करनाल। शहर में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए नगर निगम ने प्रमुख विकास परियोजनाओं की निगरानी और कड़ी कर दी है। करीब 103 करोड़ 92 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाली नौ महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति को लेकर निगमायुक्त सलोनी शर्मा ने अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। कैंप कार्यालय में हुई बैठक में निगम के कार्यकारी अभियंताओं और सहायक अभियंता से प्रत्येक परियोजना की जमीनी स्थिति की जानकारी ली गई।
बैठक में केवल निर्माण कार्य की प्रगति पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि परियोजनाओं की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों, उपलब्ध संसाधनों, काम की गति और तय समय-सीमा की भी समीक्षा की गई। निगमायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शहर से जुड़े बड़े प्रोजेक्टों में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित है, उन्हें उसी के अनुसार पूरा करवाना सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
निगम की ओर से जिन परियोजनाओं की समीक्षा की गई, उनमें सड़क निर्माण, जल निकासी व्यवस्था को आधुनिक बनाने, वाणिज्यिक परिसर विकसित करने, स्मार्ट रोड तैयार करने, शहर में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, पार्कों के विकास और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर करने से जुड़े कार्य शामिल हैं।
आउटर बाईपास का आधे से ज्यादा काम पूरा
मेरठ रोड से शहीद उधम सिंह चौक तक प्रस्तावित आउटर बाईपास सड़क परियोजना को बैठक में प्रमुखता से लिया गया। अधिकारियों ने निगमायुक्त को बताया कि इस परियोजना का करीब 55 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। करीब 792.31 लाख रुपये की अनुमानित लागत वाली इस सड़क का निर्माण शहर के यातायात ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सलोनी शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष काम में तेजी लाई जाए और परियोजना को 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य हासिल किया जाए। उन्होंने सड़क की मजबूती, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मापदंडों का विशेष रूप से पालन करने को कहा। निगमायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि काम जल्द पूरा करने के दबाव में निर्माण गुणवत्ता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
जल निकासी व्यवस्था को तकनीक से जोड़ेगा स्काडा सिस्टम
शहर में बरसाती पानी की निकासी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्टार्म वाटर डिस्पोजल सिस्टम और इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन को आधुनिक निगरानी प्रणाली से जोड़ने की योजना पर भी बैठक में चर्चा हुई। इसके लिए स्काडा सिस्टम विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2,282 लाख रुपये है।
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी मिल चुकी है। अब टेंडर जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि टेंडर से जुड़ी आगामी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएं, ताकि परियोजना को जमीन पर उतारने में अनावश्यक समय न लगे।
स्काडा प्रणाली लागू होने के बाद जल निकासी से जुड़े सिस्टम की निगरानी और संचालन में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे पंपिंग स्टेशनों और जल निकासी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पुरानी अनाज मंडी में कमर्शियल स्पेस का निर्माण अंतिम चरण में
पुरानी अनाज मंडी में विकसित किए जा रहे कमर्शियल स्पेस का काम भी बैठक में समीक्षा के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रहा। इस परियोजना का करीब 80 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसकी अनुमानित लागत करीब 3,008 लाख रुपये है।
निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष कार्यों को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाए। परियोजना के लिए 31 अक्टूबर की समय-सीमा तय की गई है। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और अंतिम चरण में किए जाने वाले कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा।
आठ प्रमुख मार्गों का बदलेगा स्वरूप
शहर की सड़कों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए बजट घोषणा के तहत राइट ऑफ वे परियोजना के अंतर्गत आठ प्रमुख सड़कों को स्मार्ट रोड के तौर पर विकसित करने की योजना है। इस परियोजना पर करीब 2,402 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
स्मार्ट रोड परियोजना के तहत शहर के महत्वपूर्ण मार्गों पर सड़क ढांचे के साथ नागरिक सुविधाओं को भी बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें प्रेम प्लाजा से माल रोड-अहिल्याबाई मार्ग, विक्रम मार्ग से रेलवे रोड, विश्राम गृह से तलवार चौक यानी सैशन मार्ग, डीएवी स्कूल-कॉलेज रोड, मीनार रोड से सैनी भोजनालय होते हुए डीसी आवास तक का मार्ग, पुराने बस स्टैंड के पीछे की सड़क, रेलवे रोड पर जिला पुस्तकालय से गुरु नानक खालसा कॉलेज तक नाले का निर्माण और सुभाष कालोनी स्थित पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से माल रोड तक की सड़क शामिल है।
निगमायुक्त ने इन कार्यों को शहर की यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण बताते हुए संबंधित अधिकारियों को परियोजना की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सड़कों पर दिखेगा आधुनिक प्रकाश व्यवस्था का असर
