मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालय विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य स्कूल स्तर से ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भाषाई क्षमता उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को ऐसा ज्ञान और कौशल मिलना चाहिए जिससे वे भविष्य में बदलती अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। सरकार इसी सोच के साथ स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में तकनीक, कौशल और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ हुई बैठक का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के नए विचारों और आइडिया पर शोध को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि विद्यार्थियों के भीतर मौजूद रचनात्मक सोच को केवल कक्षा और परीक्षा तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे शोध, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा जाए।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों के विचारों और शोध को प्रोत्साहन देने के लिए 20 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की जा चुकी है। इस राशि का उद्देश्य विद्यार्थियों को नए प्रयोग करने, अपने आइडिया को विकसित करने और उन्हें व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला बनाने के बजाय उन्हें रोजगार पैदा करने वाला बनाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को ऐसे वातावरण का निर्माण करना होगा जहां विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को पहचान सकें और नए व्यवसाय या स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ सकें। शोध और नवाचार को उद्योगों से जोड़कर विद्यार्थियों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए रास्ते खोले जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने खेलों के क्षेत्र में भी हरियाणा के प्रदर्शन पर खुशी जताई। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कुल 39 पदक मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। हरियाणा के खिलाड़ियों की उपलब्धि पर विशेष रूप से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के खाते में आए सात पदकों में से पांच पदक बेटियों ने स्वर्ण पदक के रूप में हासिल किए हैं। मुख्यमंत्री ने महिला खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा की बेटियों ने खेलों के साथ-साथ शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा का लगातार प्रदर्शन किया है। सरकार का प्रयास है कि उन्हें शिक्षा, खेल और रोजगार समेत हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर और सुविधाएं मिलें। उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान बनाना भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा में शिक्षा को केंद्रीय भूमिका दी जा रही है। स्कूलों को आधुनिक बनाने, डिजिटल सुविधाएं बढ़ाने, उच्च शिक्षा संस्थानों का विस्तार करने और विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान से जोड़ने के साथ-साथ सरकार कौशल विकास और उद्यमिता को भी बढ़ावा दे रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के साथ हरियाणा सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, हिसार की मेयर प्रवीण पोपली, विधायक सावित्री जिंदल, सफीदों के विधायक रामकुमार गौतम, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार और हांसी के विधायक विनोद भयाना सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस अवसर पर नलवा विधायक रणधीर पनिहार, हांसी विधायक विनोद भयाना, आदमपुर के पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. आशा खेदड़, मेयर प्रवीण पोपली, जनरल डीपी वत्स, वन विभाग के अध्यक्ष रवि सैनी, पूर्व मंत्री अनूप धानक, उपायुक्त महेंद्रपाल, पुलिस महानिरीक्षक हिसार रेंज कुलदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन और हिसार मिलिट्री स्टेशन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल रोहित तेओतिया सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सरकार की इन घोषणाओं को प्रदेश में शिक्षा के अवसरों के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में हर 20 किलोमीटर पर सरकारी कॉलेज की योजना लागू होने से उन विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से दूर स्थित कॉलेजों में जाने में कठिनाई महसूस करते हैं। छात्राओं के लिए यह पहल और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि कई परिवारों में कॉलेज की दूरी उनकी बेटियों की उच्च शिक्षा के फैसले को प्रभावित करती है।
मॉडल संस्कृति महाविद्यालयों की स्थापना और स्कूलों में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से सरकार उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं Super-100 में चयनित विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और AI हब स्थापित करने जैसी योजनाओं से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर जोर दिखाई दे रहा है।
सरकार की योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू रोजगार से जुड़ा है। मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर है कि विद्यार्थी शिक्षा पूरी करने के बाद केवल सरकारी या निजी नौकरी की तलाश न करें, बल्कि अपनी क्षमता और नए विचारों के आधार पर रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में भी आगे बढ़ें। विश्वविद्यालयों में शोध के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा को इसी उद्देश्य से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में घोषित योजनाओं का फोकस पहुंच, गुणवत्ता, तकनीक, प्रतिभा और रोजगार पर दिखाई देता है। हर 20 किलोमीटर पर राजकीय कॉलेज, हर जिले में आधुनिक मॉडल संस्कृति महाविद्यालय, Super-100 में 500 विद्यार्थियों का चयन, पंचकूला और गुरुग्राम में AI हब, स्कूलों में वाई-फाई तथा शोध के लिए 20 करोड़ रुपये जैसी पहलें प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नए दौर की जरूरतों के अनुरूप ढालने की कोशिश हैं। इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव इनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा, लेकिन सरकार के अनुसार लक्ष्य स्पष्ट है कि प्रदेश का कोई भी विद्यार्थी दूरी, संसाधनों या अवसरों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई और प्रतिभा को आगे बढ़ाने से वंचित न रहे।




