बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान जोर पकड़ चुका है। टूर्नामेंट के पहले दिन शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब भारतीय खिलाड़ी दूसरे दिन कोर्ट पर अपनी चुनौती पेश करेंगे। मंगलवार को भारत की ओर से कुल 6 मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें मेंस सिंगल्स में लक्ष्य सेन और विमेंस सिंगल्स में उन्नति हुड्डा अपनी-अपनी चुनौती पेश करेंगी। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों की दो मिक्स्ड डबल्स और दो विमेंस डबल्स जोड़ियां भी मुकाबले में उतरेंगी।
भारत के लिए प्रतियोगिता की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक रही है। पहले दिन पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी ने सिंगल्स में जीत दर्ज की, जबकि डबल्स में भी भारतीय जोड़ियों ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। खास तौर पर आयुष शेट्टी की जीत सबसे ज्यादा चर्चा में रही, क्योंकि उन्होंने मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी चीन के शी यू ची को हराकर बड़ा उलटफेर कर दिया।
अब भारतीय फैंस की नजरें लक्ष्य सेन पर होंगी। लक्ष्य पहली बार इस संस्करण में कोर्ट पर उतरेंगे और उनके सामने रोमानिया के कॉलिन्स फिलिमोन की चुनौती होगी। यह मुकाबला राउंड ऑफ 64 में खेला जाएगा। लक्ष्य अपने तेज अटैक, आक्रामक शॉट्स और कोर्ट पर दबाव बनाने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उनसे टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ करने की उम्मीद होगी।
लक्ष्य सेन के अलावा विमेंस सिंगल्स में उन्नति हुड्डा भी अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। राउंड ऑफ 64 के मुकाबले में उनका सामना म्यांमार की थुजार थेट हार तिन से होगा। उन्नति युवा भारतीय खिलाड़ियों में तेजी से अपनी पहचान बना रही हैं और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर उनके प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी। उनके लिए यह मुकाबला अगले दौर में जगह बनाने के साथ-साथ बड़े टूर्नामेंट के दबाव में खुद को साबित करने का मौका भी होगा।
मिक्स्ड डबल्स में भारत की दो जोड़ियां उतरेंगी
सिंगल्स के अलावा मिक्स्ड डबल्स में भी भारत की चुनौती जारी रहेगी। इस वर्ग में भारत की दो जोड़ियां राउंड ऑफ 64 के मुकाबले खेलेंगी। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे की जोड़ी का सामना कनाडा के जोनाथन बिंग त्सान लाई और क्रिस्टल लाई से होगा।
भारतीय जोड़ी की कोशिश मुकाबले की शुरुआत से ही लय हासिल करने की होगी। मिक्स्ड डबल्स में तालमेल, तेज रिफ्लेक्स और कोर्ट कवरेज काफी अहम होते हैं। ऐसे में रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन उनकी जीत की राह आसान कर सकता है।
दूसरे मिक्स्ड डबल्स मुकाबले में अशिथ सूर्य और अमृता प्रमुथेश की जोड़ी कोर्ट पर उतरेगी। भारतीय जोड़ी के सामने तुर्किये के एम्रे सोनमेज और यासेमेन बेक्तास की चुनौती होगी। यह मुकाबला भी राउंड ऑफ 64 का है। दोनों भारतीय जोड़ियों का लक्ष्य जीत हासिल कर अगले दौर में पहुंचना होगा।
विमेंस डबल्स में भी दो भारतीय जोड़ियों की परीक्षा
विमेंस डबल्स में भारत के लिए दिन के दो अहम मुकाबले होंगे। दोनों मुकाबले राउंड ऑफ 32 में खेले जाएंगे। कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी की जोड़ी का सामना बुल्गारिया की गैब्रिएला स्टोएवा और स्टेफानी स्टोएवा की जोड़ी से होगा।
स्टोएवा बहनों की जोड़ी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में अनुभवी नामों में शामिल है, इसलिए भारतीय जोड़ी के सामने चुनौती आसान नहीं रहने वाली। कविप्रिया और सिमरन को मुकाबले में लगातार आक्रामक खेल के साथ अपनी गलतियों को भी कम रखना होगा। भारतीय जोड़ी अगर शुरुआत में बढ़त बनाने में कामयाब रहती है तो मुकाबले पर पकड़ मजबूत की जा सकती है।
वहीं दूसरे विमेंस डबल्स मुकाबले में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी अमेरिका की लॉरेन लैम और एलिसन ली से भिड़ेगी। ट्रीसा और गायत्री भारतीय बैडमिंटन की प्रमुख विमेंस डबल्स जोड़ियों में शामिल हैं और उनसे टूर्नामेंट में आगे तक जाने की उम्मीद की जा रही है। दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहतर समझ और तेज रैली खेलने की क्षमता उन्हें मुकाबले में बढ़त दिला सकती है।
