भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए हरियाणा समेत कई राज्यों में प्रदेश महामंत्री (संगठन) के दायित्वों में बदलाव किया है। हरियाणा में अब पवन राणा को प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह दिल्ली के साथ हरियाणा संगठन का काम भी देखेंगे। इससे पहले हरियाणा में यह जिम्मेदारी फणीन्द्रनाथ शर्मा के पास थी। शर्मा को अब उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया गया है।
भाजपा के इस फेरबदल में हरियाणा के पूर्व संगठन महामंत्री रविंद्र राजू को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें असम और त्रिपुरा का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। इसके साथ उन्हें कार्यालय निर्माण की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। पार्टी की ओर से घोषित नई व्यवस्था के बाद तीनों नेताओं के कार्यक्षेत्र में बदलाव हो गया है।
दिल्ली के साथ हरियाणा की जिम्मेदारी संभालेंगे पवन राणा
पवन राणा अब दिल्ली और हरियाणा भाजपा के संगठन महामंत्री के तौर पर काम करेंगे। उनका कार्यकेंद्र दिल्ली रहेगा। इससे पहले वह दिल्ली प्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
पवन राणा को संगठन के जमीनी ढांचे के साथ काम करने का अनुभव रहा है। दिल्ली में रहते हुए वह संगठनात्मक बैठकों, कार्यकर्ता प्रशिक्षण और बूथ स्तर की गतिविधियों से जुड़े रहे। भाजपा के संगठन विस्तार से जुड़े कार्यक्रमों में भी उन्होंने पदाधिकारियों के साथ काम किया है।
पार्टी की नई व्यवस्था में दिल्ली और हरियाणा का संगठनात्मक दायित्व एक ही नेता को सौंपा गया है। ऐसे में पवन राणा को दोनों राज्यों में संगठन के कामकाज के बीच समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी होगी। हरियाणा में उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भाजपा ने हाल ही में प्रदेश प्रभारी और सह-प्रभारी के स्तर पर भी बदलाव किया है।
हिमाचल से दिल्ली और अब हरियाणा तक का सफर
पवन राणा इससे पहले हिमाचल प्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। अप्रैल 2023 में उन्हें हिमाचल से दिल्ली भेजा गया था, जहां उन्हें प्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई। अब संगठनात्मक फेरबदल के बाद उन्हें दिल्ली के साथ हरियाणा की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है।
दिल्ली में रहते हुए राणा संगठन की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रहे। कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, शक्ति केंद्रों के स्तर पर संगठन विस्तार और बूथ से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी भूमिका रही है। ई-विस्तारक योजना के तहत भी उन्होंने दिल्ली के शक्ति केंद्रों और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण से संबंधित गतिविधियों में पदाधिकारियों के साथ काम किया था।
भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में महामंत्री (संगठन) की भूमिका पार्टी के नियमित संगठन संचालन, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय और विभिन्न स्तरों पर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने से जुड़ी होती है। यह पद भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच संगठनात्मक समन्वय के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
फणीन्द्रनाथ शर्मा को उत्तराखंड भेजा गया
हरियाणा में करीब तीन वर्ष तक संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद फणीन्द्रनाथ शर्मा को अब उत्तराखंड भेजा गया है। उन्हें उत्तराखंड भाजपा का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। शर्मा ने इससे पहले असम और त्रिपुरा में भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभाली हैं।
हरियाणा में रहते हुए शर्मा संगठन की विभिन्न गतिविधियों से जुड़े रहे। बूथ स्तर के संगठन, कार्यकर्ता संपर्क और चुनावी तैयारियों से संबंधित काम में उनकी भूमिका रही है। अब उत्तराखंड में उन्हें संगठन को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।
उत्तराखंड में यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भाजपा ने राज्य के संगठनात्मक ढांचे में भी कई बदलाव किए हैं। शर्मा के साथ वहां पार्टी के अन्य पदाधिकारियों की नई जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।
