17 सितंबर से हरियाणा में विकास कार्यों पर जगेंगे हजारों दीये, 12 साल की विकास यात्रा को मिलेगा नया स्वरूप

17 सितंबर से हरियाणा में विकास कार्यों पर जगेंगे हजारों दीये, 12 साल की विकास यात्रा को मिलेगा नया स्वरूप

हरियाणा में 17 सितंबर की शाम विकास कार्यों और नई सार्वजनिक संरचनाओं को मिट्टी के दीयों की रोशनी से सजाने की तैयारी है। प्रदेश सरकार ने पिछले करीब 12 वर्षों में तैयार हुई प्रमुख विकास परियोजनाओं को इस विशेष आयोजन का केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से प्रदेशभर में चिह्नित स्थानों पर बड़ी संख्या में मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे। इन दीयों के जरिए विकास, सेवा, समर्पण और जनकल्याण का संदेश देने की योजना है।

इस आयोजन के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी नई विकास संरचनाओं की पहचान की जा रही है, जो पिछले वर्षों में तैयार हुई हैं या जिनके माध्यम से आम लोगों को सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनमें सरकारी भवनों से लेकर अस्पताल, जलापूर्ति केंद्र, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सड़कें, पुल, फ्लाईओवर और राउंडअबाउट तक शामिल किए जाएंगे। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उपयुक्त स्थानों का चयन कर वहां दीये जलाने के लिए जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों के साथ आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूरी करने को कहा है। सरकार की योजना है कि कार्यक्रम को केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित न रखकर प्रशासनिक स्तर पर नीचे तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सब-डिवीजन, डिवीजन और सर्कल स्तर पर भी विकास संरचनाओं को चिन्हित किया जा रहा है।

विकास परियोजनाओं को बनाया जाएगा आयोजन का केंद्र

सरकार की ओर से जिन स्थानों पर दीये जलाने की योजना बनाई गई है, उनमें मुख्य रूप से वे सार्वजनिक ढांचे शामिल होंगे जिनसे आम लोगों को सीधे तौर पर सुविधाएं मिलती हैं। नए सरकारी भवन, अस्पताल, वाटर वर्क्स, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सड़कें, पुल और फ्लाईओवर इस सूची में प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इसके अलावा प्रमुख राउंडअबाउट और अन्य ऐसी सार्वजनिक संरचनाओं को भी रोशन किया जाएगा, जिनका निर्माण हाल के वर्षों में हुआ है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में विकास कार्यों और नई संरचनाओं का आकलन कर कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थानों का चयन करें।

इन स्थानों पर मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे और आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। दीयों में सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इस आयोजन के जरिए विकास परियोजनाओं को केवल निर्माण कार्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय उन्हें जनसेवा और सार्वजनिक सुविधाओं से जोड़कर लोगों के सामने रखना है।

17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान

यह कार्यक्रम प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ का हिस्सा है। अभियान के दौरान सेवा, जनकल्याण और सामाजिक सरोकार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। इसी कड़ी में 17 सितंबर को विकास संरचनाओं पर दीये जलाने का कार्यक्रम रखा गया है।

मंत्री रणबीर गंगवा के अनुसार, विकास परियोजनाओं पर जलने वाला प्रत्येक दीपक सेवा और विकास के संकल्प का प्रतीक होगा। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन और संसाधनों से तैयार किए गए ढांचे लोगों की सुविधा और प्रदेश के विकास से जुड़े हैं। ऐसे में इन स्थानों को रोशन करके उनके महत्व को रेखांकित करने का प्रयास किया जा रहा है।

सरकार की ओर से अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अभियान का आयोजन व्यापक स्तर पर हो और अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्ध विकास संरचनाओं को इसमें शामिल किया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों के स्तर पर स्थानों की सूची तैयार करने और आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम किया जा रहा है।

गांवों और शहरों तक पहुंचेगा आयोजन

कार्यक्रम को प्रदेश के विभिन्न प्रशासनिक स्तरों तक ले जाने की योजना के पीछे उद्देश्य इसे व्यापक स्वरूप देना है। केवल बड़े शहरों या जिला मुख्यालयों में आयोजन करने के बजाय सब-डिवीजन, डिवीजन और सर्कल स्तर तक विकास कार्यों को इसमें शामिल किया जाएगा।

इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मौजूद सार्वजनिक परियोजनाएं आयोजन का हिस्सा बन सकेंगी। वाटर वर्क्स और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी परियोजनाएं जहां स्थानीय स्तर पर पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था से जुड़ी हैं, वहीं सड़कें, पुल और फ्लाईओवर परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने वाली संरचनाओं के रूप में शामिल किए जाएंगे।

