‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन को लेकर प्रदेश में खेलों का माहौल लगातार जोर पकड़ रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को सीजन-4 का मशाल मार्च साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) जिले में पहुंचा, जहां सेक्टर-78 स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खिलाड़ियों, विद्यार्थियों, खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने पूरे उत्साह के साथ इसका स्वागत किया। मशाल मार्च के पहुंचने के साथ ही पूरा खेल परिसर खेल भावना और जोश से सराबोर नजर आया।
फतेहगढ़ साहिब से मोहाली पहुंचे इस मशाल मार्च की अगुआई श्री आनंदपुर साहिब के सांसद मलविंदर सिंह कंग, मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह और पंजाब यूथ विकास बोर्ड के चेयरमैन परमिंदर सिंह गोल्डी ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी और विद्यार्थी शामिल हुए। विभिन्न खेलों से जुड़े प्रतिभागियों ने मशाल मार्च के स्वागत कार्यक्रम में हिस्सा लेकर राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के अभियान के प्रति अपना समर्थन जताया।
कार्यक्रम के दौरान उभरते जिम्नास्टिक खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। युवा खिलाड़ियों के शानदार करतबों ने दर्शकों का ध्यान खींचा और पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बना दिया। इसके साथ ही भंगड़ा टीमों ने भी अपनी जोशीली प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में पंजाब की सांस्कृतिक झलक पेश की। खेल और संस्कृति के इस संगम ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी के जाने-माने खिलाड़ियों की मौजूदगी ने भी युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। वर्ष 2016 में जूनियर हॉकी विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे हरजीत सिंह तुली कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे। उनके साथ द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच जीवनजोत सिंह ने भी खिलाड़ियों और युवाओं का हौसला बढ़ाया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि प्रदेश के युवाओं को अपनी क्षमता पहचानने और उसे मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर देने वाली व्यापक पहल बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से गांवों और शहरों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने आने का अवसर मिल रहा है।
कंग ने युवाओं से खेल गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना भी सिखाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को रचनात्मक एवं सकारात्मक गतिविधियों में लगाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें सही समय पर उचित प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं और प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान होती है और उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता मिलता है।
मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार से युवाओं के लिए नई संभावनाएं पैदा हुई हैं। गांवों में आधुनिक खेल मैदान और स्टेडियम विकसित होने से अब ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी बेहतर माहौल में अभ्यास करने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुविधाओं की कमी के कारण अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाते थे। अब स्थानीय स्तर पर खेल बुनियादी ढांचा मजबूत होने से ऐसे खिलाड़ियों को अपने ही क्षेत्र में प्रशिक्षण और अभ्यास की सुविधा मिल रही है। इससे भविष्य में पंजाब से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के और अधिक खिलाड़ी निकलने की उम्मीद है।
पंजाब यूथ विकास बोर्ड के चेयरमैन परमिंदर सिंह गोल्डी ने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की बड़ी संख्या मौजूद है। यदि इन खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन, पर्याप्त प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन मिलें तो वे देश और विदेश में पंजाब का नाम रोशन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार और खेल संस्थाओं का प्रयास होना चाहिए कि किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को केवल संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े। ग्रामीण और छोटे शहरों से निकलने वाले खिलाड़ियों को भी वही अवसर मिलने चाहिए जो बड़े शहरों में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को उपलब्ध होते हैं।