शहर के सुंदरीकरण और रात के समय बेहतर रोशनी की व्यवस्था के लिए प्रमुख मार्गों पर डेकोरेटिव पोल और आधुनिक स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना की भी समीक्षा की गई। करीब 501.48 लाख रुपये की इस परियोजना में मीनार रोड और रेलवे रोड के बीच आने वाली विभिन्न सड़कों तथा सैशन मार्ग से पुराने बस स्टैंड तक आधुनिक प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी।
सलोनी शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि लाइटों और पोल का डिजाइन ऐसा हो, जिससे शहर के सौंदर्यीकरण के साथ पर्याप्त रोशनी भी सुनिश्चित हो। उन्होंने उपकरणों की गुणवत्ता और भविष्य में उनके रखरखाव की सुविधा को भी ध्यान में रखने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि केवल नई लाइटें लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लंबे समय तक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की योजना भी जरूरी है।
जिला पुस्तकालय के नवीनीकरण ने पकड़ी गति
रेलवे रोड स्थित जिला पुस्तकालय के नवीनीकरण कार्य की भी प्रगति रिपोर्ट ली गई। अधिकारियों के अनुसार यहां करीब 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। निगमायुक्त ने शेष निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने और कार्य की नियमित निगरानी करने को कहा।
पुस्तकालय जैसी सार्वजनिक सुविधा का नवीनीकरण शहर के नागरिकों, विद्यार्थियों और पाठकों के लिए उपयोगी माना जा रहा है। निगम की कोशिश है कि सार्वजनिक भवनों को भी आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बेहतर बनाया जाए।
विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए विकसित होंगे तीन आधुनिक पार्क
समावेशी विकास की दिशा में शहर के तीन बड़े पार्कों को अल्ट्रा मॉडर्न पार्क के रूप में विकसित करने की योजना भी बैठक में सामने रखी गई। इन पार्कों को खास जरूरत वाले बच्चों और दिव्यांग बच्चों के अनुकूल बनाया जाएगा। परियोजना पर करीब 182.93 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस पहल का उद्देश्य ऐसे सार्वजनिक स्थान तैयार करना है, जहां दिव्यांग और विशेष जरूरत वाले बच्चे भी सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से मनोरंजन तथा गतिविधियों में हिस्सा ले सकें। निगमायुक्त ने इस परियोजना को नागरिक सुविधाओं के साथ सामाजिक समावेशन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया और अधिकारियों को आवश्यक सुविधाओं एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
कर्ण कैनाल फेज-2 में सड़क निर्माण जारी
कर्ण कैनाल फेज-2 में एएम पीएम स्टोर से होंडा शोरूम तक बिटुमिन सड़क निर्माण का काम भी प्रगति पर है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 10 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 640.45 लाख रुपये है।
निगमायुक्त ने निर्माण की गति बढ़ाने के साथ सड़क की गुणवत्ता पर नजर रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल की गुंजाइश न रहे।
मदनपुर से दहा तक सड़क का 85 प्रतिशत काम पूरा
मदनपुर टी-प्वाइंट से वाया बजीदा ड्रेन गांव दहा तक सड़क निर्माण परियोजना भी अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस सड़क का करीब 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। परियोजना पर लगभग 284.78 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
अधिकारियों को शेष कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध हो सके। निगम ने निर्माण की अंतिम प्रक्रिया में गुणवत्ता जांच और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
समयबद्ध काम पूरा करना प्राथमिकता
समीक्षा बैठक के दौरान निगमायुक्त सलोनी शर्मा ने कहा कि शहर में चल रही ये सभी परियोजनाएं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। सड़क नेटवर्क को बेहतर करना, जल निकासी को तकनीक आधारित बनाना, सार्वजनिक स्थानों को आधुनिक रूप देना और शहर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध करवाना निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों पर बराबर ध्यान दिया जाए। परियोजनाओं में देरी होने से न केवल लागत और समय बढ़ता है, बल्कि नागरिकों को भी लंबे समय तक असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रत्येक कार्य की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है।
निगमायुक्त ने कहा कि शहर के विकास के लिए स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग होना चाहिए और प्रत्येक परियोजना का लाभ निर्धारित समय में लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर कार्यों की प्रगति जांचने और किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
नगर निगम की इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद करनाल में सड़क कनेक्टिविटी, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था और शहर के सौंदर्यीकरण में सुधार की उम्मीद है। साथ ही विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए आधुनिक पार्क विकसित होने से शहर के विकास में समावेशी सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर निगम ने इन नौ परियोजनाओं को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रखते हुए करनाल के आगामी शहरी विकास की आधारभूत योजनाओं के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी की है।




