हिमाचल प्रदेश सरकार ने संशोधित वेतनमान से जुड़े लंबित एरियर को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों, फैमिली पेंशनरों और नियमित ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए राहत का दायरा बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पेंशनरों के बकाया एरियर के भुगतान को लेकर की गई घोषणा के बाद वित्त विभाग ने अब इसके लिए औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के साथ ही पात्र लाभार्थियों को एरियर की अगली किस्त मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
वित्त विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों और संबंधित फैमिली पेंशनरों को संशोधित वेतनमान के तहत देय बकाया राशि का निर्धारित हिस्सा जारी किया जाएगा। सरकार ने भुगतान को अलग-अलग श्रेणियों में बांटते हुए पेंशन की राशि के आधार पर एरियर की किस्त तय की है। संबंधित विभागों और पेंशन वितरण एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लाभार्थियों को अगस्त महीने के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
सरकार के इस फैसले से उन पेंशनरों को सीधा लाभ मिलेगा, जो लंबे समय से संशोधित वेतनमान के तहत अपने बकाया भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पेंशनरों का एरियर एकमुश्त देने के बजाय चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है। इस बार भी अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग प्रतिशत निर्धारित किया गया है, ताकि वित्तीय दायित्व को चरणबद्ध ढंग से पूरा किया जा सके।
इसी कड़ी में नियमित ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए भी तत्काल आर्थिक राहत की घोषणा की गई है। वित्त विभाग के आदेश के अनुसार 1 जनवरी 2016 से लागू संशोधित वेतनमान के तहत कर्मचारियों को देय कुल एरियर में से 20 हजार रुपये की नकद राशि अगस्त महीने में जारी की जाएगी। यानी ग्रुप-डी कर्मचारियों को इस महीने अपने लंबित बकाये में से 20 हजार रुपये तत्काल प्राप्त होंगे।
वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि ग्रुप-डी कर्मचारियों के एरियर से जुड़े बाकी नियम और शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इस संबंध में 17 सितंबर 2022 को जारी किए गए पूर्व आदेश ही लागू रहेंगे। वर्तमान आदेश के तहत केवल 20 हजार रुपये की तत्काल नकद राहत जारी की जा रही है, जबकि शेष एरियर का भुगतान पहले से निर्धारित प्रक्रिया और पात्रता के अनुसार किया जाएगा।
पेंशनरों के लिए सरकार ने एरियर भुगतान की अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। क्लास-3 श्रेणी के पात्र पेंशनरों को कुल बकाया एरियर का अतिरिक्त 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। इस श्रेणी में 40 हजार रुपये तक की बेसिक पेंशन पाने वाले पेंशनर शामिल हैं। इसके साथ ही 24 हजार रुपये तक की फैमिली पेंशन पाने वाले लाभार्थियों को भी इसी श्रेणी में रखा गया है। नई किस्त जारी होने के बाद इस वर्ग के पेंशनरों को अब तक कुल 55 प्रतिशत एरियर का भुगतान हो जाएगा।
क्लास-2 श्रेणी में आने वाले पेंशनरों के लिए अतिरिक्त 15 प्रतिशत एरियर जारी करने का प्रावधान किया गया है। इस श्रेणी में 50 हजार रुपये तक की पेंशन पाने वाले लाभार्थी शामिल हैं। वहीं, 30 हजार रुपये तक की फैमिली पेंशन पाने वाले पेंशनरों को भी इस श्रेणी के तहत लाभ मिलेगा। इस नई किस्त के बाद क्लास-2 श्रेणी के पात्र लाभार्थियों को अब तक कुल 35 प्रतिशत एरियर का भुगतान हो जाएगा।
क्लास-1 श्रेणी के पेंशनरों को भी एरियर की 15 प्रतिशत अतिरिक्त किस्त दी जाएगी। इस श्रेणी में 60 हजार रुपये से लेकर 1,09,300 रुपये तक की पेंशन पाने वाले लाभार्थियों को शामिल किया गया है। फैमिली पेंशन के मामले में 40 हजार रुपये से लेकर 65,580 रुपये तक की पेंशन पाने वाले लाभार्थियों को इस श्रेणी में रखा गया है। इनके लिए भी एरियर की 15 प्रतिशत राशि जारी की जाएगी।
सरकार ने एरियर की वास्तविक गणना को लेकर भी महत्वपूर्ण व्यवस्था स्पष्ट की है। वित्त विभाग के मुताबिक पेंशनरों को पूर्व में दी जा चुकी अंतरिम राहत यानी आईआर की चार किस्तों को कुल सकल एरियर में समायोजित किया जाएगा। इसके अलावा महंगाई राहत यानी डीआर की 12 किस्तों की रकम भी सकल एरियर में एडजस्ट की जाएगी।
इसका सीधा अर्थ यह है कि पेंशनरों को पहले ही जिन मदों में राशि दी जा चुकी है, उसका दोबारा भुगतान नहीं होगा। कुल सकल एरियर से आईआर और डीआर की संबंधित रकम घटाने के बाद जो शुद्ध राशि बचेगी, उसका भुगतान इस चरण में किया जाएगा। इस व्यवस्था के कारण अलग-अलग पेंशनरों को मिलने वाली वास्तविक राशि उनके व्यक्तिगत पेंशन रिकॉर्ड और पूर्व भुगतान के आधार पर अलग हो सकती है।
वित्त विभाग ने अतिरिक्त पेंशन भुगतान के मामलों को लेकर भी प्रावधान स्पष्ट किया है। यदि किसी पेंशनर या फैमिली पेंशनर को पूर्व में निर्धारित पात्रता से अधिक पेंशन का भुगतान हो चुका है और उस अतिरिक्त राशि की वसूली बनती है, तो संबंधित रकम को भी लंबित एरियर से समायोजित किया जाएगा। यानी एरियर का अंतिम भुगतान सभी आवश्यक कटौतियों और समायोजनों के बाद तय होगा।
सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को लेकर संबंधित संस्थाओं को समयबद्ध निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग ने कहा है कि पात्र पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों को एरियर की निर्धारित किस्त अगस्त माह में ही उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए सभी पेंशन वितरण प्राधिकरणों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
संबंधित एजेंसियों को कहा गया है कि वे पात्र लाभार्थियों के एरियर की गणना और भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न करें। आदेश के अनुसार राशि जल्द आहरित कर पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों के बैंक खातों में जमा करवाने की व्यवस्था की जानी है। इससे हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधे आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब संशोधित वेतनमान से जुड़े बकाये का मुद्दा लंबे समय से कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच चर्चा में रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एरियर केवल पिछली देनदारी नहीं, बल्कि उनके मासिक आर्थिक प्रबंधन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय भी है। ऐसे में सरकार की ओर से नई किस्त जारी करने से उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी।
फैमिली पेंशनरों के लिए भी यह भुगतान महत्वपूर्ण है। सरकार ने उनकी पेंशन राशि के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां तय कर भुगतान का प्रावधान किया है। इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है कि विभिन्न स्तर की पेंशन पाने वाले लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार बकाया राशि मिल सके।
ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए 20 हजार रुपये की तत्काल राहत भी सरकार के इस फैसले का अहम हिस्सा है। संशोधित वेतनमान के तहत लंबे समय से लंबित राशि में से यह भुगतान अगस्त में किया जाएगा। हालांकि, कुल एरियर का बाकी हिस्सा बाद की प्रक्रिया के तहत देय रहेगा। वित्त विभाग ने पहले से लागू नियमों को बरकरार रखते हुए इस भुगतान को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार की ओर से जारी आदेशों के बाद अब विभागीय स्तर पर एरियर की गणना और वितरण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। संबंधित पेंशन वितरण प्राधिकरणों और बैंकों को लाभार्थियों के रिकॉर्ड के आधार पर भुगतान करना होगा। आईआर और डीआर की पूर्व किस्तों तथा संभावित अतिरिक्त भुगतान की वसूली को ध्यान में रखते हुए नेट एरियर की राशि निर्धारित की जाएगी।
वित्त विभाग की ओर से श्रेणीवार भुगतान तय करने का उद्देश्य एरियर की लंबित देनदारी को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना भी माना जा रहा है। क्लास-3 पेंशनरों के लिए जहां इस बार 35 प्रतिशत की अतिरिक्त किस्त निर्धारित की गई है, वहीं क्लास-1 और क्लास-2 श्रेणियों में 15-15 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान किया गया है। इससे अलग-अलग आय वर्ग के पेंशनरों को उनके निर्धारित मानकों के अनुसार राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की स्वतंत्रता दिवस की घोषणा के बाद वित्त विभाग द्वारा जारी इन आदेशों ने अब घोषणा को अमल में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पेंशनरों में उम्मीद जगी है कि लंबित एरियर का भुगतान चरणबद्ध तरीके से आगे भी जारी रहेगा और सरकार निर्धारित वित्तीय व्यवस्था के अनुसार बाकी बकाये का निपटारा करेगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगस्त की किस्त के भुगतान के दौरान पूर्व में दिए गए लाभों का हिसाब भी किया जाएगा। इसलिए प्रत्येक लाभार्थी को मिलने वाली वास्तविक राशि उसके व्यक्तिगत रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित होगी। इससे एरियर भुगतान में दोहरे भुगतान की स्थिति से बचने और सरकारी रिकॉर्ड में सही समायोजन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, हिमाचल सरकार के इस फैसले से सेवानिवृत्त कर्मचारियों, फैमिली पेंशनरों और नियमित ग्रुप-डी कर्मचारियों को तत्काल आर्थिक राहत मिलने जा रही है। पेंशनरों को श्रेणी के अनुसार एरियर की अगली किस्त मिलेगी, जबकि ग्रुप-डी कर्मचारियों के खातों में अगस्त में 20 हजार रुपये की नकद राशि पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार ने संबंधित संस्थाओं को समयसीमा के भीतर भुगतान पूरा करने के निर्देश देकर इस प्रक्रिया को तेज करने की कोशिश की है।
अब लाभार्थियों की नजर अगस्त में होने वाले भुगतान पर है। वित्त विभाग के आदेश लागू होने के बाद संबंधित पेंशन वितरण एजेंसियों और बैंकों के स्तर पर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके साथ ही संशोधित वेतनमान से जुड़े लंबित एरियर के चरणबद्ध भुगतान की दिशा में सरकार का यह कदम एक और महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।