मोहाली में मशाल मार्च के स्वागत समारोह ने सीजन-4 की आगामी प्रतियोगिताओं के लिए भी माहौल तैयार कर दिया है। ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे संस्करण में खिलाड़ियों को अलग-अलग स्तरों पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिताओं को ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
आयोजन के कार्यक्रम के अनुसार ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएं 3 सितंबर से शुरू होकर 15 सितंबर तक चलेंगी। इसके बाद जिला स्तर की प्रतियोगिताएं 20 सितंबर से 30 सितंबर के बीच आयोजित की जाएंगी। राज्य स्तरीय मुकाबलों का आयोजन 10 अक्टूबर से शुरू होगा और यह चरण 28 नवंबर तक चलेगा।
प्रतियोगिताओं के अलग-अलग चरणों के आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर देना है। ब्लॉक स्तर पर प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे और बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे जिला स्तर पर खेलने का अवसर मिलेगा। इसके बाद जिला स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे।
इस प्रक्रिया से ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से उन खिलाड़ियों को फायदा होगा, जिन्हें अब तक बड़े खेल आयोजनों में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिल पाया है।
मशाल मार्च का उद्देश्य भी इसी खेल भावना को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाना है। फतेहगढ़ साहिब के बाद मोहाली पहुंची मशाल अब अगले पड़ाव की ओर बढ़ेगी। जिला खेल अधिकारी उमेश्वरी शर्मा ने बताया कि मशाल मार्च बुधवार को रूपनगर जिले के लिए रवाना होगा।
मशाल मार्च के दौरान खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में दिखाई दे रहा उत्साह यह संकेत दे रहा है कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ अब प्रदेश में एक बड़े खेल आंदोलन का रूप ले रहा है। आयोजन के जरिए सरकार की कोशिश खेलों को केवल प्रतियोगिता तक सीमित रखने के बजाय उन्हें युवाओं की जीवनशैली का हिस्सा बनाने की है।
पंजाब में खेलों को प्रोत्साहित करने के लिहाज से ग्रामीण स्तर पर सुविधाओं का विस्तार विशेष महत्व रखता है। राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो विभिन्न खेलों में प्रतिभा रखते हैं, लेकिन उन्हें उचित प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी मंच की जरूरत होती है। ब्लॉक से राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं की संरचना इन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर दे सकती है।
मोहाली में हुए कार्यक्रम में जिम्नास्टिक और भंगड़ा प्रस्तुतियों के अलावा खिलाड़ियों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। वरिष्ठ खिलाड़ियों और खेल क्षेत्र से जुड़े सम्मानित व्यक्तित्वों की मौजूदगी ने युवा प्रतिभाओं को प्रेरित किया। 2016 जूनियर हॉकी विश्व कप विजेता टीम के कप्तान हरजीत सिंह तुली की मौजूदगी विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणादायक रही।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में खेलों को युवाओं के विकास और नशे के खिलाफ लड़ाई का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उनका कहना था कि नियमित खेल गतिविधियां युवाओं को अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली की ओर ले जाती हैं। इसके साथ ही खेलों में प्रतिस्पर्धा युवाओं में मेहनत, धैर्य और लक्ष्य हासिल करने की भावना पैदा करती है।
‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन की तैयारियों के बीच मशाल मार्च का अलग-अलग जिलों में पहुंचना भी खिलाड़ियों और आम लोगों को प्रतियोगिताओं से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। आयोजन के जरिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में खेलों के प्रति जागरूकता और उत्साह पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
मोहाली के बाद अब मशाल रूपनगर पहुंचेगी, जबकि सितंबर से वास्तविक मुकाबलों का दौर शुरू हो जाएगा। आने वाले सप्ताहों में ब्लॉक स्तर पर होने वाले मुकाबलों में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है। जिला और राज्य स्तर पर पहुंचने के साथ प्रतियोगिता का स्तर भी बढ़ेगा और खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार होगा।
कुल मिलाकर, मोहाली में मशाल मार्च का भव्य स्वागत ‘खेडां वतन पंजाब दियां-सीजन 4’ के प्रति बढ़ते उत्साह का संकेत है। सरकार और खेल विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों तक खेल सुविधाओं का विस्तार, प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। अब 3 सितंबर से शुरू होने वाली ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताओं के साथ इस अभियान का अगला चरण शुरू होगा, जो नवंबर के अंत तक राज्य स्तरीय मुकाबलों के रूप में जारी रहेगा।




