लुधियाना में सोया चाप फैक्ट्री पर दबिश, 100 किलो उत्पाद मिला; स्वच्छता नियमों की भी खुली पोल

लुधियाना में सोया चाप फैक्ट्री पर दबिश, 100 किलो उत्पाद मिला; स्वच्छता नियमों की भी खुली पोल

लुधियाना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे प्रवर्तन अभियान के तहत एक सोया चाप निर्माण इकाई पर कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर संबंधित यूनिट में अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान परिसर में करीब 100 किलोग्राम सोया चाप पाया गया, जिसे विभागीय कार्रवाई के दायरे में लिया गया है। टीम ने मौके से सोया चाप और सोया आटा के अलग-अलग नमूने भी लिए हैं, जिन्हें खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक छापेमारी का उद्देश्य यह जांचना था कि निर्माण इकाई में तैयार किए जा रहे खाद्य उत्पाद निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। निरीक्षण के दौरान टीम ने उत्पादन प्रक्रिया, खाद्य सामग्री की स्थिति, परिसर की स्वच्छता और कर्मचारियों द्वारा अपनाए जा रहे व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी नियमों का जायजा लिया।

अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान यूनिट में करीब 100 किलोग्राम सोया चाप मौजूद मिला। उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसी कारण विभाग ने मौके से सोया चाप का एक नमूना लिया। इसके साथ ही उत्पादन में इस्तेमाल किए जा रहे सोया आटा का भी एक अलग सैंपल जांच के लिए लिया गया। दोनों नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। जांच रिपोर्ट में यदि खाद्य उत्पाद या इस्तेमाल की जा रही सामग्री में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित खाद्य कारोबार संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानूनों और निर्धारित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर ही उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित अगला निर्णय लिया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम को केवल उत्पाद से जुड़ी जांच ही नहीं करनी पड़ी, बल्कि निर्माण इकाई में साफ-सफाई और हाइजीन से संबंधित कमियां भी सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार यूनिट में खाद्य पदार्थ तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों द्वारा निर्धारित व्यक्तिगत स्वच्छता मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा था। खाद्य निर्माण के दौरान काम करने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है, क्योंकि इसका सीधा संबंध तैयार उत्पाद की स्वच्छता और गुणवत्ता से होता है।

टीम ने निरीक्षण के दौरान सामने आए इन उल्लंघनों को रिकॉर्ड किया और संबंधित इकाई के खिलाफ अस्वच्छता से जुड़ा चालान जारी किया। विभाग ने यूनिट संचालक को खाद्य निर्माण के दौरान स्वच्छता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

यह कार्रवाई लुधियाना के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष चावला द्वारा साझा की गई जानकारी के आधार पर सामने आई है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग का उद्देश्य केवल खाद्य उत्पादों की जांच करना नहीं, बल्कि निर्माण और बिक्री से जुड़ी पूरी प्रक्रिया में आवश्यक सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। इसके लिए विभाग की टीमें समय-समय पर खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों और निर्माण इकाइयों का निरीक्षण करती हैं।

डॉ. चावला के अनुसार खाद्य पदार्थों के उत्पादन के दौरान साफ-सफाई, सुरक्षित कच्चे माल का इस्तेमाल, उचित भंडारण और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता जैसे पहलुओं का पालन बेहद जरूरी है। किसी भी स्तर पर लापरवाही होने से खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए विभाग द्वारा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

सोया चाप के संबंध में लिए गए दोनों नमूनों की प्रयोगशाला जांच अब इस कार्रवाई का अगला महत्वपूर्ण चरण है। एक नमूना तैयार सोया चाप का है, जबकि दूसरा सोया फ्लोर यानी सोया आटा का लिया गया है। इन दोनों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि उत्पाद और उसके निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल प्रयोगशाला रिपोर्ट आने से पहले उत्पाद की गुणवत्ता को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। नमूनों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह तय होगा कि खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत आगे किस प्रकार की कार्रवाई की जानी है। यदि रिपोर्ट में किसी प्रकार की कमी या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित इकाई के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर खाद्य निर्माण इकाइयों में स्वच्छता मानकों के पालन को लेकर ध्यान केंद्रित हुआ है। खाद्य पदार्थों के निर्माण, प्रसंस्करण और पैकिंग से जुड़ी इकाइयों में साफ-सफाई बनाए रखना केवल विभागीय औपचारिकता नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। विशेष रूप से ऐसे उत्पाद जो सीधे खाने के लिए तैयार किए जाते हैं, उनमें उत्पादन स्थल की स्वच्छता और कर्मचारियों की व्यक्तिगत हाइजीन की अहम भूमिका होती है।

विभाग के अनुसार खाद्य कारोबार संचालकों को यह सुनिश्चित करना होता है कि उनके परिसर में पर्याप्त साफ-सफाई हो, खाद्य सामग्री सुरक्षित तरीके से रखी जाए और उत्पादन में शामिल कर्मचारियों द्वारा आवश्यक व्यक्तिगत स्वच्छता नियमों का पालन किया जाए। निरीक्षण के दौरान इन मानकों में कमी मिलने पर विभाग कार्रवाई कर सकता है।

लुधियाना में खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा की गई यह कार्रवाई इसी व्यापक प्रवर्तन अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। विभाग की ओर से खाद्य निर्माण इकाइयों पर निरीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रखने की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों को लेकर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस मामले में फिलहाल करीब 100 किलोग्राम सोया चाप की बरामदगी, दो खाद्य नमूनों का संग्रह और निर्माण इकाई में पाई गई अस्वच्छ परिस्थितियां कार्रवाई के मुख्य बिंदु हैं। सोया चाप और सोया आटा के सैंपल प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही उत्पाद की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

विभाग ने खाद्य कारोबार संचालकों को भी साफ संदेश दिया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ-साथ निर्माण स्थल की स्वच्छता और कर्मचारियों की व्यक्तिगत हाइजीन पर विशेष ध्यान देना होगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर चालान और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल खाद्य सुरक्षा विभाग प्रयोगशाला रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वहीं विभाग ने साफ किया है कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।