लंबी उम्र के लिए क्या खाएं? वेज और नॉनवेज में किसकी डाइट ज्यादा फायदेमंद है?

लंबी उम्र के लिए क्या खाएं? वेज और नॉनवेज में किसकी डाइट ज्यादा फायदेमंद है?

खाने को लेकर लोगों की पसंद अलग-अलग हो सकती है। किसी की थाली में दाल, सब्जियां और फल ज्यादा होते हैं, तो कोई अंडे, मछली या मीट को अपनी डाइट का जरूरी हिस्सा मानता है। यही वजह है कि वेजिटेरियन और नॉनवेजिटेरियन डाइट को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इनमें से कौन सी डाइट इंसान को ज्यादा स्वस्थ रखती है और लंबी उम्र तक जीने में मदद कर सकती है?

अक्सर माना जाता है कि शाकाहारी भोजन ज्यादा हेल्दी होता है, क्योंकि इसमें फल, सब्जियां, अनाज, दालें, नट्स और दूसरे प्लांट-बेस्ड फूड शामिल होते हैं। दूसरी ओर, नॉनवेज डाइट को प्रोटीन, विटामिन बी12, आयरन और कुछ अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। ऐसे में सिर्फ यह कहना कि वेज खाना हमेशा बेहतर है या नॉनवेज ही शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद है, पूरी तस्वीर नहीं बताता।

असल में लंबी उम्र और अच्छी सेहत का संबंध केवल इस बात से नहीं है कि कोई व्यक्ति मांस खाता है या नहीं। खाने की गुणवत्ता, मात्रा, जीवनशैली, व्यायाम, नींद और शरीर की व्यक्तिगत जरूरतें भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं।

शाकाहारी भोजन से क्यों मिल सकता है फायदा?

शाकाहारी डाइट में आमतौर पर फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, बीन्स, नट्स और बीज जैसी चीजें शामिल होती हैं। इन खाद्य पदार्थों में फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यही वजह है कि संतुलित वेजिटेरियन डाइट को लंबे समय से हृदय और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता रहा है।

फाइबर से भरपूर भोजन पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद कर सकता है। साथ ही यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करा सकता है, जिससे जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना कम हो सकती है। सब्जियों और फलों में मौजूद विभिन्न पोषक तत्व शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स उपलब्ध कराने में मदद करते हैं।

कुछ रिसर्च में शाकाहारी लोगों में हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप-2 डायबिटीज जैसी कुछ पुरानी बीमारियों का जोखिम कम पाया गया है। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि संतुलित शाकाहारी भोजन में आमतौर पर फाइबर ज्यादा और सैचुरेटेड फैट अपेक्षाकृत कम होता है।

हालांकि यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है। हर वेज खाना हेल्दी नहीं होता। अगर कोई व्यक्ति सब्जियों और दालों की जगह ज्यादा तला हुआ भोजन, मिठाइयां, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और पैकेज्ड फूड खाता है, तो सिर्फ शाकाहारी होने से उसकी डाइट अपने आप स्वस्थ नहीं हो जाती।

क्या नॉनवेज खाने वाले ज्यादा लंबी उम्र जी सकते हैं?

नॉनवेज भोजन को लेकर भी तस्वीर एकतरफा नहीं है। मछली, अंडे और कुछ प्रकार के मीट से शरीर को उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन मिल सकता है। इसके अलावा कुछ नॉनवेज खाद्य पदार्थ विटामिन बी12, आयरन, जिंक और दूसरे पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हो सकते हैं।

विशेष रूप से उम्र बढ़ने के साथ शरीर के लिए पर्याप्त प्रोटीन महत्वपूर्ण हो जाता है। मांस, मछली और अंडे जैसे खाद्य पदार्थ इस जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर तरह का नॉनवेज भोजन समान रूप से फायदेमंद है।

नॉनवेज खाने वाले व्यक्ति की सेहत पर इस बात का काफी असर पड़ता है कि वह किस तरह का मांस खा रहा है, कितनी मात्रा में खा रहा है और उसे किस तरीके से पकाया जा रहा है। बहुत ज्यादा फैट वाला मांस, अत्यधिक प्रोसेस्ड मीट और ज्यादा नमक वाला भोजन नियमित रूप से लेना सेहत के लिए सही विकल्प नहीं माना जाता।

इसलिए नॉनवेज को सिर्फ इसलिए हेल्दी नहीं कहा जा सकता क्योंकि उसमें प्रोटीन होता है। पूरी डाइट का संतुलन देखना जरूरी है।