रविंद्र राजू को असम-त्रिपुरा का जिम्मा
भाजपा ने हरियाणा के पूर्व संगठन महामंत्री रविंद्र राजू को भी नई जिम्मेदारी दी है। उन्हें असम और त्रिपुरा का प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाया गया है। इसके अलावा पार्टी ने उन्हें कार्यालय निर्माण की जिम्मेदारी भी सौंपी है। उनका कार्यकेंद्र गुवाहाटी रहेगा।
रविंद्र राजू पहले हरियाणा में संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उनके स्थान पर 2023 में फणीन्द्रनाथ शर्मा को हरियाणा का संगठन महामंत्री बनाया गया था। अब संगठनात्मक फेरबदल में जिम्मेदारियों का एक और नया बंटवारा किया गया है।
इस तरह भाजपा ने अपने अनुभवी संगठनात्मक नेताओं को अलग-अलग राज्यों में नई जिम्मेदारियां दी हैं। इससे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में राज्यों के बीच जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास हुआ है।
हरियाणा में नई टीम के साथ संगठन का काम
हरियाणा में पवन राणा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पार्टी ने प्रदेश के संगठनात्मक ढांचे में लगातार बदलाव किए हैं। इससे पहले स्मृति ईरानी को हरियाणा का प्रदेश प्रभारी और डॉ. भोला सिंह को सह-प्रभारी बनाया गया था। अब प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी भी बदली गई है।
नई व्यवस्था में प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री के स्तर पर केंद्रीय नेतृत्व से जुड़े नए चेहरे हरियाणा में काम करेंगे। पवन राणा को दिल्ली के साथ हरियाणा की जिम्मेदारी दिए जाने से दोनों प्रदेशों के संगठनात्मक कामकाज के बीच समन्वय भी उनकी भूमिका का हिस्सा रहेगा।
आने वाले समय में प्रदेश भाजपा की बैठकों, कार्यकर्ता प्रशिक्षण, बूथ स्तर की गतिविधियों और संगठन के विस्तार से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी भूमिका दिखाई देगी। प्रदेश संगठन में जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाना भी उनकी जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।
कई राज्यों में एक साथ बदली संगठन की जिम्मेदारी
भाजपा ने केवल हरियाणा में ही बदलाव नहीं किया है। पार्टी ने कई राज्यों के प्रदेश महामंत्री (संगठन) और अन्य संगठनात्मक पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। जारी व्यवस्था के अनुसार रविंद्र राजू को असम-त्रिपुरा, फणीन्द्रनाथ शर्मा को उत्तराखंड, पवन राणा को दिल्ली-हरियाणा, सिद्धार्थन को हिमाचल प्रदेश और मंत्री श्रीनिवासुलु को पंजाब-चंडीगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में भी संगठनात्मक पदों पर नए नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। पार्टी के अनुसार ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं।
संगठन महामंत्री की भूमिका अहम
भाजपा में प्रदेश महामंत्री (संगठन) का पद पार्टी के संगठनात्मक संचालन से जुड़ा अहम दायित्व है। इस भूमिका में बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन की गतिविधियों, कार्यकर्ता संपर्क, प्रशिक्षण और पार्टी के आंतरिक समन्वय जैसे काम महत्वपूर्ण होते हैं।
नई नियुक्तियों के बाद हरियाणा में पवन राणा के सामने संगठन को प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक सक्रिय रखने की जिम्मेदारी होगी। वहीं फणीन्द्रनाथ शर्मा को उत्तराखंड में संगठन को संभालना होगा। रविंद्र राजू असम और त्रिपुरा में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन करेंगे।
भाजपा के इस फेरबदल से तीनों नेताओं के कार्यक्षेत्र बदल गए हैं। हरियाणा में पवन राणा की नियुक्ति से दिल्ली के साथ प्रदेश संगठन का दायित्व एक ही नेता के पास आ गया है, जबकि फणीन्द्रनाथ शर्मा को उत्तराखंड और रविंद्र राजू को असम-त्रिपुरा की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने अपने संगठनात्मक ढांचे में नई व्यवस्था लागू की है।
अब इन नियुक्तियों के बाद संबंधित राज्यों में नए संगठन महामंत्रियों की गतिविधियों और प्रदेश नेतृत्व के साथ उनके समन्वय पर ध्यान रहेगा। हरियाणा में पवन राणा की नई भूमिका खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण होगी क्योंकि उन्हें दिल्ली के साथ प्रदेश संगठन का काम भी संभालना है।




