‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ का आगाज, सैनी बोले- प्रवासी हरियाणवी हमारी ताकत, निवेश से आगे बढ़कर दें अपनी भागीदारी

‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ का आगाज, सैनी बोले- प्रवासी हरियाणवी हमारी ताकत, निवेश से आगे बढ़कर दें अपनी भागीदारी

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देने के लिए मुंबई से ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के तहत ग्लोबल कैपिटल कैंपेन की शुरुआत की है। देश की आर्थिक राजधानी में आयोजित इस अभियान के जरिए सरकार ने निवेशकों के सामने हरियाणा की संभावनाओं को रखा और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने की उम्मीद जताई। 23 से 25 अगस्त तक चलने वाले तीन दिवसीय इन्वेस्टर समिट के दौरान 66 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों से जुड़े समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

इस अभियान को केवल निवेश जुटाने तक सीमित नहीं रखा गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मुंबई में बसे प्रवासी हरियाणवियों से संवाद करते हुए उन्हें राज्य की विकास यात्रा में भागीदार बनने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों में रहने वाले हरियाणवी प्रदेश की ताकत हैं। उनके अनुभव, विशेषज्ञता, कारोबारी संपर्क और संसाधन हरियाणा के युवाओं तथा उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रवासी हरियाणवियों से कहा कि राज्य को उनसे सिर्फ पूंजी निवेश की अपेक्षा नहीं है, बल्कि उनके विचार, अनुभव और सक्रिय सहयोग की भी जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुंबई में बसे हरियाणवी अपने कार्यक्षेत्र में हासिल अनुभव को प्रदेश के युवाओं और संस्थानों तक पहुंचाकर विकास प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा और मुंबई का रिश्ता केवल भौगोलिक या व्यावसायिक नहीं है। दोनों के बीच रोजगार, अवसर, मेहनत और सफलता की एक मजबूत कड़ी है। बड़ी संख्या में हरियाणवी मुंबई में अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और अपनी पहचान बना चुके हैं। ऐसे लोग दोनों राज्यों के बीच आर्थिक और सामाजिक संपर्क को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रवासी समुदाय से अपील की कि वे हरियाणा में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने में सहयोग करें। इसके लिए अनुभवी कारोबारी और पेशेवर प्रदेश के युवा उद्यमियों को मार्गदर्शन दे सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के मेंटरशिप कार्यक्रमों से जुड़ने, खिलाड़ियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाने और महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने में मदद करने का भी आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि मुंबई में रहने वाले हरियाणवी प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को महानगर के बाजार तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके साथ ही हरियाणा में तैयार होने वाले उत्पादों को देश के दूसरे हिस्सों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक ले जाने के लिए उनके कारोबारी नेटवर्क का उपयोग किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, हरियाणा की अर्थव्यवस्था अब केवल कृषि पर निर्भर रहने वाली अर्थव्यवस्था नहीं रह गई है। प्रदेश में उद्योग, सेवा क्षेत्र, सूचना प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा, खेल और नवाचार जैसे क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है। सरकार इन क्षेत्रों को विकास के नए इंजन के रूप में आगे बढ़ाने पर काम कर रही है।

सरकार किसानों को भी आधुनिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय किसानों को आधुनिक तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात से जोड़ने की आवश्यकता है। इससे कृषि क्षेत्र में मूल्यवर्धन होगा और किसानों की आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं।

इसी तरह छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़ी कंपनियों की आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने पर भी सरकार का जोर है। एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में भी विस्तार होगा। सरकार की कोशिश है कि बड़े निवेश के साथ छोटे और मध्यम उद्यमों को भी आर्थिक विकास का सीधा लाभ मिले।

मुख्यमंत्री ने मुंबई और हरियाणा के बीच तकनीकी तथा कारोबारी सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक, मीडिया एवं मनोरंजन, डिजाइन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्वच्छ ऊर्जा, खेल प्रबंधन और एग्री-टेक जैसे उभरते क्षेत्रों में मुंबई के पास व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता है। हरियाणा इन क्षेत्रों में मुंबई के कारोबारी एवं पेशेवर नेटवर्क से लाभ उठा सकता है।

उन्होंने विशेष रूप से ऐसा नेटवर्क तैयार करने की जरूरत बताई, जिसके माध्यम से मुंबई में काम कर रहे हरियाणवी युवा प्रदेश के विद्यार्थियों, स्टार्टअप और संस्थानों के साथ नियमित रूप से जुड़ सकें। इससे केवल पूंजी का प्रवाह ही नहीं होगा, बल्कि नई तकनीक, प्रबंधन कौशल और व्यावसायिक अनुभव भी हरियाणा तक पहुंचेगा।

