पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव: ग्रेजुएट सीटों पर रविवार को मतदान, 6.25 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला

पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव: ग्रेजुएट सीटों पर रविवार को मतदान, 6.25 लाख से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला

पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट के रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र की 15 सीटों के लिए मतदान की तैयारियां पूरी हो गई हैं। चुनाव में अब केवल एक दिन शेष है और रविवार को पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़े लाखों पंजीकृत ग्रेजुएट मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 6,25,784 मतदाता पंजीकृत हैं, जबकि 15 सीटों के लिए 51 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मतदान को देखते हुए पंजाब समेत सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बनाए गए मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान रविवार सुबह 8 बजे शुरू होगा और शाम 5 बजे तक चलेगा। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में कुल 271 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या और चुनावी व्यवस्था के अनुसार मतदान केंद्रों पर आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

15 सीटों के लिए 51 प्रत्याशी मैदान में

सीनेट के रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से कुल 15 सदस्यों का चुनाव होना है। इन सीटों के लिए इस बार 51 उम्मीदवार मैदान में हैं। उम्मीदवारों की संख्या को देखते हुए अधिकांश सीटों पर बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा। मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मतदान करेंगे।

इन 15 सीटों की श्रेणी में पंजाब के लिए दो सीटें आरक्षित हैं। इसके अलावा एक सीट केंद्र शासित प्रदेश के लिए निर्धारित है, जबकि बाकी 12 सीटें ओपन श्रेणी में रखी गई हैं। अलग-अलग श्रेणियों के तहत होने वाले इस चुनाव में उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण मतदान और इसके बाद होने वाली मतगणना पर सभी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजर रहेगी।

सीनेट पंजाब यूनिवर्सिटी की महत्वपूर्ण वैधानिक संस्थाओं में शामिल है और इसके सदस्यों का विश्वविद्यालय की विभिन्न नीतिगत और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में प्रतिनिधित्व होता है। ऐसे में सीनेट चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय से जुड़े पूर्व विद्यार्थियों और अन्य संबंधित मतदाताओं में भी रुचि बनी हुई है।

सात राज्यों में बनाए गए मतदान केंद्र

रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र का दायरा पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर तक सीमित नहीं है। विश्वविद्यालय के पंजीकृत ग्रेजुएट मतदाता विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में रहते हैं। इसी वजह से मतदान की सुविधा के लिए पंजाब के अलावा हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में भी मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

कुल 271 मतदान केंद्रों पर रविवार को वोट डाले जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की ओर से मतदान केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। मतदान केंद्रों पर चुनाव सामग्री, कर्मचारियों की तैनाती और अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।

मतदान के दौरान निर्धारित समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा। सुबह 8 बजे से शुरू होने वाला मतदान शाम 5 बजे तक चलेगा। मतदान समाप्त होने के बाद निर्धारित चुनाव प्रक्रिया के तहत मतपत्रों को सुरक्षित तरीके से मतगणना केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

सेना के जवानों के लिए पोस्टल बैलेट भेजे

चुनाव में शामिल ऐसे मतदाताओं को भी मतदान का अवसर देने की व्यवस्था की गई है, जो अपनी ड्यूटी के कारण निर्धारित मतदान केंद्र पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते। सेना के जवानों के लिए पोस्टल बैलेट पहले ही भेजे जा चुके हैं। इसके जरिए संबंधित पात्र मतदाता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे।

पोस्टल बैलेट की व्यवस्था का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना है। वहीं मतदान केंद्रों पर भी चुनाव अधिकारियों को प्रक्रिया के अनुसार मतदान कराने के निर्देश दिए गए हैं।

रविवार को मतदान, 23 सितंबर को मतगणना

मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया 23 सितंबर को होगी। रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के मतों की गिनती सुबह 9:30 बजे से शुरू की जाएगी। इसके लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के सेक्टर-14 स्थित जिम्नेजियम हाल को मतगणना केंद्र बनाया गया है।

मतगणना के दौरान चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही नियमों के तहत प्रत्याशियों और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को भी मतगणना प्रक्रिया में मौजूद रहने का अवसर मिलेगा। मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद अलग-अलग सीटों के परिणाम सामने आएंगे।

51 प्रत्याशियों के मैदान में होने के कारण मतगणना की प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है। प्रत्येक सीट के लिए प्राप्त मतों की गणना और निर्धारित चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।

उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ी

मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। उम्मीदवार मतदाताओं से संपर्क कर अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। चूंकि रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाता अलग-अलग राज्यों में रहते हैं, इसलिए प्रत्याशियों के सामने अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंच बनाने की चुनौती भी है।

15 सीटों के लिए 51 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होने के कारण मतदाताओं के सामने भी कई विकल्प हैं। ओपन श्रेणी की 12 सीटों के अलावा आरक्षित श्रेणी की सीटों के लिए भी निर्धारित पात्र मतदाताओं के बीच मतदान होगा।

चुनाव प्रबंधन के लिए तैयारियां पूरी

विश्वविद्यालय प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने मतदान को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। अलग-अलग राज्यों में बनाए गए मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए कर्मचारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।

मतदान केंद्रों पर चुनाव संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ मतदाताओं की पहचान और मतदान की प्रक्रिया को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पूरा कराया जाएगा। चुनाव से संबंधित सामग्री को भी मतदान से पहले संबंधित केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

मतदान समाप्त होने के बाद मतपत्रों को सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थान तक पहुंचाना भी चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इसके बाद 23 सितंबर को सेक्टर-14 स्थित जिम्नेजियम हाल में मतगणना शुरू होगी।

परिणाम पर विश्वविद्यालय समुदाय की नजर

सीनेट चुनाव के नतीजों को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़े विभिन्न वर्गों की नजर 23 सितंबर की मतगणना पर रहेगी। रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी संख्या में मतदाता होने और 51 प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में उतरने के कारण इस चुनाव को लेकर व्यापक भागीदारी की उम्मीद है।

रविवार को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से सीनेट की 15 सीटों पर कौन-कौन से उम्मीदवार निर्वाचित होते हैं। मतदान के बाद मतपत्रों को सुरक्षित रखा जाएगा और निर्धारित तारीख पर उनकी गिनती की जाएगी।

इस चुनाव में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में बनाए गए 271 मतदान केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वहीं सेना के जवानों के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था के साथ चुनाव में पात्र मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।

अब रविवार के मतदान के बाद 23 सितंबर को होने वाली मतगणना पर सबकी निगाहें रहेंगी। सुबह 9:30 बजे से शुरू होने वाली मतगणना के दौरान 15 सीटों के लिए डाले गए मतों की गणना की जाएगी और इसके बाद रजिस्टर्ड ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र के नए सीनेट सदस्यों की तस्वीर साफ होगी।