QR कोड और इंटरनेट की झंझट खत्म! UPI में आया Tap & Pay, ₹5,000 तक बिना PIN होगा भुगतान

QR कोड और इंटरनेट की झंझट खत्म! UPI में आया Tap & Pay, ₹5,000 तक बिना PIN होगा भुगतान

डिजिटल पेमेंट की दुनिया में UPI लगातार नए बदलावों के साथ आगे बढ़ रहा है। अब ऑनलाइन भुगतान करने का तरीका और भी आसान होने जा रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI यूजर्स के लिए दो नई सुविधाएं पेश की हैं, जिनका मकसद भुगतान की प्रक्रिया को तेज, आसान और ज्यादा सुरक्षित बनाना है। इनमें एक खास फीचर NFC तकनीक वाले स्मार्टफोन के लिए UPI Tap & Pay है, जबकि दूसरा AI आधारित My UPI प्लेटफॉर्म है।

इन दोनों सुविधाओं को मुंबई में आयोजित Global Fintech Fest 2026 के दौरान लॉन्च किया गया। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इन नई सेवाओं को रोलआउट किया। नए फीचर के आने के बाद कई मौकों पर UPI भुगतान के लिए न तो QR कोड स्कैन करने की जरूरत होगी और न ही हर छोटे भुगतान के लिए UPI PIN डालना पड़ेगा।

फोन को कार्ड की तरह मशीन पर करना होगा टैप

अभी तक किसी दुकान पर UPI से भुगतान करने के लिए आमतौर पर ग्राहक को दुकानदार का QR कोड स्कैन करना पड़ता है। इसके बाद भुगतान की रकम दर्ज करनी होती है और अंत में UPI PIN डालकर ट्रांजैक्शन पूरा किया जाता है। NPCI का नया Tap & Pay सिस्टम इस पूरी प्रक्रिया को काफी छोटा कर देता है।

अगर आपके स्मार्टफोन में NFC यानी Near Field Communication की सुविधा मौजूद है, तो आप फोन को कार्ड की तरह इस्तेमाल कर सकेंगे। भुगतान के लिए फोन को उस PoS मशीन के पास ले जाकर टैप करना होगा, जो इस सुविधा को सपोर्ट करती है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पेमेंट पूरा किया जा सकेगा।

यानी भविष्य में दुकान पर भुगतान करते समय QR कोड खोजने, कैमरा खोलने और कोड स्कैन करने की जरूरत कम हो सकती है। स्मार्टफोन को मशीन के पास ले जाकर टैप करना ही भुगतान की शुरुआत के लिए काफी होगा।

₹5,000 तक के भुगतान में PIN की जरूरत नहीं

इस नए सिस्टम की सबसे खास बात भुगतान की लिमिट से जुड़ी है। ₹5,000 तक के ट्रांजैक्शन के लिए UPI PIN की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे और रोजमर्रा के भुगतान तेजी से पूरे किए जा सकेंगे।

हालांकि, अगर भुगतान की रकम ₹5,000 से अधिक है, तो अतिरिक्त सुरक्षा के लिए UPI PIN डालना जरूरी रहेगा। इस तरह सुविधा और सुरक्षा दोनों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी दुकान पर आपको ₹800 या ₹2,500 का भुगतान करना है, तो पात्र सेटअप में फोन को PoS मशीन पर टैप करके भुगतान किया जा सकेगा। लेकिन यदि रकम ₹7,000 है, तो अतिरिक्त प्रमाणीकरण के तौर पर PIN देना होगा।

मोबाइल डेटा बंद होने पर भी काम कर सकता है फीचर

UPI Tap & Pay का एक और महत्वपूर्ण पहलू इसका नेटवर्क सिस्टम है। इस सुविधा में भुगतान करने वाले फोन पर मोबाइल इंटरनेट या Wi-Fi कनेक्शन का सक्रिय होना जरूरी नहीं होगा। ट्रांजैक्शन के लिए PoS मशीन का इंटरनेट कनेक्शन नेटवर्क से संपर्क स्थापित करेगा।