इसी तरह अस्पताल और सरकारी भवन भी उन सुविधाओं का प्रतिनिधित्व करेंगे, जिनका सीधा संबंध आम नागरिकों से है। सरकार की योजना इन अलग-अलग विकास संरचनाओं को एक साझा अभियान के माध्यम से सामने लाने की है।

अधिकारियों को समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश

रणबीर गंगवा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय से पहले पूरी कर ली जाएं। इसके लिए सबसे पहले उन स्थानों की पहचान करने को कहा गया है जहां कार्यक्रम आयोजित किया जाना है।

अधिकारियों को स्थान चयन के साथ-साथ दीयों की व्यवस्था, उन्हें जलाने के लिए सरसों के तेल की उपलब्धता और अन्य जरूरी प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा गया है। आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।

प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित होने के कारण स्थानीय अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्हें अपने क्षेत्रों में उपलब्ध विकास परियोजनाओं का विवरण तैयार करने और कार्यक्रम के लिए उपयुक्त स्थान तय करने की जिम्मेदारी दी गई है।

12 वर्षों की विकास संरचनाओं को सामने लाने की कोशिश

इस आयोजन का एक प्रमुख पहलू पिछले करीब 12 वर्षों में तैयार हुई नई विकास संरचनाओं को सामने लाना है। सरकार इन परियोजनाओं को प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे के विस्तार के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करेगी।

इसमें सड़क संपर्क से लेकर जलापूर्ति, सीवरेज, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी कार्यालयों से संबंधित ढांचे शामिल हैं। आयोजन के दौरान इन स्थानों पर दीये जलने से शाम के समय इन सार्वजनिक संरचनाओं का अलग स्वरूप दिखाई देगा।

सरकार की ओर से इसे सेवा और विकास को जोड़ने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल बड़े और प्रमुख प्रोजेक्ट ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली नई संरचनाओं को भी चिन्हित करें।

7 अक्टूबर को होंगे विशेष कार्यक्रम

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 7 अक्टूबर को भी प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। सरकार के अनुसार यह दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर से जुड़े कार्यक्रमों के लिए निर्धारित किया गया है।

इस दौरान सेवा, समर्पण और जनकल्याण से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सरकार ने इन कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। विभागों और स्थानीय प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने को कहा गया है।

17 सितंबर को विकास परियोजनाओं पर दीये जलाने का आयोजन इसी व्यापक अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। इसके बाद 17 अक्टूबर तक अलग-अलग स्तर पर सेवा और जनकल्याण से जुड़ी गतिविधियां जारी रहेंगी।

सेवा और विकास को प्रतीकात्मक रूप से जोड़ने की पहल

सरकार के अनुसार मिट्टी के दीयों के माध्यम से विकास कार्यों को रोशन करने का उद्देश्य केवल प्रकाश व्यवस्था करना नहीं है, बल्कि इन परियोजनाओं को सेवा भावना से जोड़कर लोगों के सामने रखना है। दीये सेवा, विकास और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किए जाएंगे।

मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को आयोजन में स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक विकास संरचनाओं को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद सार्वजनिक परियोजनाओं को एक ही अभियान के तहत प्रदर्शित किया जा सकेगा।

शहरी क्षेत्रों में जहां सड़क, फ्लाईओवर, अस्पताल और सरकारी भवनों को शामिल किया जाएगा, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में वाटर वर्क्स, सड़क संपर्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी संरचनाओं को आयोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

अब स्थानों की पहचान और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने पर जोर

फिलहाल विभागीय अधिकारियों की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में विकास संरचनाओं की पहचान की जा रही है। इसके बाद कार्यक्रम स्थल के अनुसार दीयों और अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था की जाएगी।

17 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए समय कम होने के कारण अधिकारियों को तैयारियां तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आयोजन संबंधित विकास परियोजनाओं की गरिमा और सार्वजनिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए किया जाए।

सरकार का कहना है कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। 17 सितंबर को विकास संरचनाओं पर जगने वाली दीयों की रोशनी इसी अभियान का प्रमुख दृश्यात्मक हिस्सा होगी।

इस तरह प्रदेशभर में एक साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं के रोशन होने से सरकार की ओर से पिछले वर्षों में तैयार किए गए बुनियादी ढांचे को एक साझा मंच पर सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। 17 सितंबर से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान की शुरुआत करेगा, जबकि 7 अक्टूबर को सेवा और जनकल्याण से जुड़े विशेष आयोजनों पर विशेष जोर रहेगा।