इंदौर में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी पर राहुल गांधी हंसते नजर आए। बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक मर्यादा और सार्वजनिक जीवन में संवेदनशीलता से जोड़ते हुए कांग्रेस नेता पर निशाना साधा है।
यह मामला इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से जुड़ा है। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि के साथ मंच साझा किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलने की शैली, विदेश नीति और उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों से जुड़े कुछ प्रसंगों पर हास्य प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं ने राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
कॉमेडियन ने PM मोदी के अंदाज की नकल की
कार्यक्रम के दौरान पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैली की नकल करते हुए विदेशी नेताओं के साथ उनकी बातचीत और विदेश नीति से जुड़े प्रसंगों पर व्यंग्य किया। बीजेपी और कांग्रेस की ओर से साझा किए गए वीडियो में मंच पर राहुल गांधी भी दिखाई दे रहे हैं।
कॉमेडियन की प्रस्तुति के दौरान राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को बीजेपी ने अपने आरोपों का आधार बनाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की राजनीतिक भूमिका पर टिप्पणी करने के साथ उनकी दिवंगत मां से जुड़े संदर्भ को भी हास्य का हिस्सा बनाया गया।
हालांकि, राहुल गांधी की ओर से इस पूरे विवाद पर अलग से कोई विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आने की बात इस रिपोर्ट में नहीं कही गई है। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने मुख्य रूप से मोदी सरकार के विदेश नीति संबंधी नजरिए पर अपनी बात रखी थी।
किस घटना का जिक्र हुआ?
कॉमेडी एक्ट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने सार्वजनिक कार्यक्रम का भी उल्लेख किया गया। उस घटना में बताया गया था कि पीएम मोदी ने अपना भाषण कुछ समय के लिए रोककर भीड़ में मौजूद एक बुजुर्ग महिला के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने को कहा था।
पुलकित मणि ने इसी प्रसंग को अपनी प्रस्तुति का हिस्सा बनाया। वीडियो में इस दौरान राहुल गांधी को हंसते हुए देखा जा सकता है। बीजेपी नेताओं ने इसी प्रतिक्रिया को लेकर कांग्रेस सांसद पर राजनीतिक और सामाजिक मर्यादा से जुड़े सवाल उठाए हैं।
बीजेपी का कहना है कि प्रधानमंत्री के राजनीतिक फैसलों और नीतियों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है, लेकिन किसी नेता की मां को लेकर टिप्पणी को मनोरंजन का विषय बनाना अलग बात है।
राहुल गांधी ने विदेश नीति पर क्या कहा?
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और दूसरे देशों के नेताओं के साथ उनके संबंधों को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने प्रधानमंत्री की आवाज और बोलने की शैली की नकल करते हुए विदेश यात्राओं तथा कूटनीतिक संबंधों को लेकर टिप्पणी की।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री का विदेश दौरा केवल किसी मित्र के घर जाने जैसा नहीं होता। उनके मुताबिक, भारत के प्रधानमंत्री की भूमिका व्यक्तिगत दोस्ती से आगे बढ़कर देश के हितों और सुरक्षा से जुड़ी होती है।
उन्होंने यह तर्क रखा कि प्रधानमंत्री का दायित्व देश की सुरक्षा और हितों की रक्षा करना है तथा विदेश नीति को इसी नजरिए से देखा जाना चाहिए। इसी दौरान उनकी ओर से प्रधानमंत्री की शैली की नकल भी की गई।
बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने इस मामले को लेकर वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने राहुल गांधी पर महिलाओं और बुजुर्गों के सम्मान से जुड़े मुद्दे को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
केसवन ने कहा कि किसी सभ्य समाज में ऐसी टिप्पणी को हास्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उनका आरोप था कि जिस मंच पर यह प्रस्तुति हो रही थी, वहां राहुल गांधी ने जोर से हंसकर उस तरह के मजाक को प्रोत्साहन दिया।
बीजेपी प्रवक्ता ने आगे दावा किया कि कांग्रेस युवाओं के बीच अपनी पकड़ बनाने में इसलिए असफल हो रही है क्योंकि पार्टी की राजनीति में ऐसी भाषा और व्यवहार दिखाई दे रहा है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर भी सवाल उठाए।
दिल्ली यूनिवर्सिटी चुनाव का भी किया जिक्र
सीआर केसवन ने अपने बयान में दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी छात्रों के बीच पार्टी की स्थिति को लेकर नाकामी स्वीकार की है।
केसवन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की राजनीति में दिखाई देने वाली कथित नफरत की वजह से कांग्रेस और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई को दिल्ली यूनिवर्सिटी में नुकसान उठाना पड़ा है।