इसका फायदा उन परिस्थितियों में मिल सकता है, जब यूजर के फोन में इंटरनेट कमजोर हो या मोबाइल डेटा उपलब्ध न हो। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर स्थिति में इंटरनेट के बिना UPI का हर प्रकार का भुगतान किया जा सकेगा। यह खास सुविधा समर्थित PoS मशीन और संबंधित तकनीकी सेटअप पर निर्भर करेगी।

इसलिए ग्राहक के पास NFC वाला स्मार्टफोन होने के साथ-साथ यह भी जरूरी होगा कि जिस मशीन पर भुगतान किया जा रहा है, वह Tap & Pay को सपोर्ट करती हो।

बैंक की जानकारी सीधे मर्चेंट तक नहीं पहुंचेगी

डिजिटल पेमेंट के साथ सुरक्षा हमेशा एक बड़ा मुद्दा रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए Tap & Pay में टोकनाइजेशन आधारित सुरक्षा का इस्तेमाल किया गया है।

सामान्य भाषा में समझें तो भुगतान के दौरान आपकी संवेदनशील बैंकिंग जानकारी या UPI ID को सीधे व्यापारी के सामने साझा करने के बजाय एक सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड टोकन का इस्तेमाल किया जाएगा। यह टोकन पेमेंट प्रक्रिया को पूरा करने में मदद करेगा, जबकि वास्तविक बैंकिंग जानकारी को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाएगा।

इससे डिजिटल भुगतान में सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जुड़ती है। खासतौर पर ऐसे समय में जब UPI का इस्तेमाल छोटी दुकानों से लेकर बड़े रिटेल आउटलेट तक लगभग हर जगह बढ़ रहा है।

दूसरा बड़ा बदलाव है AI आधारित My UPI

NPCI ने केवल भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाने पर ही ध्यान नहीं दिया है। संस्था ने यूजर्स के लिए My UPI नाम का AI आधारित कंट्रोल प्लेटफॉर्म भी पेश किया है।

इसका उद्देश्य UPI से जुड़े अलग-अलग कामों और जानकारियों को एक ही जगह पर उपलब्ध कराना है। अभी यूजर को ट्रांजैक्शन हिस्ट्री, ऑटो पे मेंडेट और दूसरी जानकारी देखने के लिए अलग-अलग सेक्शन में जाना पड़ सकता है। My UPI इन चीजों को एक यूनिफाइड इंटरफेस में लाने की दिशा में काम करेगा।

यानी यूजर को अपने डिजिटल पेमेंट से जुड़ी गतिविधियों पर एक जगह से नजर रखने का विकल्प मिलेगा।

ऑटो पे और पेमेंट हिस्ट्री की जानकारी एक ही जगह

My UPI प्लेटफॉर्म में यूजर को अपने UPI ट्रांजैक्शन, एक्टिव ऑटो पे मेंडेट और भुगतान से संबंधित इतिहास की जानकारी एक ही इंटरफेस पर देखने की सुविधा मिलेगी।

ऑटो पे का इस्तेमाल आजकल OTT सब्सक्रिप्शन, बिल भुगतान, इंश्योरेंस, EMI और दूसरी नियमित सेवाओं में किया जाता है। ऐसे में यूजर के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होता है कि कौन-कौन से ऑटो पे मेंडेट एक्टिव हैं और किस तरह के भुगतान नियमित रूप से हो रहे हैं।

एक ही जगह पर इन जानकारियों को देखने का विकल्प मिलने से यूजर के लिए अपने डिजिटल पेमेंट को मैनेज करना आसान हो सकता है।

संदिग्ध गतिविधि पर Safety Switch से रोक सकेंगे भुगतान

My UPI में सुरक्षा से जुड़ा एक और फीचर Safety Switch दिया गया है। इसका उद्देश्य यूजर को संदिग्ध या संभावित रूप से धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन की स्थिति में अपने डेबिट ट्रांजैक्शन को नियंत्रित करने में मदद करना है।