सरकार की ओर से निवेश आकर्षित करने के लिए प्रदेश में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं और कारोबारी माहौल को भी प्रमुखता से सामने रखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साथ निकटता प्रदेश को निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण बनाती है।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी कार्यक्रम में हरियाणा की आर्थिक क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोग देश और दुनिया के जिस भी हिस्से में गए, वहां उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर सफलता हासिल की। यही मेहनत प्रदेश की पहचान भी बन रही है।

राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा की पहचान लंबे समय तक कृषि और खेल के क्षेत्र में मजबूत रही है, लेकिन अब प्रदेश कई अन्य क्षेत्रों में भी अपनी जगह बना रहा है। आईटी, ऑटोमोबाइल, स्टार्टअप, शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्र में लगातार नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि इन क्षेत्रों के विस्तार के लिए आवश्यक सुविधाएं और निवेश का अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा जरूरी है और सरकार इस दिशा में काम कर रही है। निवेशकों को ऐसी व्यवस्था देने का प्रयास किया जा रहा है जहां उन्हें कारोबार शुरू करने और उसका विस्तार करने में सुविधा हो। सरकार और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि हरियाणा अपनी पारंपरिक पहचान और मूल्यों को बनाए रखते हुए आधुनिक एवं विकसित प्रदेश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की विकास यात्रा में उद्योग जगत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

अमित अग्रवाल के अनुसार, हरियाणा के आर्थिक विकास को गति देने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी जरूरी है। नए निवेश से औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने उद्योग जगत को प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का संदेश दिया।

मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग, व्यापार, फिल्म, मनोरंजन और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। फिल्म अभिनेता रणदीप सिंह हुड्डा और अभिनेत्री मेघना मलिक ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इनके अलावा मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त एवं सचिव केएम पांडुरंग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सरकार की नजर अब तीन दिवसीय इन्वेस्टर समिट के दौरान होने वाले संभावित समझौता ज्ञापनों पर है। 66 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आने की उम्मीद इस अभियान को हरियाणा के लिए महत्वपूर्ण बनाती है। यदि प्रस्तावित निवेश वास्तविक परियोजनाओं में बदलते हैं तो इससे प्रदेश में औद्योगिक विस्तार के साथ रोजगार और स्थानीय कारोबार के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ के तहत ग्लोबल कैपिटल कैंपेन को सरकार की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें देश के बड़े कारोबारी केंद्रों और प्रवासी हरियाणवियों के नेटवर्क का उपयोग करके प्रदेश में पूंजी, तकनीक और विशेषज्ञता लाने की कोशिश की जा रही है।

मुंबई का चयन भी इस लिहाज से अहम है क्योंकि यह देश के सबसे बड़े वित्तीय और कारोबारी केंद्रों में शामिल है। वित्त, मीडिया, मनोरंजन, तकनीक, स्टार्टअप और बड़े उद्योगों से जुड़े अनेक संस्थानों का केंद्र होने के कारण यहां से हरियाणा के लिए निवेश और सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने जिस तरह निवेश के साथ ज्ञान और भागीदारी की बात कही, उससे साफ है कि सरकार प्रवासी हरियाणवियों को केवल निवेशक के रूप में नहीं, बल्कि राज्य के विकास में सहयोगी के तौर पर जोड़ना चाहती है। विशेषज्ञों का अनुभव, उद्योगों से उनके संबंध और बड़े बाजारों तक उनकी पहुंच हरियाणा के उद्यमियों और युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

सरकार की रणनीति में कृषि से लेकर तकनीक और खेल से लेकर स्वच्छ ऊर्जा तक कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है। ऐसे में मुंबई अभियान से आने वाले निवेश प्रस्तावों का असर केवल बड़े उद्योगों तक सीमित रहने के बजाय विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, मुंबई से शुरू हुआ ‘हैपनिंग हरियाणा 2.0’ अभियान प्रदेश को निवेश के नए केंद्र के रूप में पेश करने की कोशिश है। सरकार जहां 66 हजार करोड़ रुपये से अधिक के संभावित एमओयू को लेकर उत्साहित है, वहीं प्रवासी हरियाणवियों से किए गए संवाद ने इस अभियान को एक व्यापक आर्थिक और सामाजिक साझेदारी का रूप दिया है। अब इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारना सरकार के सामने अगली बड़ी चुनौती होगी।