स्किन पर नहीं आ रहा नेचुरल ग्लो? रोज की ये 5 गलतियां बना सकती हैं चेहरे को बेजान, आज से बदलें आदतें

स्किन पर नहीं आ रहा नेचुरल ग्लो? रोज की ये 5 गलतियां बना सकती हैं चेहरे को बेजान, आज से बदलें आदतें

5 रोजमर्रा की आदतें जो चेहरे का नैचुरल ग्लो कम कर सकती हैं

चेहरे पर नैचुरल ग्लो पाने के लिए ज्यादातर लोग महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट, फेस पैक और तरह-तरह के घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि आपकी रोजमर्रा की कुछ आदतें ही आपकी त्वचा की सेहत को प्रभावित कर रही हों? स्किन को हेल्दी बनाए रखने के लिए सिर्फ बाहर से क्रीम या सीरम लगाना काफी नहीं माना जाता। शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा, खानपान, नींद, पाचन, मौसम और रोज की दिनचर्या भी त्वचा पर असर डालती है। आयुर्वेद में भी त्वचा की देखभाल को केवल बाहरी उपचार तक सीमित नहीं रखा गया है। कुछ ऐसी आदतें हैं जिन्हें कम करने या उनसे बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि वे त्वचा की प्राकृतिक नमी और संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। आइए जानते हैं वे पांच काम कौन से हैं जिन पर आपको खास ध्यान देना चाहिए।

1. चेहरे को बहुत गर्म पानी से धोने की आदत बदलें

ठंड के मौसम में गर्म पानी से नहाना या चेहरा धोना काफी आरामदायक लगता है। कई लोगों को लगता है कि गर्म पानी से चेहरा साफ करने पर धूल, तेल और गंदगी आसानी से निकल जाएगी। हालांकि, चेहरे की त्वचा के लिए बहुत गर्म पानी हमेशा अच्छा विकल्प नहीं होता। ज्यादा तापमान वाला पानी त्वचा की सतह पर मौजूद प्राकृतिक तेल को कम कर सकता है। इससे स्किन में खिंचाव, रूखापन और संवेदनशीलता महसूस हो सकते हैं।

त्वचा की बाहरी परत पर मौजूद प्राकृतिक ऑयल उसकी नमी को बनाए रखने और बाहरी प्रभावों से सुरक्षा देने में भूमिका निभाते हैं। यदि बार-बार बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल किया जाए तो त्वचा की यह प्राकृतिक सुरक्षा कमजोर हो सकती है। खासकर जिन लोगों की स्किन पहले से ड्राई या सेंसिटिव है, उन्हें इस आदत से ज्यादा परेशानी हो सकती है। इसलिए चेहरे को साफ करते समय बहुत गर्म पानी के बजाय सामान्य या हल्के गुनगुने पानी का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। चेहरा धोने के बाद तौलिए से जोर-जोर से रगड़ने के बजाय धीरे से थपथपाकर सुखाएं और त्वचा में थोड़ी नमी रहते हुए मॉश्चराइजर लगाएं।

2. सुबह उठते ही हर किसी को फेसवॉश लगाने की जरूरत नहीं

चेहरा साफ रखने के लिए फेसवॉश जरूरी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को दिन की शुरुआत में अनिवार्य रूप से फेसवॉश या साबुन का इस्तेमाल करना चाहिए। स्किन टाइप और रात के दौरान त्वचा पर जमा तेल की मात्रा अलग-अलग हो सकते हैं। सामान्य या ड्राई स्किन वाले व्यक्ति के लिए कई बार सुबह सिर्फ पानी से चेहरा साफ करना पर्याप्त हो सकता है।

रात के समय त्वचा अपनी प्राकृतिक प्रक्रिया के तहत खुद को रिपेयर करती है। इस दौरान चेहरे पर प्राकृतिक ऑयल की एक हल्की परत मौजूद हो सकती है। यदि सुबह-सुबह उसे बार-बार साबुन या मजबूत क्लेंजर से हटा दिया जाए तो कुछ लोगों में रूखापन और खिंचाव बढ़ सकता है। वहीं, जिन लोगों की त्वचा बहुत ऑयली है या रात में अधिक पसीना आता है, उनके लिए माइल्ड क्लेंजर उपयोगी हो सकता है।

चेहरे की त्वचा के लिए साधारण बॉडी सोप का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि वह चेहरे की जरूरत के मुताबिक तैयार नहीं किया गया होता। स्किन टाइप के अनुसार हल्का क्लेंजर चुनना बेहतर है। दिन के समय बाहर निकलते हैं तो मॉश्चराइजर के साथ सनस्क्रीन का इस्तेमाल भी त्वचा की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

3. मौसम बदलने के साथ स्किनकेयर भी बदलना चाहिए

एक ही स्किनकेयर रूटीन को पूरे साल बिना बदलाव के इस्तेमाल करना हर व्यक्ति के लिए सही नहीं हो सकता। तापमान, नमी, धूप और पसीने में मौसम के साथ बदलाव आते हैं और इनका प्रभाव त्वचा पर भी पड़ता है। गर्मियों में पसीना और ऑयल अधिक हो सकता है, जबकि ठंड के मौसम में त्वचा में नमी की कमी और रूखापन बढ़ सकता है। मानसून में उमस के कारण अलग तरह की त्वचा संबंधी परेशानियां सामने आ सकती हैं।