यह टिप्पणी उस समय आई है जब बीजेपी लगातार कांग्रेस और राहुल गांधी की छात्र राजनीति तथा युवाओं से जुड़ाव को लेकर सवाल उठाती रही है। हालांकि, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव और इंदौर के कार्यक्रम में हुई घटना दो अलग-अलग राजनीतिक प्रसंग हैं।
बीजेपी ने सोशल मीडिया पर भी उठाया मुद्दा
बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी पर निशाना साधा। पार्टी ने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां से जुड़े प्रसंग को आधार बनाते हुए दोनों नेताओं के व्यवहार में अंतर बताने की कोशिश की।
बीजेपी ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक कार्यक्रम में एक बुजुर्ग महिला के प्रति सम्मान दिखाया, जबकि दूसरी तरफ राहुल गांधी के कार्यक्रम में उसी तरह के बुजुर्ग व्यक्ति से जुड़े प्रसंग का मजाक बनाया गया।
पार्टी ने राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि जिस उम्र में बुजुर्गों को सम्मान दिया जाना चाहिए, वहां इस तरह की प्रतिक्रिया को कैसे देखा जाना चाहिए।
प्रह्लाद जोशी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में राहुल गांधी और कांग्रेस पर राजनीतिक तथा नैतिक मर्यादाओं को लेकर सवाल उठाए।
जोशी ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ बातचीत के मंच का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाने के लिए किया गया। उन्होंने इसे मानवीय संवेदनशीलता और राजनीतिक संस्कृति से जुड़ा विषय बताया।
उनके मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन परिवार और विशेष रूप से किसी दिवंगत व्यक्ति को लेकर टिप्पणी करते समय संवेदनशीलता बरतना जरूरी है।
किरेन रिजिजू ने भी साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी राहुल गांधी की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी अब कॉमेडियन और जोकरों की पार्टी बनकर रह गई है।
रिजिजू ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं। उनका बयान सामने आए वीडियो और उस पर बीजेपी की ओर से शुरू किए गए विरोध का हिस्सा रहा।
इस तरह बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अलग-अलग बयानों के जरिए राहुल गांधी और कांग्रेस को निशाने पर लिया।
पुष्कर सिंह धामी ने कहा- मां राजनीति का विषय नहीं
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की दिवंगत मां के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जाना और उस पर राहुल गांधी का हंसना बेहद पीड़ादायक है।
धामी ने कहा कि मां को राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच मतभेद हो सकते हैं और प्रधानमंत्री की नीतियों की आलोचना भी की जा सकती है, लेकिन किसी की मां के बारे में अमर्यादित टिप्पणी को सामान्य राजनीतिक विरोध का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए।
उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीतिक विरोध की मर्यादा से आगे जाने का आरोप लगाया और कहा कि लोकतंत्र में असहमति के बावजूद भाषा और व्यवहार में संयम जरूरी है।
विवाद का केंद्र बना वीडियो
इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर बीजेपी और कांग्रेस समर्थकों के बीच राजनीतिक बहस भी देखने को मिल रही है। बीजेपी जहां वीडियो में राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को मुद्दा बना रही है, वहीं कार्यक्रम का मूल संदर्भ प्रधानमंत्री की विदेश नीति और राजनीतिक शैली पर राहुल गांधी की टिप्पणी से जुड़ा था।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री के विदेश दौरों और दूसरे देशों के नेताओं के साथ संबंधों को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि भारत के प्रधानमंत्री की विदेश नीति व्यक्तिगत दोस्ती से अलग देश के हितों और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी है।
इसके बाद कॉमेडियन पुलकित मणि की प्रस्तुति में प्रधानमंत्री की शैली की नकल और उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों को हास्य के अंदाज में पेश किया गया। इसी प्रस्तुति के कुछ हिस्सों ने अब राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है।
बीजेपी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के सम्मान से जोड़कर राहुल गांधी की आलोचना की है। वहीं पूरे घटनाक्रम का मूल वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक दल अपने-अपने नजरिए से इसे पेश कर रहे हैं। इस विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यंग्य, सार्वजनिक व्यक्तियों की नकल और परिवार से जुड़े संदर्भों को लेकर मर्यादा की बहस को सामने ला दिया है।




