फायर सेफ्टी कार्य के चलते PGI एडवांस्ड आई सेंटर की वॉक-इन ओपीडी बदली, 22 सितंबर से न्यू ओपीडी ब्लॉक में होगा इलाज

फायर सेफ्टी कार्य के चलते PGI एडवांस्ड आई सेंटर की वॉक-इन ओपीडी बदली, 22 सितंबर से न्यू ओपीडी ब्लॉक में होगा इलाज

चंडीगढ़ स्थित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) के एडवांस्ड आई सेंटर में फायर सेफ्टी कंप्लायंस से जुड़े कार्य के चलते आंखों के मरीजों के लिए वॉक-इन ओपीडी की व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, 22 सितंबर से वॉक-इन ओपीडी एडवांस्ड आई सेंटर के बजाय न्यू ओपीडी ब्लॉक की तीसरी मंजिल से संचालित की जाएगी।

यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी। इसका उद्देश्य एडवांस्ड आई सेंटर में चल रहे सुरक्षा संबंधी कार्य के दौरान सामान्य आंखों के मरीजों की जांच और उपचार को व्यवस्थित रूप से जारी रखना है।

मरीजों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सामान्य वॉक-इन ओपीडी के लिए 22 सितंबर से सीधे एडवांस्ड आई सेंटर जाने के बजाय न्यू ओपीडी ब्लॉक पहुंचना होगा। हालांकि, यह बदलाव सभी आंखों की सेवाओं पर लागू नहीं है। आई इमरजेंसी और निर्धारित स्पेशलिटी क्लीनिक अपनी मौजूदा व्यवस्था के अनुसार एडवांस्ड आई सेंटर में ही संचालित होंगी।

PGI Chandigarh में आंखों की वॉक-इन OPD की नई व्यवस्था

22 सितंबर से न्यू ओपीडी ब्लॉक में होगी वॉक-इन ओपीडी

अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी व्यवस्था के अनुसार, 22 सितंबर से आंखों की वॉक-इन ओपीडी के लिए मरीजों को न्यू ओपीडी ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर जाना होगा। वहाँ सामान्य आंखों से संबंधित मरीजों की जांच और उपचार की व्यवस्था की गई है।

वॉक-इन ओपीडी उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण होती है जिन्हें आंखों से संबंधित सामान्य समस्या के लिए चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता होती है और जो निर्धारित प्रक्रिया के तहत अस्पताल में जांच करवाने आते हैं। नई व्यवस्था के तहत ऐसे मरीजों को पुराने स्थान पर जाने के बजाय न्यू ओपीडी ब्लॉक पर पहुंचना चाहिए।

तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 3094 से 3105 निर्धारित

वॉक-इन ओपीडी के लिए न्यू ओपीडी ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 3094 से 3105 तक निर्धारित किए गए हैं। मरीजों की जांच और उपचार इन्हीं निर्धारित कमरों में किया जाएगा।

अस्पताल पहुंचने के बाद मरीजों को पहले पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद उन्हें संबंधित ओपीडी क्षेत्र में जाकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार डॉक्टर से परामर्श लेना होगा।

मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को सलाह दी जाती है कि वे अस्पताल परिसर में पहुंचने के बाद सूचना बोर्ड और संबंधित कर्मचारियों से कमरे की पुष्टि कर लें, क्योंकि अस्पताल की आंतरिक व्यवस्था आवश्यकता के अनुसार बदली जा सकती है।

रजिस्ट्रेशन न्यू ओपीडी ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर

वॉक-इन ओपीडी के लिए केवल जांच की जगह बदली गई है, बल्कि मरीजों के पंजीकरण की व्यवस्था भी नई जगह से संबंधित की गई है। न्यू ओपीडी ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर निर्धारित रजिस्ट्रेशन काउंटर उपलब्ध रहेंगे।

नए मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श से पहले आवश्यक पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पहले से अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों को भी वॉक-इन ओपीडी में आने पर निर्धारित काउंटर से संबंधित पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे अस्पताल आने से पहले अपने पुराने मेडिकल रिकॉर्ड, रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और उपलब्ध अस्पताल दस्तावेज साथ रखें। इससे डॉक्टर को मरीज की पिछली चिकित्सा जानकारी समझने में मदद मिल सकती है और परामर्श की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित रह सकती है।

