हरियाणा में SC गरीब परिवारों के लिए फिर खुलेगा घर सुधार का रास्ता, 25 सितंबर से मिलेगा 80 हजार तक का लाभ

हरियाणा में SC गरीब परिवारों के लिए फिर खुलेगा घर सुधार का रास्ता, 25 सितंबर से मिलेगा 80 हजार तक का लाभ

हरियाणा सरकार अनुसूचित जाति से संबंधित गरीब परिवारों को राहत देने के लिए डॉ. बीआर अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना को एक बार फिर शुरू करने जा रही है। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले पात्र परिवारों को अपने पुराने मकान की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए 80 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए जिला स्तर पर पात्र लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना को 25 सितंबर से दोबारा लागू किए जाने की तैयारी है।

प्रदेश सरकार की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब गरीब परिवारों के सामने पुराने और जर्जर मकानों की मरम्मत करवाना बड़ी आर्थिक चुनौती बनी हुई है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र परिवारों की पहचान और चयन की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी कार्रवाई की जाए।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने बुधवार को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान योजना की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलों में लाभार्थियों की पहचान का काम तेजी से पूरा किया जाए और पात्र परिवारों को योजना का लाभ देने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं।

सरकार की योजना है कि गुरु रविदास के 650वें जन्मोत्सव के अवसर पर चयनित पात्र परिवारों को इस योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को अपने स्तर पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का जोर इस बात पर है कि योजना का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे और पात्रता के बावजूद कोई परिवार सहायता से वंचित न रहे।

डॉ. बीआर अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत अनुसूचित जाति के गरीब परिवारों को मकान की मरम्मत के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। सहायता राशि का उपयोग पुराने मकान की आवश्यक मरम्मत, नवीनीकरण और उसे रहने के लिहाज से बेहतर बनाने में किया जा सकेगा। इससे उन परिवारों को विशेष राहत मिलने की उम्मीद है, जो सीमित आय के कारण अपने घर की मरम्मत का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं।

मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ उन लोगों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक जरूरत है। इसलिए विभागीय अधिकारी पात्र परिवारों की पहचान करते समय निर्धारित नियमों और मानदंडों का सख्ती से पालन करें।

सरकार के अनुसार, आवास नवीनीकरण योजना का लाभ केवल अनुसूचित जाति के परिवारों तक सीमित नहीं है। राज्य में सभी वर्गों के गरीब परिवारों को भी योजना के निर्धारित प्रावधानों के तहत सहायता दी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 30 जून तक विभिन्न वर्गों के कुल 85,815 लाभार्थियों को लगभग 415 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है।

अब सरकार ने अनुसूचित जाति से संबंधित गरीब परिवारों के लिए योजना को फिर से सक्रिय करने का निर्णय लिया है। 25 सितंबर से शुरू होने वाले नए चरण के तहत पात्र परिवारों को मकान के नवीनीकरण के लिए सहायता दी जाएगी। इसके लिए जिलों में लाभार्थियों की सूची तैयार करने और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

मंत्री बेदी ने समीक्षा बैठक में विभाग की अन्य योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के कल्याण को लेकर लगातार योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, विवाह, सामाजिक समरसता, रोजगार और आर्थिक सहायता जैसे क्षेत्रों में पात्र परिवारों एवं युवाओं को सहयोग दिया जा रहा है।

सरकार की प्रमुख योजनाओं में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना भी शामिल है। इसके माध्यम से पात्र परिवारों को विवाह के अवसर पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना के जरिए अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में सहायता दी जाती है।

अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना भी चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद करना है। सरकार का मानना है कि आर्थिक स्थिति किसी विद्यार्थी की पढ़ाई में बाधा नहीं बननी चाहिए, इसलिए पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का जोर है कि युवाओं को उनकी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने के अवसर मिलें और आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियां उनके विकास में बाधा न बनें।

मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाई जाए। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को अक्सर योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। ऐसे में विभागीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और पात्र लोगों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

आवास नवीनीकरण योजना के दोबारा शुरू होने से उन परिवारों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके मकान लंबे समय से मरम्मत की जरूरत में हैं। कई गरीब परिवार आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण छत, दीवार, फर्श या मकान के अन्य हिस्सों की आवश्यक मरम्मत नहीं करवा पाते। सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता से ऐसे परिवार अपने घर की स्थिति सुधार सकेंगे।

सरकार की ओर से जिला स्तर पर शुरू की गई लाभार्थी पहचान प्रक्रिया इस योजना के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों को पात्र परिवारों की पहचान के साथ-साथ उनके दस्तावेजों और पात्रता की जांच पूरी करने को कहा गया है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रदेश सरकार का कहना है कि कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ाना है। इसी दृष्टिकोण के तहत आवास, शिक्षा, विवाह और रोजगार से संबंधित विभिन्न योजनाओं को लागू किया जा रहा है।

डॉ. बीआर अंबेडकर आवास नवीनीकरण योजना को फिर से शुरू करने का फैसला भी इसी व्यापक सामाजिक कल्याण नीति का हिस्सा है। 25 सितंबर से शुरू होने वाले चरण में अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों को 80 हजार रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार चाहती है कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों को मिले और लाभार्थियों के चयन में किसी प्रकार की अनियमितता न हो।

गुरु रविदास के 650वें जन्मोत्सव के अवसर पर पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिए जाने की तैयारी से सरकार इस पहल को सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण मान रही है। आने वाले दिनों में जिला स्तर पर लाभार्थियों के चयन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने का काम तेज किया जाएगा।

फिलहाल विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि योजना की तैयारियों में किसी तरह की लापरवाही न हो। सरकार का लक्ष्य है कि पात्र परिवारों की पहचान समय पर पूरी हो, दस्तावेजों की जांच में अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित समय के अनुसार आर्थिक सहायता लाभार्थियों तक पहुंचाई जा सके। इससे हरियाणा के हजारों जरूरतमंद परिवारों को अपने पुराने मकानों की मरम्मत और नवीनीकरण में आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।