अगर किसी यूजर को अपने खाते से जुड़ी गतिविधि संदिग्ध लगती है, तो Safety Switch के जरिए भुगतान रोकने की सुविधा इस्तेमाल की जा सकेगी। डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच इस तरह के कंट्रोल फीचर यूजर को अपने पेमेंट पर ज्यादा नियंत्रण देने की कोशिश करते हैं।

इसके अलावा फेल हुए ट्रांजैक्शन से जुड़े रिफंड को भी ज्यादा तेज बनाने के लिए ऑटोमेटेड चार्जबैक सिस्टम की व्यवस्था की गई है। इसका लक्ष्य असफल भुगतान की स्थिति में रिफंड प्रक्रिया को कम जटिल और ज्यादा तेज बनाना है।

24 घंटे AI की मदद से मिलेगा सपोर्ट

My UPI की एक खासियत इसका AI आधारित कस्टमर सपोर्ट भी है। यह प्लेटफॉर्म यूजर्स को अलग-अलग भाषाओं में चौबीसों घंटे मार्गदर्शन देने के लिए तैयार किया गया है।

इससे उन लोगों को फायदा हो सकता है जिन्हें UPI से जुड़े किसी ट्रांजैक्शन, भुगतान की स्थिति या दूसरी सुविधा को समझने में परेशानी होती है। AI आधारित सिस्टम यूजर के सवाल को समझकर उससे संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश करेगा।

भारत जैसे बहुभाषी देश में अलग-अलग भाषाओं में डिजिटल पेमेंट से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराना खास महत्व रखता है।

FiMI मॉडल पर तैयार किया गया My UPI

My UPI प्लेटफॉर्म के पीछे NPCI का इन-हाउस AI मॉडल FiMI काम करता है। FiMI का पूरा नाम Finance Model for India है। इसे विशेष रूप से वित्तीय सेवाओं और पेमेंट से जुड़े इस्तेमाल को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।

यह सामान्य AI मॉडल की तरह हर विषय पर काम करने के बजाय वित्त और भुगतान से जुड़े सवालों को समझने तथा उनसे संबंधित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

NPCI के इस कदम से यह संकेत मिलता है कि भारत में डिजिटल पेमेंट का अगला चरण केवल पैसे भेजने या प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में AI का इस्तेमाल पेमेंट मैनेजमेंट, ग्राहक सहायता, सुरक्षा और फ्रॉड कंट्रोल जैसे क्षेत्रों में भी बढ़ सकता है।

UPI में क्यों अहम है यह बदलाव?

UPI ने भारत में डिजिटल भुगतान को आम लोगों के लिए काफी आसान बनाया है, लेकिन हर भुगतान के साथ QR स्कैन करना, रकम डालना और PIN दर्ज करना कुछ परिस्थितियों में समय लेने वाला हो सकता है। Tap & Pay इसी प्रक्रिया को और सरल बनाने की कोशिश है।

वहीं My UPI का फोकस केवल पेमेंट करने पर नहीं बल्कि पूरे UPI अनुभव को एक जगह लाने पर है। ट्रांजैक्शन हिस्ट्री से लेकर ऑटो पे और सुरक्षा नियंत्रण तक, यूजर को ज्यादा व्यवस्थित इंटरफेस उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।

हालांकि Tap & Pay का इस्तेमाल करने के लिए NFC सपोर्ट वाला फोन और इस सुविधा को सपोर्ट करने वाली PoS मशीन जरूरी होगी। इसलिए शुरुआत में इसका इस्तेमाल हर दुकान या हर डिवाइस पर संभव नहीं होगा।

कुल मिलाकर NPCI के नए अपडेट UPI को अगली पीढ़ी के डिजिटल पेमेंट सिस्टम की ओर ले जाने की कोशिश हैं। एक तरफ Tap & Pay छोटे भुगतानों को तेज बनाने पर जोर देता है, वहीं My UPI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पेमेंट मैनेजमेंट और सुरक्षा को आसान बनाने की दिशा में कदम है।