SIR पर हिमाचल कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन आज, शिमला में चुनाव विभाग के बाहर धरना

SIR पर हिमाचल कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन आज, शिमला में चुनाव विभाग के बाहर धरना

हिमाचल प्रदेश में मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच टकराव बढ़ गया है। कांग्रेस शुक्रवार को शिमला के कसुम्पटी स्थित निर्वाचन विभाग के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने एसआईआर की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए हैं। प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू होने की जानकारी दी गई है।

कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर निर्वाचन आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए उनके पद से हटने की मांग उठाई है। यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस के देशव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी ने 25 सितंबर को राज्य स्तर पर निर्वाचन आयोग के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन का आह्वान किया है।

सुक्खू, रजनी पाटिल और विनय कुमार होंगे शामिल

शिमला में होने वाले प्रदर्शन को कांग्रेस ने व्यापक रूप देने की तैयारी की है। इसमें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार के साथ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक और पार्टी के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल होने वाले हैं। जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारियों के अलावा शिमला नगर निगम के कांग्रेस पार्षदों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी रहेगी।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदर्शन के माध्यम से एसआईआर की प्रक्रिया से संबंधित उनकी आपत्तियां निर्वाचन विभाग के समक्ष रखी जाएंगी। पार्टी का फोकस मतदाता सूची में नामों के सत्यापन, नए मतदाताओं के पंजीकरण और मतदाता डेटा से जुड़े सवालों पर है।

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग

हिमाचल कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने भी इस मांग को सार्वजनिक रूप से उठाया है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में कथित तौर पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद लिए गए फैसलों को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। विनय कुमार ने एसआईआर, मतदाता सूची में बदलाव और नए मतदाताओं के पंजीकरण सहित कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आयोग के भीतर मतभेद और एसआईआर से जुड़े कुछ दावे कांग्रेस की ओर से उठाए गए राजनीतिक सवाल हैं। निर्वाचन आयोग भारत में चुनाव प्रक्रिया के संचालन और मतदाता सूचियों के प्रबंधन के लिए संवैधानिक संस्था है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर 2026 एसआईआर से संबंधित मतदाता सेवाएं और चुनावी सूची से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

मतदाता सूची और फार्म-6 को लेकर सवाल

कांग्रेस ने एसआईआर प्रक्रिया के कई पहलुओं पर स्पष्टीकरण की मांग की है। पार्टी की ओर से मतदाता सूचियों में नामों की स्थिति, नए मतदाताओं के पंजीकरण, फार्म-6 में बदलाव और मतदाता डेटा के केंद्रीकरण जैसे विषय उठाए गए हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने इन मुद्दों को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि निर्वाचन आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान विभिन्न स्तरों पर अपनाई जा रही प्रक्रिया क्या है और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा किस तरह सुनिश्चित की जा रही है।

निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं में मतदाताओं को पुराने एसआईआर रिकॉर्ड में अपना नाम खोजने और मतदाता सूची से संबंधित जानकारी देखने की सुविधा दी गई है। आयोग के पोर्टल के अनुसार संबंधित राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से प्राप्त डेटा को पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाता है।

कांग्रेस ने पूरे प्रदेश में मुद्दा उठाने की तैयारी की

हिमाचल कांग्रेस का कहना है कि शिमला में होने वाला प्रदर्शन केवल जिला स्तर की गतिविधि नहीं है, बल्कि एसआईआर और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों को व्यापक स्तर पर उठाने की रणनीति का हिस्सा है।

पार्टी नेताओं के अनुसार प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी इस मुद्दे को कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच ले जाया जाएगा। कांग्रेस का जोर इस बात पर है कि मतदाता सूची में किसी भी योग्य मतदाता का नाम प्रभावित न हो और पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच स्पष्टता रहे।

25 सितंबर को देशभर में प्रदेश कांग्रेस कमेटियों की ओर से चुनाव आयोग के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। इसके बाद कांग्रेस ने जिला स्तर पर भी विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।

चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर कांग्रेस के सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया का संचालन करने वाली संस्था के प्रति लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस नेताओं ने आयोग के भीतर कथित मतभेदों से संबंधित रिपोर्टों का हवाला देते हुए एसआईआर से जुड़े निर्णयों पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों पर आयोग को सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

हालांकि इन दावों और राजनीतिक आरोपों को कांग्रेस के रुख के रूप में देखा जाना चाहिए। निर्वाचन आयोग ने अपनी आधिकारिक सेवाओं और एसआईआर संबंधी प्रक्रियाओं को लेकर विभिन्न सूचनाएं सार्वजनिक की हैं। इसलिए किसी भी मतदाता के लिए अंतिम स्थिति जानने का आधार आधिकारिक मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग की अधिसूचनाएं हैं।

प्रदर्शन के बाद संगठनात्मक बैठक भी

शिमला में धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक भी प्रस्तावित है। इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी और जिला कांग्रेस अध्यक्षों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही पार्टी के प्रस्तावित हिमाचल जोड़ो यात्रा को लेकर भी चर्चा और कार्यक्रम तय किए जाने की संभावना है।

इस बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व जिला और ब्लॉक स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को सक्रिय करने पर जोर दे रहा है।

एसआईआर को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक बहस

मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक बहस चल रही है। कांग्रेस ने इसे लेकर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और 25 सितंबर को राज्य स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है।

दूसरी ओर, एसआईआर से संबंधित मतदाता सेवाएं निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इनमें पुराने एसआईआर रिकॉर्ड में नाम खोजने और चुनावी सूची डाउनलोड करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

ऐसे में हिमाचल में शुक्रवार को होने वाला कांग्रेस का प्रदर्शन इस मुद्दे पर राज्य में पार्टी के अब तक के प्रमुख विरोध कार्यक्रमों में शामिल होगा। इसमें मुख्यमंत्री और प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से इसका राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है।

फिलहाल कांग्रेस की प्रमुख मांगें एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े सवालों का स्पष्टीकरण, मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों का जवाब हैं। शुक्रवार के प्रदर्शन के बाद इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस और निर्वाचन विभाग के बीच राजनीतिक बहस आगे बढ़ने की संभावना है।