एशियन गेम्स में भारत की झोली में आए 7 और मेडल, एथलेटिक्स से लेकर स्क्वॉश तक दिखा दम; कुल पदक 37 हुए

एशियन गेम्स में भारत की झोली में आए 7 और मेडल, एथलेटिक्स से लेकर स्क्वॉश तक दिखा दम; कुल पदक 37 हुए

एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए आठवां दिन पदकों के लिहाज से काफी अहम रहा। रविवार को भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 7 पदक अपने नाम किए। इनमें एथलेटिक्स से पांच और स्क्वॉश से दो सिल्वर मेडल शामिल रहे। दिन के मुकाबलों के बाद भारत के खाते में अब कुल 37 पदक हो चुके हैं। इनमें 4 गोल्ड, 16 सिल्वर और 17 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।

हालांकि आठवें दिन भारत को कोई गोल्ड मेडल नहीं मिला, लेकिन कई खिलाड़ियों ने पोडियम पर जगह बनाकर देश की पदक संख्या में इजाफा किया। एंसी सोजन और सर्वेश कुशारे ने सिल्वर जीता, जबकि पारुल चौधरी, तेजस्विन शंकर और हरिता भद्रा ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। स्क्वॉश में अनाहत सिंह और अभय सिंह ने भी सिल्वर हासिल किया।

एंसी सोजन ने सिर्फ दो सेंटीमीटर से गंवाया गोल्ड

महिला लॉन्ग जंप फाइनल में एंसी सोजन ने भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 6.53 मीटर की दूरी तक छलांग लगाई और लंबे समय तक गोल्ड की दौड़ में बनी रहीं। मुकाबले का फैसला बेहद करीबी रहा। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने अपने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर एंसी को पीछे छोड़ दिया। इस तरह भारतीय एथलीट महज दो सेंटीमीटर के अंतर से गोल्ड से चूक गईं।

एंसी के लिए यह एशियन गेम्स में लगातार दूसरा सिल्वर मेडल रहा। उनका प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स टीम के लिए दिन की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा। इसी इवेंट में भारत की शाइली सिंह ने भी पदक की उम्मीद जगाई थी, लेकिन अंतिम दौर में चीन की खिलाड़ी के बेहतर प्रदर्शन के कारण वह पोडियम से बाहर हो गईं।

सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में जीता सिल्वर

मेंस हाई जंप में सर्वेश कुशारे ने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। प्रतियोगिता के एक बड़े हिस्से में सर्वेश शीर्ष स्थान की लड़ाई में बने रहे। 2.25 मीटर की ऊंचाई पर वह पहली कोशिश में सफल नहीं हो पाए, जबकि चीनी ताइपे के चाओ शुआन-फू ने पहली ही कोशिश में यह ऊंचाई पार कर ली। इसके बाद मुकाबले का समीकरण बदला और सर्वेश को दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।

सर्वेश का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि हाई जंप में भारत की ओर से पदक की उम्मीद उन्हीं पर टिकी थी। उन्होंने दबाव के बीच 2.25 मीटर का प्रयास सफल किया और पोडियम पर अपनी जगह पक्की की।

पारुल चौधरी ने बनाया नया रिकॉर्ड

महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में पारुल चौधरी ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के खाते में एक और पदक जोड़ा। उन्होंने 9:08.67 सेकेंड का समय निकाला, जो उनका पर्सनल बेस्ट होने के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी रहा। इस प्रदर्शन के साथ पारुल ने इस स्पर्धा में एशियन गेम्स का अपना लगातार दूसरा पदक हासिल किया।

रेस में बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 9:04.36 के समय के साथ गोल्ड जीता, जबकि कजाकिस्तान की नोरा जेरुटो तानुई ने सिल्वर अपने नाम किया। भारत की अंकिता भी इस रेस में उतरीं और उन्होंने 9:19.24 का पर्सनल बेस्ट बनाया, लेकिन वह चौथे स्थान पर रहीं।

पारुल का प्रदर्शन इसलिए खास रहा क्योंकि उन्होंने अपना पिछला स्तर बेहतर करते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया। उनकी इस उपलब्धि ने एथलेटिक्स में भारत के पदकों की संख्या को भी आगे बढ़ाया।

तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में कांस्य जीता

मेंस डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने 7,934 अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। उन्होंने प्रतियोगिता के अंतिम इवेंट 1500 मीटर में 4:33.09 का समय निकालकर अपने अभियान का समापन किया। कुल अंकों के आधार पर वह तीसरे स्थान पर रहे।

जापान के युमा मारुयामा ने 8,123 अंकों के साथ गोल्ड और चीन के चेन शिंगहुआ ने 8,012 अंकों के साथ सिल्वर मेडल जीता। तेजस्विन पिछले एशियन गेम्स में सिल्वर जीत चुके थे, इसलिए इस बार भी उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। हालांकि इस बार उन्हें ब्रॉन्ज से संतोष करना पड़ा।

