चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर ने अकाली दल के नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की है। यह मामला चंडीगढ़ जिला अदालत में दाखिल किया गया है। शिकायत में डॉ. गुरप्रीत कौर ने आरोप लगाया है कि इन नेताओं की ओर से उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से ऐसे आरोप लगाए गए, जिनसे उनकी प्रतिष्ठा, सामाजिक छवि और व्यक्तिगत पहचान को नुकसान पहुंचा है।
डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से अदालत में दायर शिकायत के मुताबिक, एक सितंबर को चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने उनके संबंध में गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया है कि मजीठिया ने उन्हें एक रिश्तेदार के माध्यम से कथित तौर पर राज्य की सरकारी मशीनरी को प्रभावित करने तथा दुष्कर्म के आरोपी व्यक्ति को संरक्षण दिलाने के लिए पैसे मांगने से जोड़कर आरोप लगाए।
गुरप्रीत कौर का कहना है कि सार्वजनिक मंच से लगाए गए इन आरोपों का सीधा असर उनकी प्रतिष्ठा पर पड़ा है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ ऐसे दावे किए गए जिनका कोई आधार नहीं है और इन बयानों के कारण उन्हें समाज में गलत नजरिए से देखा जाने लगा। उन्होंने अदालत से संबंधित नेताओं के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है।
शिकायत में डॉ. गुरप्रीत कौर ने कहा है कि उन्हें एक ऐसे व्यक्ति की मदद करने वाली महिला के तौर पर प्रस्तुत किया गया, जिस पर दुष्कर्म का आरोप है। उनके मुताबिक, इस तरह के आरोप न केवल उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करते हैं, बल्कि उनकी व्यक्तिगत पहचान और सार्वजनिक छवि पर भी गंभीर असर डालते हैं।
उन्होंने अदालत के समक्ष यह भी कहा है कि उनके खिलाफ लगातार सनसनीखेज, कथित तौर पर मनगढ़ंत और निराधार बातें सार्वजनिक की जा रही हैं। शिकायत के अनुसार, इन आरोपों को मीडिया और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचने के कारण उनके प्रभाव का दायरा और बढ़ गया है।
डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से दाखिल शिकायत में तीनों नेताओं के बयानों को उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए और कथित मानहानिकारक बयानों के लिए संबंधित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पहले भी अदालत पहुंच चुकी हैं गुरप्रीत कौर
यह पहली बार नहीं है जब डॉ. गुरप्रीत कौर ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे इन्हीं आरोपों को लेकर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है। इससे पहले भी उन्होंने चंडीगढ़ जिला अदालत में एक अलग याचिका दाखिल की थी। उस याचिका में उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर उनके खिलाफ प्रसारित की जा रही कथित अपुष्ट और मानहानिकारक सामग्री को हटाने की मांग की थी।
पहली याचिका में डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से यह पक्ष रखा गया था कि उनके संबंध में ऐसी सामग्री प्रसारित की जा रही है, जो उनकी प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने अदालत से इस तरह की सामग्री को इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने और आगे इसके प्रसार पर रोक लगाने की मांग की थी।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए संबंधित सामग्री के प्रसार पर रोक लगाई थी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित है। इस प्रकार एक ओर पहले से दायर याचिका पर अदालत में सुनवाई जारी है, वहीं दूसरी ओर डॉ. गुरप्रीत कौर ने कथित मानहानिकारक बयानों को लेकर आपराधिक मानहानि की शिकायत दाखिल कर दी है।
17 अक्टूबर को होगी नए मामले की सुनवाई
चंडीगढ़ जिला अदालत में दाखिल आपराधिक मानहानि की शिकायत पर 17 अक्टूबर को सुनवाई होगी। इस सुनवाई के दौरान अदालत शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध सामग्री के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर विचार करेगी।
गुरप्रीत कौर की ओर से दायर शिकायत ऐसे समय में सामने आई है जब पंजाब की राजनीति में अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं। हालांकि, इस मामले में शिकायतकर्ता ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सीधे अदालत का रुख किया है।
शिकायत में कहा गया है कि किसी व्यक्ति की सार्वजनिक छवि और सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करने वाले आरोपों को बिना पर्याप्त आधार के सार्वजनिक करना गंभीर विषय है। गुरप्रीत कौर ने अदालत से अनुरोध किया है कि उनके खिलाफ लगाए गए कथित आरोपों की न्यायिक जांच की जाए और यदि मानहानि के आरोप प्रथम दृष्टया बनते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
राजनीतिक बयान से अदालत तक पहुंचा मामला
डॉ. गुरप्रीत कौर की शिकायत में एक सितंबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए कथित बयानों को मामले का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। शिकायत के अनुसार, इसी दौरान बिक्रमजीत सिंह मजीठिया ने उन्हें एक रिश्तेदार के माध्यम से सरकारी तंत्र को प्रभावित करने और दुष्कर्म के आरोपी को कथित संरक्षण दिलाने के लिए धन मांगने के आरोप से जोड़ा था।
गुरप्रीत कौर ने इन आरोपों को अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है। उनका कहना है कि इस तरह के सार्वजनिक आरोपों से उनके बारे में लोगों के बीच गलत धारणा बन सकती है और इसका असर उनके निजी जीवन के साथ-साथ सार्वजनिक पहचान पर भी पड़ता है।
उन्होंने अदालत के समक्ष यह भी कहा है कि किसी व्यक्ति को गंभीर आपराधिक मामले से जोड़कर सार्वजनिक रूप से पेश किए जाने से उसकी प्रतिष्ठा पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। इसी आधार पर उन्होंने तीनों नेताओं के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्रवाई की मांग की है।
अब अदालत के समक्ष इस शिकायत पर 17 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। वहीं, इंटरनेट मीडिया पर कथित मानहानिकारक सामग्री को हटाने से संबंधित पहले मामले की सुनवाई 30 सितंबर को होगी। दोनों मामलों की सुनवाई के बाद अदालत की ओर से आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
फिलहाल, डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से दाखिल शिकायत में लगाए गए आरोप न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इन पर अदालत का अंतिम निर्णय आना बाकी है।