इसी वजह से मौसम के हिसाब से अपनी स्किन की जरूरतों को समझना जरूरी है। सर्दियों में जरूरत से ज्यादा स्ट्रॉन्ग क्लेंजर का इस्तेमाल करने से ड्राईनेस बढ़ सकती है, जबकि गर्मियों में बहुत भारी मॉश्चराइजर कुछ लोगों की त्वचा को ज्यादा ऑयली महसूस करा सकता है। आयुर्वेद में भी ऋतु के अनुसार दिनचर्या और खानपान में बदलाव पर जोर दिया जाता है।

हालांकि, स्किनकेयर में हर बदलाव केवल आयुर्वेदिक सलाह के आधार पर करने के बजाय अपनी त्वचा की वास्तविक जरूरत को भी देखना चाहिए। यदि किसी प्रोडक्ट से जलन, लालिमा या एलर्जी जैसी समस्या होती है तो उसका इस्तेमाल रोककर विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

4. ग्लो के चक्कर में सुबह एक साथ बहुत ज्यादा पानी न पिएं

सुबह उठकर पानी पीने की आदत को अक्सर हेल्दी रूटीन का हिस्सा माना जाता है। शरीर को पर्याप्त पानी मिलना निश्चित रूप से जरूरी है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर व्यक्ति को सुबह उठते ही कई गिलास पानी जबरदस्ती पीना चाहिए। शरीर की पानी की जरूरत व्यक्ति की उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि, पसीने और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

कुछ लोगों को सुबह गुनगुना पानी पीना आरामदायक लग सकता है, लेकिन पानी की मात्रा को किसी एक तय नियम में बांधना जरूरी नहीं है। पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना ज्यादा महत्वपूर्ण है। एक ही समय पर जरूरत से बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय दिनभर नियमित अंतराल पर पानी लेना बेहतर तरीका हो सकता है।

हाइड्रेशन सिर्फ सादा पानी पीने से ही नहीं मिलता। फल, सब्जियां और अन्य पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ भी शरीर को फ्लूइड और पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। गर्म मौसम या ज्यादा शारीरिक मेहनत के दौरान पसीना अधिक निकलने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत बढ़ सकती है। इसलिए अपनी प्यास और परिस्थितियों के अनुसार पानी लेना चाहिए, न कि केवल त्वचा को चमकाने के लिए जरूरत से ज्यादा पानी पीना चाहिए।

5. केवल क्रीम और सीरम से त्वचा को हेल्दी बनाने की कोशिश न करें

अगर स्किन पर पिंपल्स, रूखापन या डलनेस दिखाई देने लगे तो बहुत से लोग तुरंत नया फेस सीरम, क्रीम या घरेलू नुस्खा तलाशने लगते हैं। बाहरी स्किनकेयर निश्चित रूप से त्वचा की देखभाल में मदद कर सकता है, लेकिन स्वस्थ त्वचा के लिए पूरी दिनचर्या का संतुलित होना भी जरूरी है।

आहार, नींद, शारीरिक गतिविधि और तनाव जैसी चीजें भी शरीर की सामान्य सेहत से जुड़ी हैं और उनका असर त्वचा पर दिखाई दे सकता है। पर्याप्त प्रोटीन शरीर के टिश्यू की मरम्मत के लिए जरूरी है। फल और सब्जियां कई तरह के विटामिन, मिनरल और अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराते हैं। दालें, बीज, मेवे और साबुत अनाज भी संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं।

इसके अलावा, बहुत ज्यादा मीठा, अत्यधिक तला-भुना या अनियमित खानपान कम करना भी सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। पर्याप्त नींद लेना और तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश करना भी रोज की दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं कि हर त्वचा समस्या का कारण खानपान या तनाव ही है, बल्कि त्वचा की देखभाल को पूरी लाइफस्टाइल के संदर्भ में देखना अधिक उचित है।

चेहरे की चमक के लिए क्या करें?

ग्लोइंग स्किन पाने के लिए सबसे पहले एक आसान और नियमित रूटीन अपनाना जरूरी है। चेहरा साफ करने के लिए अपनी त्वचा के अनुसार माइल्ड क्लेंजर चुनें। बहुत गर्म पानी से बचें और त्वचा को धोने के बाद जोर से न रगड़ें। जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइज़र लगाएं और दिन में बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीने को त्वचा के ग्लो का शॉर्टकट न समझें।

इसके साथ ही खाने में मौसमी फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, बीज और मेवे जैसी पौष्टिक चीजों को शामिल किया जा सकता है। पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या भी महत्वपूर्ण हैं। हर बार त्वचा में छोटा बदलाव नजर आने पर नया प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बजाय कुछ समय तक एक सरल रूटीन बनाए रखना बेहतर हो सकता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि आयुर्वेदिक या घरेलू नुस्खे भी हर व्यक्ति पर एक जैसा असर नहीं करते। यदि चेहरे पर लगातार मुंहासे, खुजली, जलन, लालिमा, अचानक पिग्मेंटेशन, सूजन या लंबे समय से रूखापन बना हुआ है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना चाहिए। त्वचा की अच्छी सेहत केवल चेहरे पर प्रोडक्ट लगाने से नहीं, बल्कि सही स्किनकेयर, संतुलित खानपान और स्वस्थ दिनचर्या के संयोजन से बेहतर तरीके से बनाए रखी जा सकती है।