हरिता भद्रा ने 200 मीटर में कांस्य अपने नाम किया

महिला 200 मीटर दौड़ में हरिता भद्रा ने 23.20 सेकेंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। बेहद करीबी मुकाबले में उन्होंने जापान की इडो अबिगेइरुफुका को महज 0.01 सेकेंड के अंतर से पीछे छोड़ा। इस तरह हरिता ने ट्रैक इवेंट में भारत के पदकों की सूची में एक और ब्रॉन्ज जोड़ दिया।

एथलेटिक्स में रविवार को भारत की ओर से पांच पदक आए। इनमें दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज शामिल रहे। इस तरह एक ही दिन एथलेटिक्स भारतीय दल के लिए सबसे बड़ा पदक स्रोत बना।

स्क्वॉश में अनाहत और अभय ने जीता सिल्वर

स्क्वॉश में भी भारत को दो पदक मिले। महिला वर्ग में अनाहत सिंह और पुरुष वर्ग में अभय सिंह ने अपने-अपने फाइनल में सिल्वर मेडल हासिल किए। दोनों भारतीय खिलाड़ी खिताबी मुकाबले तक पहुंचे, लेकिन फाइनल में जीत दर्ज नहीं कर सके। इसके बावजूद दोनों का प्रदर्शन भारत के लिए महत्वपूर्ण रहा और स्क्वॉश ने दिन के पदकों में दो सिल्वर जोड़े।

अनाहत सिंह के लिए यह उपलब्धि खास रही। उनके प्रदर्शन ने एशियन गेम्स के इस संस्करण में भारतीय स्क्वॉश अभियान को मजबूती दी। अभय सिंह ने भी पुरुष वर्ग में फाइनल तक पहुंचकर भारत के लिए पदक सुनिश्चित किया।

बॉक्सिंग में तीन पदक और पक्के

रविवार को बॉक्सिंग रिंग से भी भारत के लिए अच्छी खबर आई। क्वार्टर फाइनल में जीत दर्ज करने वाले भारतीय मुक्केबाजों ने कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया। अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग में ताजिकिस्तान के नेक्रूज सलीमोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में उज्बेकिस्तान की नवबहोर खामिदोवा को 5-0 से मात दी।

इसके अलावा नरेंदर बरवाल ने भी अपने वर्ग में क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। यानी भारत ने बॉक्सिंग में तीन और पदक सुनिश्चित किए हैं। ये पदक अभी भारत की कुल 37 पदकों की संख्या में शामिल नहीं हैं, क्योंकि क्वार्टर फाइनल जीतने से पदक पक्का हुआ है और मुकाबले आगे खेले जाने हैं।

बैडमिंटन में पीवी सिंधु का सफर खत्म

जहां एथलेटिक्स और स्क्वॉश से पदक मिले, वहीं बैडमिंटन में भारत को निराशा का सामना करना पड़ा। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु महिला सिंगल्स के क्वार्टर फाइनल में चीन की चेन यूफेई से हार गईं। चेन यूफेई ने मुकाबला 11-21, 21-18, 21-10 से अपने नाम किया।

सिंधु ने मुकाबले की शुरुआत अच्छी की और पहला गेम जीत लिया था, लेकिन इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने वापसी करते हुए लगातार दो गेम जीत लिए। इस हार के साथ सिंधु का व्यक्तिगत महिला सिंगल्स अभियान समाप्त हो गया।

भारत के लिए बैडमिंटन में यह दिन मिश्रित नतीजों वाला रहा। कई भारतीय खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल में बाहर हुए, जबकि पुरुष टीम पहले ही सेमीफाइनल में पहुंचकर कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर चुकी है।

मुरली श्रीशंकर की नजर फाइनल पर

मेंस लॉन्ग जंप में मुरली श्रीशंकर ने फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है। उनके साथ डेविड सोलोमन ने भी फाइनल में जगह बनाई। दोनों भारतीय खिलाड़ियों का फाइनल मुकाबला सोमवार को होना है। ऐसे में आठवें दिन के बाद भारतीय दल की नजरें एथलेटिक्स के अगले मुकाबलों पर रहेंगी।

कुल मिलाकर एशियन गेम्स के आठवें दिन भारत ने सात पदक जीतकर अपने अभियान को आगे बढ़ाया। एथलेटिक्स के पांच और स्क्वॉश के दो पदकों ने भारत की कुल संख्या 37 तक पहुंचा दी। अब भारतीय दल के खाते में 4 गोल्ड, 16 सिल्वर और 17 ब्रॉन्ज हैं। साथ ही बॉक्सिंग में तीन और पदक पहले ही सुनिश्चित हो चुके हैं, जिससे आने वाले मुकाबलों को लेकर भारत की पदक तालिका में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।