चीन की स्टडी ने बहस को फिर किया दिलचस्प

हाल में चीन में बुजुर्गों से जुड़ी एक स्टडी का जिक्र सामने आया, जिसने वेज और नॉनवेज डाइट को लेकर चल रही आम धारणा पर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट के मुताबिक, अध्ययन में पूरी तरह वीगन डाइट लेने वाले लोगों के 100 साल की उम्र तक पहुंचने की संभावना नॉनवेज खाने वालों की तुलना में कम देखी गई।

इस तरह के नतीजे यह संकेत दे सकते हैं कि उम्र बढ़ने के दौरान शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करना बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर बुजुर्गों में पर्याप्त प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी शरीर को प्रभावित कर सकती है।

हालांकि किसी एक स्टडी के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि नॉनवेज खाने से व्यक्ति निश्चित रूप से ज्यादा उम्र तक जिएगा। वैज्ञानिक रिसर्च में किसी नतीजे को समझने के लिए अध्ययन में शामिल लोगों की संख्या, उनकी जीवनशैली, स्वास्थ्य स्थिति, डाइट की पूरी जानकारी और दूसरे कारकों को देखना जरूरी होता है।

मछली और डेयरी लेने वाली डाइट भी हो सकती है विकल्प

वेज और नॉनवेज के बीच एक ऐसा रास्ता भी है जिसे कई लोग अपनाते हैं। कुछ लोग मांस नहीं खाते, लेकिन मछली, दूध, दही, पनीर या अंडे को अपनी डाइट में शामिल करते हैं। इस तरह के खान-पान में पौधों से मिलने वाले पोषक तत्वों के साथ कुछ पशु-आधारित खाद्य पदार्थ भी शामिल हो जाते हैं।

उल्लेखित स्टडी में भी मछली या डेयरी उत्पाद लेने वाले लोगों की उम्र और नॉनवेज खाने वालों की उम्र के बीच बहुत बड़ा अंतर नहीं देखा गया। इससे यह बात सामने आती है कि किसी एक फूड ग्रुप को पूरी तरह सही या गलत मानने की बजाय व्यक्ति की पूरी डाइट पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

एक संतुलित प्लेट में सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स और पर्याप्त प्रोटीन शामिल होना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति नॉनवेज खाता है तो मछली, अंडे या कम फैट वाले विकल्पों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

लंबी उम्र के लिए सिर्फ खाना जिम्मेदार नहीं

किसी व्यक्ति की उम्र कितनी होगी, इसका फैसला केवल उसकी डाइट से नहीं होता। आनुवंशिकता यानी जेनेटिक्स भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अलावा नियमित शारीरिक गतिविधि, शरीर का वजन, नींद, तनाव, धूम्रपान और शराब जैसी आदतें भी स्वास्थ्य और जीवन प्रत्याशा को प्रभावित कर सकती हैं।

उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति शाकाहारी हो सकता है लेकिन अगर वह बिल्कुल एक्सरसाइज नहीं करता, लगातार जंक फूड खाता है और उसकी नींद खराब है, तो केवल वेज डाइट उसे पूरी तरह स्वस्थ रखने की गारंटी नहीं देती। इसी तरह नॉनवेज खाने वाला व्यक्ति अगर संतुलित भोजन करता है, नियमित व्यायाम करता है और प्रोसेस्ड फूड से दूरी रखता है, तो उसकी ओवरऑल हेल्थ अच्छी रह सकती है।

असली जवाब है संतुलित और पोषक डाइट

वेज बनाम नॉनवेज की बहस में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भोजन की गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाए। अगर कोई व्यक्ति शाकाहारी है तो उसे दाल, बीन्स, सोया, पनीर, दूध-दही, नट्स और बीज जैसे स्रोतों से पर्याप्त प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व लेने चाहिए। पूरी तरह वीगन डाइट लेने वालों को विशेष रूप से विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्वों पर ध्यान देना पड़ सकता है।

वहीं नॉनवेज खाने वालों को भी अपनी प्लेट में सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्लांट-बेस्ड प्रोटीन शामिल करने चाहिए। लाल और प्रोसेस्ड मीट की मात्रा सीमित रखना और बहुत ज्यादा तेल या नमक में तैयार भोजन से बचना बेहतर विकल्प हो सकता है।

आखिर में यह कहना ज्यादा सही होगा कि लंबी उम्र का राज केवल वेज या नॉनवेज खाने में नहीं, बल्कि संतुलित डाइट और स्वस्थ जीवनशैली में छिपा है। हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत अलग होती है। उम्र, शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य और खान-पान की आदतों के आधार पर डाइट तय करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह लेना सबसे बेहतर तरीका है।

(Photo: AI-generated)