पहले दिन आयुष शेट्टी ने किया बड़ा उलटफेर
भारतीय दल के लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप का पहला दिन बेहद यादगार रहा। आयुष शेट्टी ने ऐसा परिणाम हासिल किया जिसकी शायद बहुत कम लोगों ने उम्मीद की होगी। उन्होंने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी और डिफेंडिंग चैंपियन शी यू ची को कड़े मुकाबले में मात दी।
आयुष ने चीनी खिलाड़ी को 21-14, 13-21, 21-19 से हराया। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में दोनों खिलाड़ियों के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिली। करीब 73 मिनट तक चले मैच में आयुष ने निर्णायक गेम में धैर्य बनाए रखा और महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि आयुष शेट्टी पहली बार वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं। अपने डेब्यू टूर्नामेंट में ही मौजूदा चैंपियन को हराना उनके आत्मविश्वास के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है। इस जीत के बाद उनसे प्रतियोगिता में आगे भी मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद बढ़ गई है।
पीवी सिंधु ने भी दर्ज की आसान जीत
भारत की अनुभवी स्टार पीवी सिंधु ने भी प्रतियोगिता की शुरुआत जीत के साथ की। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट सिंधु ने अपने शुरुआती मुकाबले में सोफिया नोबल को सीधे गेमों में 21-7, 21-11 से हराया।
सिंधु को मुकाबला जीतने में सिर्फ 29 मिनट लगे। उन्होंने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी खिलाड़ी को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया। सिंधु की फिटनेस, अनुभव और आक्रामक खेल का असर पूरे मुकाबले में दिखाई दिया।
अब सिंधु के सामने अगले दौर में कनाडा की वेन यू झांग की चुनौती होगी। सिंधु की कोशिश जीत की इस लय को बरकरार रखते हुए प्रतियोगिता में आगे बढ़ने की होगी। बड़े टूर्नामेंटों में सिंधु का अनुभव भारतीय टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण है और उनसे एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
डबल्स में भी पहले दिन मिला भारत को फायदा
पहले दिन भारत की डबल्स टीमों ने भी अच्छी शुरुआत की। हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी ने अपने मुकाबले में जीत हासिल कर अगले दौर में जगह बनाई। इसके अलावा ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और कविप्रिया सेल्वम-सिमरन सिंघी की जोड़ियां भी विजयी रहीं।
डबल्स में शुरुआती जीत से भारतीय दल का आत्मविश्वास बढ़ा है। अब दूसरे दिन इन खिलाड़ियों के सामने और कड़ी चुनौती होगी, क्योंकि टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ मुकाबलों का स्तर भी बढ़ता जाएगा।
भारतीय टीम के लिए इस बार सिंगल्स और डबल्स दोनों वर्गों में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। एक तरफ सिंधु और लक्ष्य सेन जैसे अनुभवी नाम हैं, तो दूसरी ओर आयुष शेट्टी और उन्नति हुड्डा जैसे युवा खिलाड़ी भी अपनी क्षमता दिखाने के लिए तैयार हैं।
आज के मुकाबलों पर रहेंगी नजरें
भारत के लिए मंगलवार का दिन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि छह मुकाबलों में अलग-अलग वर्गों के खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश करेंगे। लक्ष्य सेन की शुरुआत, उन्नति हुड्डा का प्रदर्शन और विमेंस व मिक्स्ड डबल्स की चार जोड़ियों के मुकाबले भारतीय अभियान की दिशा तय करने में अहम होंगे।
आयुष शेट्टी की पहले दिन की बड़ी जीत ने भारतीय खेमे का उत्साह पहले ही बढ़ा दिया है। वहीं पीवी सिंधु की आसान जीत से अनुभवी खिलाड़ी की मजबूत वापसी के संकेत मिले हैं। अब लक्ष्य सेन और बाकी भारतीय खिलाड़ियों की कोशिश इस विजयी शुरुआत को आगे बढ़ाने की होगी।
वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर हर मुकाबला महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों को विपक्षी खिलाड़ियों के खिलाफ सिर्फ अपनी तकनीक ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती का भी परिचय देना होगा। अगर भारतीय खिलाड़ी पहले दिन की तरह प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो टूर्नामेंट में भारत की पदक उम्मीदें और मजबूत हो सकती हैं।




