चंडीगढ़। पंजाब की सियासत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और उनके परिवार को लेकर चल रही बयानबाजी के बीच आम आदमी पार्टी ने शिरोमणि अकाली दल पर पलटवार किया है। आप के पंजाब मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने अकाली नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह मुख्यमंत्री और उनके परिवार की छवि खराब करने के लिए राजनीतिक अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की तस्वीरें और राजनीतिक संपर्क अब विवाद के संदर्भ में सामने आ रहे हैं, उनके बारे में अकाली नेताओं को भी सार्वजनिक तौर पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
बलतेज पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके परिवार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप ठोस तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। उन्होंने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग और उससे जुड़े दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। उनके मुताबिक, अकाली दल के पास सरकार के कामकाज पर ठोस सवाल उठाने के बजाय व्यक्तिगत आरोपों का सहारा लेने के अलावा कोई प्रभावी राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है।
पन्नू ने कहा कि पंजाब की जनता इस तरह की राजनीति को पहले भी देख चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली नेतृत्व मुख्यमंत्री की सरकार के कामों का राजनीतिक जवाब देने में असमर्थ होने के कारण चरित्र हनन की राजनीति को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों, फैसलों और कामकाज पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन बिना पुष्टि के आरोपों को राजनीतिक हथियार बनाना उचित नहीं है।
आप नेता ने अकाली नेताओं के उस कदम पर भी सवाल उठाया, जिसके तहत वे इस पूरे विवाद को लेकर राज्यपाल से मुलाकात कर रहे हैं। पन्नू ने कहा कि अगर अकाली नेतृत्व उन लोगों को व्यक्तिगत तौर पर जानता है, जिनके नाम विवाद में सामने आ रहे हैं, तो उसे पहले अपने संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने पूछा कि दूसरों से स्पष्टीकरण मांगने से पहले अकाली नेता यह स्पष्ट क्यों नहीं करते कि संबंधित लोगों के साथ उनके राजनीतिक अथवा सामाजिक संबंध किस प्रकार के रहे हैं।
भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरों का हवाला
प्रेसवार्ता के दौरान बलतेज पन्नू ने कुछ तस्वीरें भी मीडिया के सामने रखीं। उन्होंने दावा किया कि इन तस्वीरों से उन व्यक्तियों के विभिन्न राजनीतिक नेताओं के साथ संपर्क और मेलजोल का पता चलता है, जिनके नाम मौजूदा विवाद में लिए जा रहे हैं।
पन्नू ने अमरदीप ग्रेवाल की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू समेत अन्य नेताओं के साथ तस्वीरों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों के आधार पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि संबंधित व्यक्ति किन राजनीतिक हलकों में सक्रिय था और उसके किन नेताओं के साथ संबंध रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इन तस्वीरों को किसी व्यक्ति के खिलाफ अंतिम प्रमाण के तौर पर पेश नहीं कर रही, बल्कि यह सवाल उठा रही है कि जिन राजनीतिक संपर्कों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं, उनके बारे में भी चर्चा होनी चाहिए। पन्नू के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति के राजनीतिक संबंधों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं तो सभी पक्षों के संबंधों को समान नजरिए से देखा जाना चाहिए।
अकाली नेताओं के साथ तस्वीरों का भी किया जिक्र
पन्नू ने अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं के साथ गुरी चहल की तस्वीरों का भी हवाला दिया। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों की तस्वीरें मीडिया के सामने रखीं।
आप मीडिया इंचार्ज ने कहा कि इन तस्वीरों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि अब उन्हीं लोगों के नाम को आधार बनाकर मुख्यमंत्री परिवार के खिलाफ राजनीतिक आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने अकाली नेतृत्व से पूछा कि अगर संबंधित व्यक्तियों के साथ उनके संबंध रहे हैं तो उनकी प्रकृति और राजनीतिक भूमिका के बारे में भी सार्वजनिक रूप से जानकारी दी जानी चाहिए।
पन्नू ने कहा कि पंजाब के लोगों को पूरे मामले को एकतरफा तरीके से देखने के बजाय सभी उपलब्ध तथ्यों और तस्वीरों के आधार पर खुद निष्कर्ष निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति में किसी व्यक्ति के साथ तस्वीर होना अपने आप में किसी अपराध या गलत काम का प्रमाण नहीं है, लेकिन जब राजनीतिक संबंधों को लेकर आरोप लगाए जाते हैं तो सभी पक्षों के संबंधों पर समान रूप से सवाल उठना स्वाभाविक है।
मजीठिया से पुराने संबंधों पर स्पष्टीकरण की मांग
बलतेज पन्नू ने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को भी निशाने पर लिया। उन्होंने मजीठिया से सवाल किया कि जिन लोगों का नाम मौजूदा विवाद में सामने आ रहा है, उनके साथ उनके और अकाली नेतृत्व के क्या संबंध रहे हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि संबंधित लोगों की अकाली नेताओं के आवासों तथा राजनीतिक क्षेत्रों तक किस प्रकार पहुंच थी।
पन्नू ने कहा कि यदि अकाली नेता मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े लोगों के संबंधों को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं तो उन्हें अपने राजनीतिक संपर्कों पर उठने वाले सवालों का भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप एकतरफा नहीं हो सकते और हर आरोप के साथ आरोप लगाने वाले पक्ष की भूमिका भी सवालों के दायरे में आ सकती है।
