1550 दिन बाद भी बेटे के इंसाफ की लड़ाई जारी, बलकौर सिंह ने मूसेवाला मामले में पुलिस से मांगा जवाब

1550 दिन बाद भी बेटे के इंसाफ की लड़ाई जारी, बलकौर सिंह ने मूसेवाला मामले में पुलिस से मांगा जवाब

दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को 1550 दिन बीत चुके हैं, लेकिन उनके पिता बलकौर सिंह की इंसाफ की मांग अब भी जारी है। उन्होंने एक बार फिर सोशल मीडिया के माध्यम से पंजाब पुलिस और आम आदमी पार्टी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपने बेटे से जुड़े कथित वित्तीय धोखाधड़ी और अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई की मांग की है।

बलकौर सिंह का आरोप है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ रही है। उनका कहना है कि केस में नामजद किए गए लोग खुले तौर पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं, जबकि पुलिस की ओर से उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने पंजाब पुलिस से यह स्पष्ट करने को कहा है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद अब तक जांच में क्या प्रगति हुई है।

बलकौर सिंह के अनुसार, सिद्धू मूसेवाला से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी को लेकर 11 फरवरी 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी। उनका कहना है कि एफआईआर दर्ज हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन उन्हें जांच की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पुलिस ने मामला दर्ज किया है तो उसके बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया किस स्तर तक पहुंची है।

उन्होंने पंजाब पुलिस से सीधे सवाल किया कि आखिर जांच में देरी क्यों हो रही है। बलकौर सिंह का कहना है कि परिवार लगातार यह जानने की कोशिश कर रहा है कि मामले में पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।

बलकौर सिंह ने आरोप लगाया कि एफआईआर में नामजद कुछ आरोपी खुलेआम सार्वजनिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने मुंबई के ग्रैंड हयात में आयोजित एक कार्यक्रम का हवाला देते हुए दावा किया कि मामले से जुड़े आरोपी वहां एक साथ दिखाई दिए। उनका कहना है कि यदि पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त जानकारी और मामला दर्ज है तो फिर उनकी गिरफ्तारी अथवा अन्य कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

मूसेवाला के पिता ने विशेष रूप से लुकआउट सर्कुलर यानी एलओसी को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि यदि मामले में नामजद आरोपी पंजाब या देश से बाहर हैं तो उनके खिलाफ एलओसी जारी करने की प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूछा कि आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के लिए अब तक कौन से कदम उठाए गए हैं।

बलकौर सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि एक सामान्य परिवार को अपने अधिकारों और अपने दिवंगत बेटे की मेहनत की कमाई से जुड़े मामले में न्याय पाने के लिए लगातार आवाज उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि परिवार को इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरने और विरोध करने की नौबत नहीं आनी चाहिए थी।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या आरोपियों को किसी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण हासिल है। हालांकि यह उनका आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बलकौर सिंह का कहना है कि अगर कानून सभी के लिए समान है तो फिर एफआईआर में नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई में देरी का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद से ही उनके माता-पिता लगातार बेटे को इंसाफ दिलाने की मांग उठाते रहे हैं। बलकौर सिंह समय-समय पर सरकार और पुलिस से मामले की जांच को लेकर सवाल करते रहे हैं। अब उन्होंने बेटे से जुड़े कथित वित्तीय मामले को लेकर भी अपनी आवाज तेज की है।

बलकौर सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार को किसी सरकार या राजनीतिक संगठन से कोई व्यक्तिगत उपकार नहीं चाहिए। उनकी अपेक्षा केवल इतनी है कि कानून के मुताबिक निष्पक्ष जांच हो और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

उन्होंने पंजाब पुलिस के पुलिस महानिदेशक से भी मामले में गंभीरता दिखाने की मांग की। बलकौर सिंह ने कहा कि जांच को पूरी निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर वास्तविक दोषियों को कानून के सामने लाया जाना चाहिए।

उनका कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे में परिवार को जांच की प्रगति की जानकारी मिलनी चाहिए और आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस से यह भी अपेक्षा जताई कि जांच में किसी तरह का राजनीतिक या बाहरी दबाव नहीं होना चाहिए।

बलकौर सिंह ने अपने संदेश में सिद्धू मूसेवाला के प्रशंसकों से भी समर्थन की अपील की। उन्होंने देश-विदेश में मौजूद मूसेवाला के प्रशंसकों से कहा कि वे उनकी आवाज को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने फैंस से सोशल मीडिया पर संदेश साझा करने और संबंधित पुलिस अधिकारियों को टैग कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाने की अपील की।

मूसेवाला के पिता का कहना है कि उनका संघर्ष केवल अपने परिवार के लिए नहीं, बल्कि कानून के समान रूप से लागू होने के सवाल से भी जुड़ा है। उनका कहना है कि किसी भी सामान्य नागरिक को न्याय के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से यह भी पूछा कि यदि किसी मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है और उनके बारे में पुलिस के पास जानकारी उपलब्ध है तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया क्यों नहीं दिखाई दे रही। बलकौर सिंह के अनुसार, सार्वजनिक मंचों पर आरोपियों की मौजूदगी की जानकारी सामने आने के बावजूद यदि गिरफ्तारी या अन्य कार्रवाई नहीं होती तो इससे पीड़ित परिवार के मन में कई सवाल उठना स्वाभाविक है।

हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में आरोपों और कार्रवाई की स्थिति पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। इसलिए बलकौर सिंह द्वारा लगाए गए राजनीतिक संरक्षण और पुलिस की निष्क्रियता के आरोपों को फिलहाल उनके दावों के रूप में ही देखा जा रहा है।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या पंजाब के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक रही है। उनकी हत्या के बाद पंजाब सहित देश-विदेश में उनके प्रशंसकों में व्यापक रोष देखने को मिला था। मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर परिवार लगातार अपनी आवाज उठाता रहा है।

अब 1550 दिन पूरे होने के बाद बलकौर सिंह ने एक बार फिर अपने बेटे से जुड़े वित्तीय मामले को लेकर सरकार और पुलिस से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि समय बीतने के साथ परिवार के इंसाफ की उम्मीद खत्म नहीं हुई है। उनकी मांग है कि एफआईआर की जांच को आगे बढ़ाया जाए, आरोपियों की भूमिका स्पष्ट की जाए और यदि आरोप साबित होते हैं तो उन्हें कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाए।

बलकौर सिंह ने अंत में कहा कि उन्हें किसी तरह का राजनीतिक लाभ या अहसान नहीं चाहिए। वे केवल कानून के तहत निष्पक्ष कार्रवाई चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब पुलिस उनकी शिकायत और सवालों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच में तेजी लाएगी और परिवार को स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराएगी।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अब निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर हैं। परिवार की ओर से उठाए गए सवालों का आधिकारिक जवाब और जांच की वास्तविक प्रगति ही यह स्पष्ट करेगी कि 11 फरवरी 2026 को दर्ज एफआईआर के बाद मामले में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।