हरियाणा में अग्निपथ योजना के तहत सैन्य सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए सरकारी रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। अग्निवीरों के पहले बैच की चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अब प्रदेश सरकार ने उनके लिए आरक्षित सरकारी पदों की वास्तविक स्थिति जानने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए राज्य के सभी विभागों, बोर्डों और निगमों से रिक्त एवं संभावित पदों का विस्तृत ब्योरा मांगा गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग की मानव संसाधन-2 शाखा की ओर से 25 अगस्त को इस संबंध में आदेश जारी किया गया। संबंधित विभागों और संस्थानों को 26 अगस्त को दोपहर तीन बजे तक निर्धारित प्रोफार्मा में जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार इस जानकारी के आधार पर यह तय करेगी कि पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित कितने पद फिलहाल उपलब्ध हैं, ये पद किन विभागों में हैं और इन पर भर्ती की प्रक्रिया कब शुरू की जा सकती है।
सरकार की ओर से मांगी गई जानकारी केवल खाली पदों की संख्या तक सीमित नहीं है। विभागों को प्रत्येक पद का नाम, उस पर लागू आरक्षण का प्रतिशत, संभावित रिक्तियों की संख्या, श्रेणीवार पदों का विवरण और भर्ती शुरू किए जाने का संभावित महीना भी बताना होगा। इसके अलावा यूआर, ओएससी, डीएससी, बीसी-ए, बीसी-बी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के हिसाब से भी रिक्तियों की जानकारी देने को कहा गया है।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी रोजगार का एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना माना जा रहा है। विभागों से मिलने वाले आंकड़ों के बाद सरकार के पास यह जानकारी उपलब्ध होगी कि किस विभाग में कितने पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित हैं और उनमें से कितने पद तत्काल भर्ती के लिए उपलब्ध हो सकते हैं।
हरियाणा से अब तक अग्निपथ योजना के तहत हजारों युवाओं की सेना में भर्ती हो चुकी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 7,228 युवा अब तक अग्निवीर के रूप में सैन्य सेवा में शामिल हुए हैं। इनमें वर्ष 2022-23 में 2,227, वर्ष 2023-24 में 2,893 और वर्ष 2024-25 में 2,108 युवा भर्ती हुए।
अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की सैन्य सेवा की अवधि चार वर्ष निर्धारित है। सेवा अवधि पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में बनाए रखने का प्रावधान है। बाकी अग्निवीर चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद सैन्य सेवा से बाहर हो जाते हैं। ऐसे में उनके लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था एक महत्वपूर्ण विषय बनकर सामने आई है।
देश में अग्निवीरों का पहला बैच जुलाई 2026 से चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद सेना से बाहर होना शुरू हुआ है। हरियाणा के करीब 1,373 युवा इस पहले बैच का हिस्सा हैं। इसलिए राज्य सरकार द्वारा सरकारी विभागों से आरक्षित पदों की जानकारी जुटाने की मौजूदा प्रक्रिया को इन युवाओं के भविष्य के रोजगार से सीधे जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकार का जोर उन पदों की पहचान करने पर भी है, जिन पर पूर्व अग्निवीरों को हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से होने वाली सीधी भर्तियों में अवसर मिल सकता है। विभागों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आगामी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण लागू करने की स्थिति और दायरा स्पष्ट किया जाएगा।
हरियाणा में पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग-अलग श्रेणी के सरकारी पदों पर आरक्षण का प्रावधान पहले से किया गया है। पुलिस कांस्टेबल, इंडियन रिजर्व बटालियन, स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन, माइनिंग गार्ड, वाइल्डलाइफ गार्ड और फायर ऑपरेटर जैसे पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है।