उन्होंने मजीठिया की संपत्ति और कारोबारी विस्तार को लेकर भी सवाल खड़े किए। पन्नू ने आरोप लगाया कि मजीठिया की संपत्ति में वर्षों के दौरान बड़ी वृद्धि हुई है और उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनका कारोबारी साम्राज्य किस तरह बढ़ा। उन्होंने सवाल किया कि पंजाब की राजनीति में आने के शुरुआती दौर में उनकी आर्थिक स्थिति क्या थी और बाद के वर्षों में संपत्ति तथा कारोबार में हुई वृद्धि के स्रोत क्या रहे।
पन्नू ने इस संबंध में तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि किसी राजनीतिक नेता की संपत्ति और कारोबार में बड़े बदलाव कैसे हुए। हालांकि ये सवाल उन्होंने राजनीतिक आरोपों के तौर पर उठाए और कोई स्वतंत्र दस्तावेजी प्रमाण पेश किए जाने की बात नहीं कही।
2007 से 2017 के शासनकाल को लेकर निशाना
आप नेता ने अकाली-भाजपा गठबंधन के 2007 से 2017 तक के शासनकाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उस दौर की राजनीति और सरकार के कामकाज को भूले नहीं हैं। पन्नू ने आरोप लगाया कि उस समय भी सत्ता से जुड़े लोगों और उनके राजनीतिक संपर्कों को लेकर कई सवाल उठते रहे, लेकिन विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का अपेक्षित जवाब नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि आज अकाली नेतृत्व जिस तरह सरकार और मुख्यमंत्री के परिवार से जवाब मांग रहा है, उसी तरह उसे अपने शासनकाल और उस दौरान बने राजनीतिक संबंधों पर भी सवालों का सामना करना चाहिए। पन्नू ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार से जवाब मांगने का पूरा अधिकार है, लेकिन राजनीतिक जवाबदेही सभी दलों और नेताओं पर समान रूप से लागू होनी चाहिए।
नशे के मुद्दे पर भी अकाली दल को घेरा
प्रेसवार्ता में बलतेज पन्नू ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी अकाली नेतृत्व पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान नशे का नेटवर्क पंजाब में गंभीर समस्या बन गया था और नशा तस्करी से जुड़े कुछ लोगों के राजनीतिक हलकों में संपर्क होने के आरोप लगते रहे हैं।
पन्नू ने कहा कि जिस समस्या ने पंजाब के युवाओं और परिवारों को लंबे समय तक प्रभावित किया, उसके लिए पिछली सरकारों की भूमिका पर भी सवाल उठना चाहिए। उन्होंने अकाली नेताओं से पूछा कि जब पंजाब में नशे का संकट गंभीर होता जा रहा था, तब सत्ता में रहते हुए उन्होंने इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही राजनीतिक नेतृत्व आम आदमी पार्टी सरकार से नशे के मुद्दे पर सवाल पूछ रहा है, जबकि पंजाब में नशे की समस्या एक दिन में पैदा नहीं हुई। पन्नू ने कहा कि सरकार नशे के खिलाफ कार्रवाई का दावा कर रही है और इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तथ्यों एवं उपलब्धियों के आधार पर होनी चाहिए।
राज्यपाल से मुलाकात पर भी सवाल
बलतेज पन्नू ने अकाली नेताओं के राज्यपाल से मिलने को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ ठोस तथ्य और प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। केवल राजनीतिक मुलाकातों और आरोपों से किसी दावे की पुष्टि नहीं हो जाती।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल से मिलना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन उससे पहले राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके आरोप प्रमाणित तथ्यों पर आधारित हों। पन्नू ने कहा कि कथित ऑडियो और उससे जुड़ी चर्चाओं को लेकर भी अब तक स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है, इसलिए इन्हें अंतिम सत्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।
आप नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार से संबंधित नीतियों पर सवाल पूछे जा सकते हैं और सरकार को उनका जवाब भी देना चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत आरोपों और राजनीतिक प्रचार के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
‘तस्वीरों के आधार पर जनता खुद फैसला करे’
पन्नू ने कहा कि प्रेसवार्ता का उद्देश्य किसी व्यक्ति के साथ तस्वीरों को अपराध का प्रमाण बताना नहीं, बल्कि राजनीतिक रिश्तों को लेकर उठ रहे सवालों में समानता की मांग करना है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री परिवार के संबंधों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं तो विपक्षी नेताओं के संपर्कों और पुराने राजनीतिक संबंधों को भी सार्वजनिक बहस का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पंजाब की राजनीति में व्यक्तिगत आरोपों का दौर नया नहीं है, लेकिन अब सोशल मीडिया और कथित रिकॉर्डिंग के जरिए किसी भी दावे को तेजी से फैलाया जा सकता है। ऐसे में किसी भी आरोप को तथ्य मानने से पहले उसकी पुष्टि जरूरी है।
बलतेज पन्नू ने अंत में कहा कि आम आदमी पार्टी राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष का सामना करने के लिए तैयार है, लेकिन मुख्यमंत्री और उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिशों का राजनीतिक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने अकाली दल से कहा कि वह आरोप लगाने के साथ-साथ अपने राजनीतिक संबंधों और पुराने रिकॉर्ड को लेकर भी जनता के सामने स्पष्टता पेश करे। साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता यह तय करने में सक्षम है कि कौन से आरोप राजनीतिक हैं और कौन से तथ्य प्रमाणित किए जा सकते हैं।