नए और पुराने मरीजों के लिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा

नई व्यवस्था में नए और पुराने दोनों प्रकार के मरीजों के लिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा न्यू ओपीडी ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर उपलब्ध रहेगी।

नए मरीजों को अस्पताल की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नया कार्ड या पंजीकरण करवाना होगा। वहीं, पहले से इलाज करा रहे मरीजों को भी वॉक-इन ओपीडी में परामर्श लेने के लिए निर्धारित काउंटर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इसलिए केवल ओपीडी की नई मंजिल की जानकारी होना पर्याप्त नहीं है। मरीजों को पहले रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करके ही संबंधित ओपीडी क्षेत्र में जाना चाहिए।

आई इमरजेंसी की जगह में कोई बदलाव नहीं

वॉक-इन ओपीडी की नई व्यवस्था के कारण आंखों की आपातकालीन सेवाओं का स्थान नहीं बदला गया है। आई इमरजेंसी पहले की तरह एडवांस्ड आई सेंटर में ही संचालित होगी।

यदि किसी व्यक्ति को अचानक गंभीर आंख की समस्या होती है या उसे आपातकालीन चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है, तो उसे केवल सामान्य वॉक-इन ओपीडी की नई व्यवस्था समझकर न्यू ओपीडी ब्लॉक नहीं जाना चाहिए। आपातकालीन स्थिति में मरीज को एडवांस्ड आई सेंटर की आई इमरजेंसी में पहुंचना होगा।

इमरजेंसी सेवाओं के संबंध में अस्पताल की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी है। मरीज या उनके परिजन अस्पताल पहुंचकर संबंधित कर्मचारियों से तत्काल सहायता भी ले सकते हैं।

एडवांस्ड आई सेंटर में फायर सेफ्टी कंप्लायंस का काम

वॉक-इन ओपीडी को अस्थायी रूप से स्थानांतरित करने का मुख्य कारण एडवांस्ड आई सेंटर में चल रहा फायर सेफ्टी कंप्लायंस कार्य है। अस्पताल के दूसरे स्तर पर सुरक्षा मानकों से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं।

अस्पताल जैसी बड़ी चिकित्सा सुविधा में अग्नि सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों का पालन मरीजों, उनके परिजनों, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे कार्यों के दौरान मरीजों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए कुछ सेवाओं के स्थान में अस्थायी बदलाव किया जा सकता है।

वॉक-इन ओपीडी को न्यू ओपीडी ब्लॉक में स्थानांतरित करने का उद्देश्य सामान्य मरीजों की सेवाओं को जारी रखना भी है, ताकि एडवांस्ड आई सेंटर में चल रहे कार्य के कारण नियमित परामर्श पूरी तरह प्रभावित न हो।

स्पेशलिटी आई क्लीनिक पहले की तरह एडवांस्ड आई सेंटर में

वॉक-इन ओपीडी के स्थान परिवर्तन को सभी आंखों की सेवाओं में बदलाव नहीं माना जाना चाहिए। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, एडवांस्ड आई सेंटर में संचालित होने वाली निर्धारित स्पेशलिटी क्लीनिकों की व्यवस्था में इस बदलाव का असर नहीं है।

रेटिना, कॉर्निया, ग्लूकोमा, ऑक्यूलोप्लास्टिक्स, रेटिनोब्लास्टोमा, पीडियाट्रिक ऑप्थैल्मोलॉजी और न्यूरो-ऑप्थैल्मोलॉजी जैसी विशेषज्ञ सेवाएं निर्धारित व्यवस्था के अनुसार एडवांस्ड आई सेंटर में ही चलती रहेंगी।

इन सेवाओं के लिए आने वाले मरीजों को अपनी अपॉइंटमेंट या निर्धारित क्लीनिक की जानकारी के अनुसार संबंधित स्थान पर जाना चाहिए। केवल वॉक-इन ओपीडी के स्थान में बदलाव को सभी स्पेशलिटी सेवाओं पर लागू नहीं समझना चाहिए।

मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले क्या ध्यान रखना चाहिए

नई व्यवस्था के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले यह स्पष्ट कर लेना चाहिए कि उन्हें किस प्रकार की सेवा की आवश्यकता है। यदि वे सामान्य वॉक-इन ओपीडी में आंखों की जांच या परामर्श के लिए आ रहे हैं, तो 22 सितंबर से उन्हें न्यू ओपीडी ब्लॉक जाना होगा।

अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए कुछ सामान्य बातें उपयोगी हो सकती हैं:

  • वॉक-इन ओपीडी के लिए न्यू ओपीडी ब्लॉक की तीसरी मंजिल पर जाएं।
  • निर्धारित कमरे नंबर 3094 से 3105 के क्षेत्र में संबंधित ओपीडी की जानकारी लें।
  • रजिस्ट्रेशन के लिए न्यू ओपीडी ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर जाएं।
  • पुराने मरीज अपने उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड और पुरानी रिपोर्ट साथ रखें।
  • नए मरीज आवश्यक पहचान और अस्पताल द्वारा मांगे जाने वाले दस्तावेज साथ रखें।
  • स्पेशलिटी क्लीनिक के मरीज अपनी निर्धारित सेवा के अनुसार एडवांस्ड आई सेंटर जाएं।
  • आंखों की आपात स्थिति में आई इमरजेंसी के लिए एडवांस्ड आई सेंटर पर पहुंचें।
  • अस्पताल में पहुंचने के बाद कर्मचारियों या सूचना काउंटर से नवीनतम दिशा-निर्देश की पुष्टि करें।

पुरानी जगह जाने से मरीजों को हो सकती है परेशानी

फायर सेफ्टी से जुड़े कार्य के कारण वॉक-इन ओपीडी का स्थान बदलने के बाद यदि मरीज पुराने स्थान पर पहुंचते हैं, तो उन्हें दोबारा न्यू ओपीडी ब्लॉक जाना पड़ सकता है। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों, बच्चों के साथ आने वाले परिवारों और दूर से आने वाले लोगों को अतिरिक्त परेशानी हो सकती है।

इसी कारण 22 सितंबर से सामान्य वॉक-इन ओपीडी के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों को नई व्यवस्था की जानकारी पहले से रखना उपयोगी होगा। अस्पताल परिसर में भी संबंधित दिशा-निर्देश और सहायता उपलब्ध हो सकते हैं।

यह व्यवस्था कब तक लागू रहेगी

न्यू ओपीडी ब्लॉक में वॉक-इन ओपीडी की व्यवस्था अस्थायी है। यह तब तक जारी रहेगी जब तक एडवांस्ड आई सेंटर में चल रहा फायर सेफ्टी कंप्लायंस कार्य पूरा नहीं हो जाता और अस्पताल प्रशासन आगे की व्यवस्था के बारे में जानकारी जारी नहीं करता।

इसलिए मरीजों को भविष्य में अस्पताल आने पर ओपीडी के स्थान की दोबारा पुष्टि करनी चाहिए। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार 22 सितंबर से सामान्य वॉक-इन ओपीडी के लिए न्यू ओपीडी ब्लॉक की तीसरी मंजिल निर्धारित है।

मरीजों के लिए जरूरी जानकारी एक नज़र में

वॉक-इन ओपीडी: न्यू ओपीडी ब्लॉक
ओपीडी फ्लोर: तीसरी मंजिल
कमरे: 3094 से 3105
रजिस्ट्रेशन: न्यू ओपीडी ब्लॉक, ग्राउंड फ्लोर पर निर्धारित काउंटर
नई व्यवस्था शुरू: 22 सितंबर
अवधि: अगले आदेश तक
आई इमरजेंसी: एडवांस्ड आई सेंटर
स्पेशलिटी आई क्लीनिक: एडवांस्ड आई सेंटर में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार
स्थान परिवर्तन का कारण: एडवांस्ड आई सेंटर में फायर सेफ्टी कंप्लायंस कार्य