इसी तरह सामान्य ग्रुप-सी पदों पर पांच प्रतिशत और सैन्य सेवा से संबंधित विशेष कौशल वाले ग्रुप-बी पदों पर एक प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था बताई गई है। सरकार अब इन प्रावधानों के अनुसार वास्तविक रूप से उपलब्ध पदों की संख्या जुटा रही है, ताकि आरक्षण केवल कागजों तक सीमित न रहे और भर्ती प्रक्रिया में इसका प्रभावी इस्तेमाल किया जा सके।
इस पूरी कवायद का एक महत्वपूर्ण पहलू भर्ती का संभावित समय भी है। सामान्य तौर पर विभागों से रिक्तियों का विवरण मांगते समय केवल पदों की संख्या जुटाई जाती है, लेकिन इस बार सरकार ने प्रस्तावित भर्ती का महीना भी बताने को कहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार पूर्व अग्निवीरों के लिए संभावित भर्ती कार्यक्रम या कैलेंडर तैयार करने की दिशा में भी काम कर रही है।
विभागों से प्राप्त जानकारी को एक साथ संकलित करने के बाद सरकार को आने वाले महीनों में होने वाली विभिन्न सीधी भर्तियों की संभावित तस्वीर मिल सकेगी। इससे यह भी तय करने में मदद मिलेगी कि पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित पदों पर भर्ती किस क्रम में और किन विभागों के माध्यम से की जा सकती है।
पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी रोजगार की व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चार वर्ष की सैन्य सेवा के दौरान युवाओं को अनुशासन, शारीरिक दक्षता, टीमवर्क और विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक कौशल का अनुभव प्राप्त होता है। राज्य सरकार द्वारा आरक्षित सरकारी पदों में उनके लिए अवसर उपलब्ध कराने का उद्देश्य इस अनुभव का उपयोग नागरिक सेवाओं में करने से भी जुड़ा है।
हरियाणा में बड़ी संख्या में युवा सेना में भर्ती होते रहे हैं। अग्निपथ योजना लागू होने के बाद सैन्य सेवा की अवधि और उसके बाद रोजगार को लेकर युवाओं के बीच कई सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में पहले बैच के युवाओं की सेवा पूरी होने के साथ ही राज्य सरकार की ओर से सरकारी नौकरियों की दिशा में उठाया गया यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार के ताजा आदेश से यह भी स्पष्ट है कि वह पूर्व अग्निवीरों के लिए उपलब्ध अवसरों का विभागवार आकलन करना चाहती है। यदि किसी विभाग में पद खाली हैं, लेकिन तत्काल भर्ती संभव नहीं है, तो संभावित भर्ती का महीना बताने से सरकार को भविष्य की योजना बनाने में मदद मिलेगी। इसी तरह श्रेणीवार आंकड़े मिलने के बाद आरक्षण के वास्तविक अनुपालन को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
आने वाले समय में एचपीएससी और एचएसएससी की ओर से जारी होने वाली सीधी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित कोटे का प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसके लिए पहले सभी विभागों से प्राप्त आंकड़ों को एकीकृत करना होगा और संबंधित पदों की भर्ती प्रक्रिया, आरक्षण व्यवस्था तथा पात्रता शर्तों के अनुरूप आगे की कार्रवाई तय करनी होगी।
राज्य सरकार की इस पहल से सबसे ज्यादा उम्मीद उन युवाओं को है, जो चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद अब अपने करियर की अगली दिशा तलाश रहे हैं। पहले बैच में शामिल हरियाणा के लगभग 1,373 अग्निवीरों के लिए सरकारी रोजगार के अवसरों की उपलब्धता आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण रहेगी।
कुल मिलाकर हरियाणा सरकार ने पूर्व अग्निवीरों को सरकारी रोजगार देने की दिशा में केवल आरक्षण की घोषणा तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर उपलब्ध पदों की पहचान शुरू कर दी है। विभागों से पदों की संख्या, आरक्षण, श्रेणीवार स्थिति और भर्ती का संभावित समय मांगे जाने से सरकार के पास एक व्यापक डेटाबेस तैयार होगा। इसी आधार पर आगामी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए अवसरों को लागू करने और संभावित भर्ती कैलेंडर तैयार करने का रास्ता साफ होगा।




